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गणेश चतुर्थी पर 8 महामंत्र का करें जाप, बप्पा बनाएंगे सारे बिगड़े काम

 Written By: Acharya Indu Prakash, Edited By: Sweety Gaur
 Published : Aug 29, 2022 12:48 pm IST,  Updated : Aug 29, 2022 12:48 pm IST

"Ganesh Chaturthi 2022" : गणेश चतुर्थी की तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं। बप्पा के आने में महज एक दिन का समय बचा है। गणेश उत्सव के दौरान भगवान गणेश के आठ विशेष मन्त्रों का जाप करने से आप किसी भी तरह की सिद्धि पा सकते हैं।

Ganesh Chaturthi 2022- India TV Hindi
Ganesh Chaturthi 2022 Image Source : PIXABAY

"Ganesh Chaturthi 2022" : गणेश उत्सव आने को है। 31 अगस्त से बप्पा के दिन शुरू हो रहे हैं। गणपति जी के भक्त धूम-धाम से इस त्योहार को मनाते हैं। इस खास पर्व पर भक्त बप्पा की पूजा करते हैं और अपने घरों में स्थापित भी करते हैं। बप्पा के लिए भक्तों का प्रेम देखने लायक होता है। गणेश जी भी अपने भक्तों को कभी निराश नहीं करते हैं। विधि-विधान के साथ बप्पा की अराधना करने से सभी तरह के संकट से राहत मिलती है। गणेश उत्सव  के दौरान भगवान गणेश के आठ विशेष मन्त्रों का जाप करने से आप किसी भी तरह की सिद्धि पा सकते हैं। चलिए जानते हैं कौन से हैं वो मंत्र...।

 शक्तिविनायक गणपति का मंत्र है-

“ऊँ ह्रीं ग्रीं ह्रीं”

ये चार अक्षर का मंत्र है। इसका पुरस्चरण 4 लाख है। इस मंत्र के जप से खेल और राजनीति में पावर मिलती है।

 “वक्र तुण्डाय हुं।

ये छः अक्षर का मंत्र है। इसका पुरस्चरण 6 लाख जप है। इस मंत्र के जप से मुसीबतों से छुटकारा मिलता है।

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“मेधोल्काय स्वाहा” -

ये भी छः अक्षर का मंत्र है। इसका पुरस्चरण 6 लाख जप है। विद्या प्राप्ति के लिये इस मंत्र का जप करनी चाहिए।

“गं गणपतये नमः”,

ये आठ अक्षर का मंत्र है। इसका पुरस्चरण 8 लाख जप है। सफलता के लिये इस मंत्र का जाप करना चाहिए।

 उच्छिष्ट गणपति नवार्ण मंत्र-
“हस्तिपिशचिलिखे स्वाहा”

यह वाम मार्गिय गणपति साधना का मंत्र है। इसकी जप संख्या एक लाख है। 12 अक्षर का उच्छिष्ट गणपति नवार्ण मंत्र ही बताया गया है। इससे प्यार, पैसा और शोहरत सब कुछ मिलता है।

लक्ष्मीविनायक गणपति का मंत्र है-

“ऊँ श्रीं गं सौम्याय गणपतये वरवरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा”

यह अट्ठाईस अक्षरों का मंत्र है। इसका पुरस्चरण 4 लाख जप है। इन मन्त्र के जप से लक्ष्मी की कमी नहीं रहती ।

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हरिद्रा गणेश मंत्र-
"ऊँ हुंगंग्लौं हरिद्रागणपतये वरवरद सर्वजनह्रदयं स्तम्भय स्तम्भय स्वाहा।"

यह 32 अक्षरों का मंत्र है। इसका पुरस्चरण 4 लाख है। इस मंत्र का जप करने वाले बच्चों को खुशियां मिलती हैं। मनचाहा वर और मनचाही वधु मिलती है।

 त्रैलोक्यमोहन गणेश मन्त्र-
“वक्रतुण्डैकदंष्ट्राय क्ली ह्रीं श्रीं गं गणपतये वरवरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा”-

यह 33 अक्षरों का मंत्र है। इसका पुरस्चरण 4 लाख है। इस मंत्र को सिद्ध करने वाला व्यक्ति अपने मोहक व्यक्तित्व से सारे संसार को अपने वश में कर लेता है।

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं)

 

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