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Hindi News राजस्थान Udaipur Kanhaiyalal Murder: अभी भी खौफ में हैं उदयपुर के लोग, कन्हैयालाल की गली में बंद रहती हैं दुकानें, व्यापारी परेशान

Udaipur Kanhaiyalal Murder: अभी भी खौफ में हैं उदयपुर के लोग, कन्हैयालाल की गली में बंद रहती हैं दुकानें, व्यापारी परेशान

Udaipur Kanhaiyalal Murder: जिस गली में कन्हैयालाल की दुकान थी, वहां अघोषित तालाबंदी हो रखी है। जहां पहले इस गली में पैर रखने तक की जगह नहीं होती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। यहां की हवा में उस कांड की चीख अभी भी गूंज रही है।

Kanhaiyalal Murder- India TV Hindi Image Source : FILE Kanhaiyalal Murder

Highlights

  • दो युवकों ने गला रेतकर कर दी थी कन्हैयालाल की हत्या
  • कपड़े सिलवाने के बहाने दुकान में आए थे आरोपी
  • घटना के बाद हत्या की वीडियो खुद की थी वायरल

Udaipur Kanhaiyalal Murder: उदयपुर में हुए कन्हैयालाल के मर्डर के बाद देशभर में माहौल गरमा गया था। देशभर में कई विषयों पर चर्चा चल गई थी। इस हत्याकांड की वजह से राजस्थान की झील नगरी और हर वक्त पर्यटकों से भरा रहने वाला उदयपुर अब सुनसान है। लोगों की बीच डर बना हुआ है। विदेश पर्यटक शहर में आने से खबरा रहे हैं। और जो आ भी रहे हैं, वे सब डर के साए में घूम रहे हैं। शहर एक कई इलाकों में अभी भी कर्फ्यू जैसे हालात हैं।

गली में है अघोषित तालाबंदी 

जिस गली में कन्हैयालाल की दुकान थी, वहां अघोषित तालाबंदी हो रखी है। जहां पहले इस गली में पैर रखने तक की जगह नहीं होती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। यहां की हवा में उस कांड की चीख अभी भी गूंज रही है। इलाके में लगभग 300 दुकानें हैं, जिनमें से ज्यादातर दुकानें बंद हैं। व्यापार बर्बाद हो चुका है। दुकानदारी 90% से ज्यादा गिर चुकी है। कन्हैयालाल की हत्या को 20 से ज्यादा दिन गुजर चुके हैं, लेकिन अभी भी लोग उस मंजर को भुला नहीं सके हैं। मालदास गली में कोई अनजान व्यक्ति आता है तो दुकानदार घबरा उठते हैं। इन्हीं सबके बीच पिछले 2-3 दिनों में इसी गली के कई दुकानदारों को धमकियां दी गई हैं। जिससे इलाके दहशत और भी बढ़ गई है।  

व्यापारी और दुकानदार हैं परेशान  

हत्याकांड से पहले दुकानदारों ने ईद के त्यौहार के लिए माल जमा किया हुआ था। इसके अलावा रक्षाबंधन के लिए भी दुकानदारों ने माल मंगवाया हुआ था। लेकिन घटना की वजह से दुकानें बंद चल रही हैं और माल दुकानों में पड़ा-पड़ा बर्बाद हो रहा है। घटना के बाद जब स्थिति सामान्य सी हो रही थी तब व्यापारियों को उम्मीद थी कि दुकाने खुलेंगी और बाजार में पहेल जैसी रौनक वापस लौटेगी। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। लोग अभी भी उस घटना के खौफ से बाहर नहीं निकल सके हैं। जिससे व्यापारी और भी परेशान हैं। उन्हें चिंता और डर है कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो उनकी लागत भी नहीं निकल पायेगी। 

इन दुकानों और बाजार के भरोसे कई घरों के चूल्हे जलते थे, लेकिन अब वे ठंडे पड़े हुए हैं। दुकानों में काम करने वाले कर्मचारी अब यहां आना ही नहीं चाहते हैं। अगर कोई कर्मचारी आना भी चाहता है तो उनके घर वले उन्हें नहीं आने देते। कन्हैयालाल के बगल में ही टेलर की दुकान चलाने वाले महावीर बताते हैं कि उनके यहां दो लड़के काम करते थे। लेकिन घटना के बाद दोनों नहीं आना चाहते। दोनों के घर वाले काम पर भेजने को राजी नहीं हो रहे हैं। ग्राहकों के आर्डर पहले से ही कम आ रहे हैं लेकिन कामगार न होने की वजह से वे उन्हें भी पूरा नहीं कर पा रहे हैं। वहीं एक अन्य दुकानदार बताते हैं कि पहले यह मार्केट शहर की सबसे व्यस्त जगहों में से एक थी, लेकिन अब दिनभर कोई भी खरीदार नहीं आता है।