राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के करेड़ा थाना क्षेत्र के बागजणा गांव में बुधवार शाम दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। यहां धर्म तालाब में पशुओं को पानी पिलाते समय मां-बेटे और चचेरे भाई की डूबने से मौत हो गई। भतीजे को बचाने के लिए मां व बेटे ने भी तालाब में छलांग लगाई, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। तीनों की सांसें वहीं थम गईं। इस हादसे के कारण पूरे गांव में मातम छा गया है।
पुलिस ने क्या बताया?
इस घटना को लेकर करेड़ा थाना प्रभारी पूरणमल मीणा ने कहा कि थाना क्षेत्र के बागजणा गांव में बुधवार की शाम धर्म तालाब में पशुओं को पानी पिलाया जा रहा था। इसी दौरान 13 वर्षीय भतीजा सुनील नाथ पशुओं को पानी पिलाने के बाद पानी से बाहर निकलते समय पानी में डूब गया। यहां पास में ही मौजूद 40 वर्षीय लक्ष्मी देवी और लक्ष्मी देवी का 12 वर्षीय बेटा प्रवीण नाथ डूबते हुए भतीजे को बचाने के लिए पानी में उतर गए। हालांकि, तीनों की पानी में डूबने से मौत हो गई।
ग्रामीणों ने पानी से निकाला लेकिन...
दरअसल, पानी पी रहे पशुओं को बाहर निकलते समय दोनों बच्चे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। बच्चों को बचाने के लिए लक्ष्मी देवी ने भी हिम्मत दिखाते हुए छलांग लगाई, लेकिन वह भी पानी की गहराई में समा गई। चरवाहों ने घटना देखी तो तुरंत ग्रामीणों को सूचना दी। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तीनों को तालाब से बाहर निकाला। तत्पश्चात सभी को करेड़ा चिकित्सालय ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
ग्रामीणों ने डॉक्टर पर लगाया आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि हादसे के समय जब वे घायलों को लेकर करेड़ा चिकित्सालय पहुंचे तो डॉक्टर मौके पर मौजूद नहीं थे। फोन करने पर भी चिकित्सक देर से पहुंचे। इस लापरवाही पर आक्रोशित ग्रामीणों और करेड़ा उपप्रधान सुखालाल गुर्जर ने जमकर नाराजगी जताई । वहीं राज्य आपदा राहत कोष से मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की गई। (रिपोर्ट: सोमदत्त त्रिपाठी)
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