Kalashtami Vrat 2026: 9 फरवरी को कालाष्टमी का व्रत किया जाएगा। इस दिन भगवान शिव के भैरव स्वरूप की उपासना की जाती है। कालाष्टमी के दिन किसी पवित्र नदी या सरोवर में स्नान करने के बाद भैरव जी की पूजा करनी चाहिए। जो लोग किसी नदी या तालाब में स्नान के लिए नहीं जा सकते वो घर पर ही अपने स्नान के पानी में पवित्र नदियों का आह्वान करके स्नान कर लें। इस दिन ऐसा करने से आपके जीवन से सारी परेशानियां दूर होंगी, हर प्रकार के भय से छुटकारा मिलेगा और सुख-साधनों में बढ़ोतरी होगी। तो आइए जानते हैं कालाष्टमी पूजा शुभ मुहूर्त, मंत्र और महत्व के बारे में।
फाल्गुन कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का आरंभ 9 फरवरी को पूरा दिन पूरी रात पार कर के 10 फरवरी को सुबह 7 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। कालाष्टमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 21 मिनट से सुबह 6 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। वहीं गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 4 मिनट से शाम 6 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। अमृत काल रात 10 बजकर 4 मिनट से रात 11 बजकर 52 मिनट तक रहेगा।
कालाष्टमी के दिन भगवान शंकर के काल भैरव स्वरूप की उपासना करने से जीवन की सारी परेशानियां दूर हो जाती हैं। साथ ही सभी मनोकामनाओं की भी पूर्ति होती है। इसके साथ ही रोग, भय और जीवन में आने वाली बाधाओं से भी छुटकारा मिलता है ।कालाष्टमी के दिन आपको दिन के समय काले कुत्ते को रोटी भी खिलानी चाहिए, ऐसा करने से भगवान काल भैरव का आशीर्वाद आपको मिलता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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