Ganesh Chaturthi 2022: जनवरी में पड़ने वाले गणेश चतुर्थी पर जहां चांद देखकर पूजा की जाती है वहीं हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश चतुर्थी मनाई जाती है और इस दिन चंद्रमा के दर्शन नहीं किए जाते हैं। इस दिन को कलंक चतुर्थी भी कहा जाता है। इस दिन चंद्रमा का दर्शन करना अशुभ माना जाता है। इसकी वजह कई श्रीगणेश से जुड़े धर्मग्रंथों में है। हिंदू धर्म में हर त्यौहार से कोई न कोई कथा जुड़ी होती है और ऐसी ही एक कथा है गणेश चतुर्थी को लेकर जिसकी वजह से इस दिन चंद्रमा के दर्शन नहीं किए जाते हैं। दरअसल गणेश चतुर्थी की रात चंद्रमा के दर्शन करने से भगवान श्रीकृष्ण पर भी स्यमंतक मणि चुराने का झूठा आरोप लगा था, और इस आरोप से मुक्ति पाने के लिए श्रीकृष्ण को गणेश चतुर्थी का व्रत करना पड़ा था।
गणेश चतुर्थी पर क्यों नहीं किया जाता है चंद्रमा के दर्शन?
धर्म ग्रंथों के मुताबिक जब भगवान गणेश को हाथी का मुख लगाया गया था उस वक्त सभी देवताओं ने उनकी पूजा की और उन्हें उपहार स्वरूप कुछ न कुछ दिया, मगर चंद्रमा गणपति का नया रूप देखकर मंद-मंद मुस्कुराने लगे क्योंकि उन्हें अपनी सुंदरता पर गर्व था। गणेश जी समझ गए कि चांद उनके रूप का मजाक उड़ा रहा है। पहले तो गणेशजी ने इसे अनदेखा कर रहे थे मगर बाद में श्री गणेश को क्रोध आ गया और उन्होंने चंद्रमा को श्राप दे दिया और कहा- जाओ अब से तुम काले हो जाओगे। जैसे ही श्रीगणेश ने ये कहा चंद्रमा की चमक फीकी पड़ गई और काले हो गए। उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ तो उन्होंने गणेशजी से माफी मांगी।
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क्षमा मांगने पर गणेश जी ने उन्हें माफ कर दिया और कहा- सूर्य के प्रकाश से तुम भी चमकोगे। लेकिन गणेश जी ने यह भी कहा कि तुम्हारी गलती से दूसरों को सबक मिले इसलिए चतुर्थी का दिन तुम्हें दंड देने के लिए याद किया जाएगा। इस दिन को याद करके किसी को भी अपने रंग रूप पर गुमान नहीं होगा। इतना ही नहीं अगर कोई भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को तुम्हे देखेगा उस पर चोरी का झूठा आरोप लगेगा। इतना ही नहीं चंद्रमा पर दाग-धब्बे हमेशा रहेंगे।
अगर गलती से चंद्रमा के दर्शन हो जाएं तो क्या करें?
अगर न चाहते हुए भी गलती से आपने आज के दिन चांद देख लिया तो क्या होगा? धर्म ग्रंथों में इसका भी उपाय है। चंद्र दर्शन हो जाए तो इस मंत्र का जाप करें-
सिंह: प्रसेन मण्वधीत्सिंहो जाम्बवता हत:।
सुकुमार मा रोदीस्तव ह्येष: स्यमन्तक:।।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं।