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Kalashtami Upay: कालाष्टमी के दिन करें ये उपाय, घर से निगेटिव एनर्जी होगी दूर, काल भैरव दूर करेंगे हर परेशानी

Kalashtami Upay: प्रत्येक महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है। कालाष्टमी के दिन भगवान शंकर के भैरव स्वरूप की उपासना की जाती है। दरअसल भैरव के तीन रूप हैं- काल भैरव, बटुक भैरव और स्वर्णाकर्षण भैरव। कालाष्टमी के दिन इनमें से काल भैरव की उपासना की जाती है।

कालाष्टमी के दिन करें ये उपाय- India TV Hindi
Image Source : FILE IMAGE कालाष्टमी के दिन करें ये उपाय

Kalashtami Upay: 9 फरवरी को कालाष्टमी मनाई जाएगी। इस दिन भगवान शिव के स्वरूप भैरव जी पूजा की जाती है। इस दिन भैरव बाबा की उपासना करने से जीवन की सारी परेशानियों से छुटकारा मिलता है। इसके साथ ही हर भय से मुक्ति मिलती और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। कालाष्टमी का व्रत करने और काल भैरव जी की पूजा करने से अकाल मृत्यु का खतरा टल जाता है। काल भैरव को तंत्र-मंत्र का देवता माना गया है। ऐसे में कालाष्टमी के दिन काल भैरव की उपासना करने से हर तरह की सिद्धि की प्राप्ति होती है। काल भैरव की  उपासना करने से शत्रुओं से भी छुटकारा मिल जाता है। इसके अलावा कालाष्टमी के दिन इन विशेष उपायों को करने से व्यक्ति को करने से सारी समस्याओं का समाधान निकल जाता है। तो आइए जानते हैं कालाष्टमी के दिन किए जाने वाले उपायों के बारे में।

  1. अगर आप अपने जीवन में आनन्द बनाये रखना चाहते हैं, तो कालाष्टमी के दिन आपको अपने दाहिने कान के पीछे काजल का टीका लगाना चाहिए और अपने घर के बड़ों को प्रणाम करना चाहिए।
  2. अगर आप अपने दांपत्य रिश्ते को हर बुरी नजर से बचाये रखना चाहते हैं, तो कालाष्टमी के दिन आपको अपने घर से दूर किसी विरान स्थान पर काला सुरमा लेकर गड्ढे में दबाना चाहिए।

  3. अगर आप अपने बिजनेस को दूर शहरों या विदेशों में फैलाना चाहते हैं। तो उसके लिए कालाष्टमी के दिन किसी भैरव मन्दिर में जाकर भैरव जी को सवा सौ ग्राम साबुत उड़द चढ़ाएं और चढ़ाने के बाद उसमें से 11 उड़द के दाने गिनकर अलग निकाल लें और उन्हें एक काले कपड़े में बांधकर अपने कार्यस्थल पर तिजोरी में रख दें। साथ ही ध्यान रखें कि दानों को कपड़े में रखते समय हर दाने के साथ ये मंत्र पढ़ें। मंत्र है-'ऊँ ह्रीं बटुकाय आपद्उद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ऊँ'।

  4. अगर आप अपने सुख-साधनों में बढ़ोतरी करना चाहते हैं। तो कालाष्टमी के दिन आपको भैरव जी के आगे मिट्टी के दीपक में सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए और दीपक जलाते समय दो बार मंत्र पढ़ना चाहिए। मंत्र है- 'ऊँ ह्रीं बटुकाय आपद्उद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ऊँ।'साथ ही भैरव जी से अपने सुख-साधनों में बढ़ोतरी के लिए प्रार्थना करनी चाहिए।

  5. अगर आपको जीवन में कोई परेशानी है तो उसे अपने जीवन से दूर करने के लिए कालाष्टमी के दिन आपको सरसों के तेल में चुपड़ी हुई एक रोटी लेकर काले कुत्ते को डालनी चाहिए। रोटी पर तेल चुपड़ते समय भैरव का ध्यान करते हुए 5 बार इस मंत्र का जप करना चाहिए। मंत्र है-'ऊँ ह्रीं बटुकाय आपद्उद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ऊँ'।

  6. अगर आपको किसी प्रकार का भय बना रहता है, तो उस भय से छुटकारा पाने के लिए कालाष्टमी के दिन आपको भैरव जी के चरणों में एक काले रंग का धागा रखना चाहिए। उस धागे को 5 मिनट के लिए वहीं पर रखा रहने दीजिये और इस दौरान मंत्र का जप कीजिये। मंत्र है-'ऊँ ह्रीं बटुकाय आपद्उद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ऊँ'। 5 मिनट बाद उस धागे को वहां से उठाकर अपने दायें पैर में बांध लीजिये।

  7. अगर आपको अपने बिजनेस में साझेदार से पूरी तरह सहयोग नहीं मिल पा रहा है, जिससे आपके काम पूरे नहीं हो पा रहे हैं। तो कालाष्टमी के दिन आपको रोटी में शक्कर मिलाकर उसका चूरमा बनाना चाहिए और उससे भैरव बाबा को भोग लगाना चाहिए। साथ ही इस मंत्र का जप करना चाहिए। मंत्र है- 'ऊँ ह्रीं बटुकाय आपद्उद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ऊँ' मंत्र जप के बाद थोड़ा-सा चूरमा प्रसाद के रूप में स्वयं खा लें और बाकी प्रसाद को दूसरे लोगों में बांट दें।

  8. अगर आपके जीवनसाथी को किसी प्रकार की परेशानी बनी हुई है, जिसके कारण आप भी परेशान हैं तो अपनी और अपने जीवनसाथी की परेशानी को दूर करने के लिए कालाष्टमी के दिन आपको स्नान आदि के बाद शिव जी की प्रतिमा के आगे आसन बिछाकर बैठना चाहिए और शिव चालीसा का पाठ करना चाहिए। शिव चालीसा के पाठ के बाद एक बार भैरव के मंत्र का भी जप करना चाहिए। मंत्र है-'ऊँ ह्रीं बटुकाय आपद्उद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ऊँ'

  9. अगर आपको लगता है कि आपके बच्चे के ऊपर किसी ने जादू-टोना करवा रखा है, जिसके असर के चलते आपका बच्चा तरक्की नहीं कर पा रहा है तो कालाष्टमी के दिन एक मुट्ठी काले तिल लेकर, भैरव बाबा का ध्यान करते हुए अपने बच्चे के सिर से सात बार वार दें। ध्यान रहे छः बार क्लॉक वाइज़ और एक बार एंटी क्लॉक वाइज़ वारना है। वारने के बाद उन तिलों को किसी बहते पानी के स्रोत में प्रवाहित कर दें और तिल प्रवाहित करते समय मंत्र का जप करें। मंत्र है- 'ऊँ ह्रीं बटुकाय आपद्उद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ऊँ'।

  10. अगर आप किसी दुविधा में फंसे हुए है और उससे बाहर नहीं निकल पा रहे हैं, तो कालाष्टमी के दिन आपको शमी के पेड़ की जड़ में जल और मन्दिर में सूत का धागा चढ़ाना चाहिए। इसके बाद मन ही मन भैरव जी का ध्यान करके उनके मंत्र का जप करना चाहिए। मंत्र है-'ऊँ ह्रीं बटुकाय आपद्उद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ऊँ'।

  11. अगर आपको लगता है कि आपके घर में निगेटिविटी बहुत अधिक हो गई है, जिसकी वजह से आपके परिवार के लोगों का किसी काम में अच्छे से मन नहीं लगता तो कालाष्टमी के दिन आपको मौली से एक लंबा-सा धागा निकालकर, उसमें सात गांठे लगाकर अपने घर के मेन गेट पर बांधना चाहिए। एक-एक गांठ लगाते समय मंत्र का जप भी करें। मंत्र है-'ऊँ ह्रीं बटुकाय आपद्उद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ऊँ।

  12. अगर आप अपने आर्थिक रूप से लाभ को और अधिक बढ़ाना चाहते हैं। तो कालाष्टमी के दिन आपको स्नान आदि के बाद भैरव जी की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए और उन्हें जलेबी का भोग लगाना चाहिए। साथ ही उनके मंत्र का जप करना चाहिए। मंत्र है-'ऊँ ह्रीं बटुकाय आपद्उद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ऊँ।'

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7:30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

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