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Makar Sankranti Par Kya Karna Chahiye: मकर संक्रांति के दिन क्या-क्या करते हैं? यहां जानिए स्टेप बाय स्टेप पूरी जानकारी

Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति का त्योहार इस साल 14 और 15 जनवरी दोनों ही दिन मनाया जाएगा। इस दिन स्नान-दान के अलावा खिचड़ी खाने का भी विशेष महत्व माना जाता है। यहां हम आपको बताएंगे मकर संक्रांति पर क्या-क्या करना चाहिए।

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Image Source : PIXABAY मकर संक्रांति पर क्या-क्या करें

Makar Sankranti 2026 Par Kya Kare: शास्त्रों के अनुसार सूर्य जब भी एक से दूसरे राशि में प्रवेश करता है तो इसे संक्रांति कहा जाता है। इस बार कुछ पंचांग में मकर संक्रांति 14 जनवरी, तो वहीं कुछ में 15 जनवरी को बताया गया है। वैसे स्नानदान का ज्यादा महत्व सुबह के समय रहता है। लिहाजा मकर संक्रांति का स्नानदान 15 जनवरी के दिन किया जाना ज्यादा लाभ दायक सिद्ध होगा। लेकिन जो लोग गुरुवार को खिचड़ी नहीं खाते हैं वे 14 जनवरी को ही मकर संक्रांति मनाएंगे। यहां हम आपको बताएंगे मकर संक्रांति के दिन क्या-क्या करते हैं।

  • सुबह करें पवित्र स्नान - सभी संक्रांति पर तीर्थस्थलों पर स्नान और दान का बड़ा ही महत्व है। मकर संक्रांति के दिन गंगा नदी में स्नान का विशेष महत्व है, लेकिन अगर आप वहां जाने में असमर्थ हैं, तो इस दिन घर पर ही सामान्य पानी से स्नान करना चाहिए और हो सके तो, उस जल में थोड़ा–सा पवित्र नदियों का जल मिलाना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति का स्वास्थ्य उत्तम बना रहता है और उसे धन की कोई कमी नहीं होती। इस बात का भी ध्यान रखें कि संक्रांति के दिन दांतों को साफ करके जल में तिल मिलाकर स्नान करना चाहिए या स्नान से पहले तिल का तेल या तिल का उबटन लगाना चाहिए।
  • स्नान के बाद करें दान - कहते हैं संक्रांति के दिन दान दक्षिणा या धार्मिक कार्य का सौ गुना फल मिलता है। कहा भी गया है- माघे मासे महादेव: यो दास्यति घृतकम्बलम। स भुक्त्वा सकलान भोगान अन्ते मोक्षं प्राप्यति॥ इस दिन व्यक्ति को किसी गृहस्थ ब्राह्मण को भोजन या भोजन सामग्रियों से युक्त तीन पात्र देने चाहिए और संभव हो तो यम, रुद्र और धर्म के नाम पर गाय का दान करना चाहिए। यदि किसी के बस में ये सब दान करना नहीं है, तो वह केवल फल का दान करें, लेकिन कुछ न कुछ दान जरूर करें। साथ ही यह श्लोक पढ़ना चाहिए। श्लोक इस प्रकार है- 'यथा भेदं न पश्यामि शिवविष्णवर्कपद्मजान्। तथा ममास्तु विश्वात्मा शंकरः शंकरः सदा।।' इसका अर्थ है- मैं शिव एवं विष्णु तथा सूर्य एवं ब्रह्मा में अन्तर नहीं करता। वह शंकर, जो विश्वात्मा है, सदा कल्याण करने वाला हो।
  • ऐसे करें दान - संक्रांति के दिन काली उड़द की दाल और चावल का दान जरूर किया जाता है। घर की महिलाएं एक थाली में ये दोनों चीजें निकालकर मिक्स कर देती हैं और फिर घर के सभी सदस्य स्नान करने के बाद इस खिचड़ी को स्पर्श करते हैं। फिर इसे किसी ब्राह्मण को दान कर दिया जाता है। 
  • दूसरों को जरूर कराएं भोजन - संक्रांति के दिन उड़द की दाल और चावल के अलावा तिल, चिड़वा, सोना, ऊनी वस्त्र, कम्बल आदि का दान भी बेहद शुभ माना जाता है। दान के बाद बिना तेल वाला भोजन करना चाहिए और यथाशक्ति अन्य लोगों को भी भोजन देना चाहिए।
  • खिचड़ी का करें सेवन - इस दिन काली उड़द की दाल और चावल से बनी खिचड़ी भी जरूर खानी चाहिए। कहते हैं इस खिचड़ी के सेवन से सभी ग्रहों को मजबूती मिलती है।

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