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Hindi News राजस्थान कांग्रेस ने किया बड़ा बदलाव, अजय माकन को बनाया राजस्थान मामलों का प्रभारी महासचिव, अविनाश पांडे को हटाया

कांग्रेस ने किया बड़ा बदलाव, अजय माकन को बनाया राजस्थान मामलों का प्रभारी महासचिव, अविनाश पांडे को हटाया

कांग्रेस आला कमान ने अविनाश पांडे को हटाकर अजय माकन को राजस्थान मामलों का प्रभारी महासचिव नियुक्त किया है।

Ajay Maken appointed General Secretary in charge of Rajasthan- India TV Hindi Image Source : PTI (FILE) Ajay Maken appointed General Secretary in charge of Rajasthan

नई दिल्ली. राजस्थान कांग्रेस में मचा सियासी संग्राम खत्म हो चुका है। कांग्रेस आला कमान ने अब अविनाश पांडे को हटाकर अजय माकन को राजस्थान मामलों का प्रभारी महासचिव नियुक्त किया है। कांग्रेस पार्टी ने राजस्थान कांग्रेस में हाल ही में हुए बवाल को पूरी तरह सुलझाने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में अहमद पटेल, केसी वेणुगोपाल और अजय माकन शामिल हैं।

अजय माकन को हाल ही में पार्टी द्वारा राजस्थान में पर्यवेक्षक के रूप में भेजा गया था ताकि मतभेदों को सुलझाने और राज्य विधानसभा में बहुमत खोने की संभावना से सरकार को बचाया जा सके। वह पहले दिल्ली कांग्रेस प्रमुख थे। राजस्थान में कुछ समय पहले सचिन पायलट और कांग्रेस के 18 विधायकों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बागी तेवर दिखाए थे, जिसके मद्देनजर यह नियुक्ति की गई है। हालांकि पायलट और अन्य विधायकों के फिर से कांग्रेस के साथ आने के बाद बगावत शांत हो गई थी। 

कांग्रेस से जुड़े सूत्रों की मानें तो पायलट को साधने के लिए कांग्रेस आलाकमान ने अविनाश पांडे को हटाया है। राजस्थान में करीब एक महीने तक जारी रहे कांग्रेस के सियासी संग्राम में अविनाश पांडे ने कई ऐसे बयान दिए थे, जो पूरी तरह अशोक गहलोत के पक्ष में दिखाई दे रहे थे, हालांकि दिल्ली में पार्टी आलाकमान किसी भी तरह इस मामले का जल्द से जल्द इस विवाद का अंत चाहता था। राजनीतिक जानकारों की मानें तो पायलट खेमे को विश्वास में लेने के लिए कांग्रेस आलाकमान ने ये बदलाव किया है।

14 अगस्त को गहलोत ने जीता विश्वास मत

आपको बता दें कि राजस्थान विधानसभा में अशोक गहलोत सरकार ने 14 अगस्त को ही विश्वास मत जीता है। विश्वास प्रस्ताव जीतने के बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि उनकी सरकार का विधानसभा में विश्वास मत जीतना कांग्रेस की नीतियों, सिद्धांतों व कार्यक्रमों की जीत है। उन्होंने कहा कि यह जीत उन ताकतों के लिए एक संदेश हैं जो देश में निर्वाचित सरकारों को अस्थिर करने का प्रयास कर रही हैं।