Makar Sankranti 2026 Shubh Muhurat, Snan Ka Samay Live: मकर संक्रांति एक ऐसा त्योहार है जो भारत के लगभग सभी हिस्सों में मनाया जाता है। ये पर्व सूर्य देव को समर्पित है। जब सूर्य देव धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं तब मकर संक्रांति मनाई जाती है। इस त्योहार से सर्दी कम होने लगती है। मकर संक्रांति के दिन ही माघ मेले का पहला शाही स्नान भी होता है। इस संक्रांति पर स्नान-दान का विशेष महत्व माना जाता है। भारत के अलग-अलग हिस्सों में मकर संक्रांति को भिन्न-भिन्न नामों से जाना जाता है। बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में इसे खिचड़ी, पंजाब और हरियाणा में माघी, तमिलनाडु और केरल में पोंगल, पश्चिम बंगाल में पौष संक्रांति, गुजरात और राजस्थान में उत्तरायण तो उत्तराखंड में इसे उत्तरायणी के नाम से जाना जाता है। इस दिन तिल, गुड़, खिचड़ी और दही-चूड़ा का सेवन किया जाता है। इसके अलावा इस दिन कई जगहों पर पतंग भी उड़ाई जाती है। चलिए जानते हैं इस साल मकर संक्रांति किस दिन मनाई जाएगी।
15 जनवरी को मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजे से लेकर दोपहर 1 बजे तक रहेगा। इस मुहूर्त में स्नान-दान और खिचड़ी का सेवन करना बेहद फलदायी रहेगा।
Makar Sankranti 2026 Date Live
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Jan 15, 20268:49 AM (IST)Posted by Laveena Sharma
Makar Sankranti: मकर संक्रांति पर पतंग क्यों उड़ाई जाती है?
पौराणिक कथाओं के अनुसार मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने की शुरुआत मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम ने की थी। कहा जाता है कि उनके द्वारा उड़ाई गई पतंग 'इंद्रलोक' तक पहुंच गई थी। इसी खुशी और परंपरा को याद करते हुए आज भी लोग इस दिन पतंग उड़ाते हैं।
Jan 14, 202610:22 PM (IST)Posted by Vineeta Mandal
Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति पर सूर्य देव होते हैं उत्तरायण
साल भर में कुल बारह संक्रांतियां आती हैं, जिनमें से सूर्य की मकर संक्रांति और कर्क संक्रांति सबसे खास होती है। इन दोनों ही संक्रांति पर सूर्य की गति में बदलाव होता है। जब सूर्य की कर्क संक्रांति होती है, तो सूर्य उत्तरायण से दक्षिणायन होते हैं और जब सूर्य की मकर संक्रांति होती है, तो सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण हो जाते हैं। सीधे शब्दों में कहें तो सूर्य के उत्तरायण होने का उत्सव ही मकर संक्रांति कहलाता है। इसलिए कहीं-कहीं पर मकर संक्रान्ति को उत्तरायणी भी कहते हैं।
Jan 14, 20267:57 PM (IST)Posted by Vineeta Mandal
Makar Sankranti 2026: संक्रांतियों के प्रकार
शास्त्रों में वर्षभर की 12 संक्रांतियां को चार भागों में बांटा गया है- अयन, विषुव, षडशीति – मुख और विष्णुपदी या विष्णुपद संक्रांति। जब सूर्य उत्तरायण से दक्षिणायन और दक्षिणायन से उत्तरायण होता है, यानि सूर्य की मकर और कर्क संक्रांति 'अयन संक्रांति' कहलाती हैं। मेष और तुला संक्रांति को 'विषुव संक्रांति' कहते हैं । इस दौरान रात और दिन बराबर होते हैं। इसके अलावा मिथुन, कन्या, धनु और मीन संक्रांति को 'षडशीति–मुख' जबकि वृष, सिंह, वृश्चिक और कुंभ संक्रांति को 'विष्णुपदी' या 'विष्णुपद' कहते हैं।
Jan 14, 20266:40 PM (IST)Posted by Naveen Khantwal
Makar Sankranti 2026: मां गंगा से जुड़ी है मकर संक्रांति की कथा
धार्मिक मान्यताओं अनुसार मकर संक्रांति के दिन ही गंगाजी भागीरथ के पीछे-पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होते हुए सागर में जा मिली थीं। इसलिए मकर संक्रांति पर गंगा स्नान का विशेष महत्व माना जाता है।
Jan 14, 20266:12 PM (IST)Posted by Naveen Khantwal
Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति पर खिचड़ी दान करने का मुहूर्त 2026
मकर संक्रांति पर खिचड़ी दान करने का शुभ मुहूर्त शाम तक रहेगा। ऐसे में आप किसी भी समय खिचड़ी का दान कर सकते हैं। इस दिन ज्यादा से ज्यादा लोगों को खिचड़ी खिलाना बेहद शुभ माना जाता है।
Jan 14, 20265:19 PM (IST)Posted by Naveen Khantwal
Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति पर एकादशी का पारण समय 2026
15 जनवरी को षटतिला एकादशी का पारण समय सुबह 07:15 से 09:21 बजे तक रहेगा। पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय रात 08:16 बजे का है।
Jan 14, 20264:27 PM (IST)Posted by Naveen Khantwal
Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति मुहूर्त 2026
मकर संक्रांति पर स्नान-दान का शुभ मुहूर्त सूर्योदय से लेकर दोपहर 1 बजे तक रहेगा। इस समय पर आप स्नान करके सूर्य देव को जल चढ़ाएं। साथ ही खिचड़ी का दान और सेवन भी करें।
Jan 14, 20263:53 PM (IST)Posted by Naveen Khantwal
Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति पर खरमास का हो जाता है अंत
मकर संक्रांति पर खरमास खत्म हो जाता है। जिससे सभी तरह के शुभ और मांगलिक कार्यों की फिर से शुरुआत हो जाती है। खरमास तब लगता है जब सूर्य देव धनु राशि में प्रवेश करते हैं।
Jan 14, 20263:12 PM (IST)Posted by Naveen Khantwal
Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति 2026 पर मनाए जाने वाले त्योहार
मकर संक्रांति से नई फसल बोई जाती है। ऐसे में किसान फसल की कटाई के बाद मकर संक्रांति को पूरे उत्साह के साथ मनाते हैं। देश के भिन्न-भिन्न हिस्सों में मकर संक्रांति को अलग-अलग रूपों में मनाया जाता है। गुजरात में इसे उत्तरायण के नाम से मनाया जाता है तो वहीं दक्षिण भारत में इसे पोंगल के रूप में मनाया जाता है। पोंगल किसानों का मुख्य त्योहार है जिसे धान की फसल कटने के बाद किसान अपनी खुशी को प्रकट करने के लिए मानते हैं। बिहार और उत्तर प्रदेश के कई जगहों पर इसे खिचड़ी पर्व के नाम से जाना जाता है।
Jan 14, 20262:21 PM (IST)Posted by Laveena Sharma
मकर संक्रांति पर खिचड़ी का महत्व
मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाने और दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। इतना ही नहीं दरिद्रता भी दूर हो जाती है। साथ ही सूर्य देव और शनिदेव की विशेष कृपा मिलती है। धन-धान्य में वृद्धि और घर में सुख-शांति का वास रहता है।
Jan 14, 20261:52 PM (IST)Posted by Laveena Sharma
मकर संक्रांति पर खिचड़ी बनाने का मुहूर्त 2026 (Makar Sankranti Par Khichdi Banane ka Muhurat 2026)
मकर संक्रांति पर खिचड़ी बनाने का शुभ मुहूर्त 15 जनवरी 2026 की सुबह 5 बजे से लेकर दोपहर 1 बजे तक रहेगा। इस दौरान खिचड़ी बनाकर सूर्य देव और अन्य देवी-देवताओं को उसका भोग लगाएं। फिर खुद भी इसका सेवन करें। अगर आप 14 तारीख को मकर संक्रांति मना रहे हैं तो दोपहर 3 बजकर 13 मिनट के बाद आप खिचड़ी का सेवन और दान कर सकते हैं।
Jan 14, 20261:14 PM (IST)Posted by Laveena Sharma
Makar Sankranti Bhajan: संक्रांति का दिन आया बधाई हो लिरिक्स
आज खुशियों भरा दिन आया बधाई हो बधाई सबको,
संक्रांति का दिन आया बधाई हो बधाई सबको,
आज भक्ति का दान मांगे हम, आखरी दम तक सेवा करें हम,
श्री चरणों का मिला है सहारा, बधाई हो बधाई सबको,
आज खुशियों भरा दिन आया.....
प्रभु के प्यार का दीप जलाए, प्यारी छवि को दिल में बसाए,
प्रेमियों ने आनंद पाया बधाई हो बधाई सबको,
आज खुशियों भरा दिन आया.....
दासन दास की अर्जी ये सुन लो, भक्ति प्रेम से झोलियां भर दो,
सबने आनंद पाया बधाई हो बधाई सबको,
आज खुशियों भरा दिन आया.....
Jan 14, 202612:45 PM (IST)Posted by Laveena Sharma
Makar Sankranti Puja Vidhi: मकर संक्रांति पूजा विधि
सूर्योदय से पहले उठें और पवित्र नदी के जल में स्नान करें। यदि आपके लिए नदी या तालाब में स्नान करना संभव नहीं है, तो नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें और माथे पर रोली का तिलक लगाएं।
इसके बाद सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें।
भगवान सूर्य का पूजन करें और उन्हें तिल के लड्डू या खिचड़ी का प्रसाद के रूप में भोग लगाएं।
फिर सूर्य चालीसा या कवच का पाठ करें।
अंत में सूर्य देव की आरती करें।
इसके बाद अपने सामर्थ्य के अनुसार दान करें।
Jan 14, 202612:18 PM (IST)Posted by Laveena Sharma
14 January Ko Makar Sankranti Ka Muhurat: आज मकर संक्रांति का मुहूर्त
14 जनवरी को मकर संक्रांति का पुण्य काल दोपहर 03:13 से शाम 05:45 बजे तक रहेगा।
Jan 14, 202611:50 AM (IST)Posted by Laveena Sharma
Makar Sankranti Food: मकर संक्रांति पर क्या नहीं खाना चाहिए
मकर संक्रांति पर मांसाहारी भोजन नहीं खाना चाहिए। इस दिन खाने में लहसून प्याज का सेवन करने से बचना चाहिए। इस दिन शुद्ध और सात्विक खाना खाने का विशेष महत्व माना गया है।
Jan 14, 202611:35 AM (IST)Posted by Laveena Sharma
Makar Sankranti: मकर संक्रांति किसलिए मनाई जाती है?
मकर संक्रांति सूर्य देव की उपासना का पर्व है। इस दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं साथ ही उत्तरायण हो जाते हैं। कहते हैं इस शुभ अवसर पर स्नान-दान करने से खूब पुण्य की प्राप्ति होती है।
Jan 14, 202611:01 AM (IST)Posted by Laveena Sharma
मकर संक्रांति कथा (Makar Sankranti Katha)
मकर संक्रांति की कथा सूर्य देव और उनके पुत्र शनि से जुड़ी है। कथा के अनुसार सूर्यदेव की दो पत्नियां हैं। एक का नाम छाया है तो दूसरी का नाम संज्ञा। जब संज्ञा का सूर्य देव से विवाह हुआ तो वे सूर्य का तेज सहन नहीं कर पाती थीं जिसके समाधान के लिए वह अपनी छाया को सूर्य के पास छोड़कर तपस्या के लिए वन चली गईं। छाया से सूर्य देव को जिस पुत्र की प्राप्ति हुई उसका नाम शनि रखा गया है। इसके बाद संज्ञा से धर्म और न्याय के देवता यमराज का जन्म हुआ। पूरी कथा पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
Jan 14, 20269:53 AM (IST)Posted by Laveena Sharma
Makar Sankranti 2026: क्या है संक्रांति
शास्त्रों में वर्षभर की 12 संक्रांतियां को चार भागों में बांटा गया है- अयन, विषुव, षडशीति – मुख और विष्णुपदी या विष्णुपद संक्रांति। जब सूर्य उत्तरायण से दक्षिणायन और दक्षिणायन से उत्तरायण होता है, यानि सूर्य की मकर और कर्क संक्रांति 'अयन संक्रांति' कहलाती हैं। मेष और तुला संक्रांति को 'विषुव संक्रांति' कहते हैं । इस दौरान रात और दिन बराबर होते हैं। इसके अलावा मिथुन, कन्या, धनु और मीन संक्रांति को 'षडशीति–मुख' जबकि वृष, सिंह, वृश्चिक और कुंभ संक्रांति को 'विष्णुपदी' या 'विष्णुपद' कहते हैं।
Jan 14, 20268:56 AM (IST)Posted by Laveena Sharma
Makar Sankranti 2026 Khichdi: मकर संक्रांति पर खिचड़ी का सेवन क्यों करना चाहिए?
इस दिन काली उड़द की दाल और चावल से बनी खिचड़ी भी जरूर खानी चाहिए। कहते हैं इस खिचड़ी के सेवन से सभी ग्रहों को मजबूती मिलती है।
Jan 14, 20268:30 AM (IST)Posted by Laveena Sharma
Makar Sankranti: 15 जनवरी को क्यों मनाई जानी चाहिए मकर संक्रांति
गोरखपुर के प्रख्यात पंडित सुजीत जी महाराज के अनुसार मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को मनाना ज्यादा उचित रहेगा क्योंकि इस दिन सूर्योदय के समय सूर्य मकर राशि में रहेंगे। शास्त्रों अनुसार जब सूर्य की प्रथम उदित किरणें मकर राशि को स्पर्श करती हैं तब मकर संक्रांति मनाई जाती है और ऐसा 15 जनवरी 2026, गुरुवार को हो रहा है। तो वहीं दूसरी तरफ 14 जनवरी को एकादशी है इस लिहाज से भी मकर संक्रांति 15 जनवरी को ही मनाई जानी चाहिए क्योंकि एकादशी के दिन कई लोग चावल नहीं खाते हैं।
Jan 14, 20267:38 AM (IST)Posted by Laveena Sharma
Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति क्यों मनाते हैं
मकर संक्रांति का पर्व सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस दिन से सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण हो जाते हैं, यानी सूर्य की गति उत्तर दिशा की ओर हो जाती है। इसी कारण इसे उत्तरायण पर्व भी कहा जाता है।
Jan 14, 20267:14 AM (IST)Posted by Laveena Sharma
Makar Sankranti 2026: गंगा सागर आया करो हर हर गंगे बुलाया करो मकर संक्रांति भजन
मकर संक्रांति इस बार 14 और 15 जनवरी दोनों ही दिन मनाई जाएगी। मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त 14 जनवरी की दोपहर 3 बजकर 13 मिनट से शुरू होकर 15 जनवरी की दोपहर 1 बजे तक रहेगा।
Jan 13, 20269:38 PM (IST)Posted by Arti Azad
Makar Sankranti 2026 Khichdi: मकर संक्रांति की खिचड़ी बनाते समय न करें ये गलती
मकर संक्रांति की खिचड़ी बनाते समय उसमें लहसुन-प्याज भूलकर भी न डालें क्योंकि इस खिचड़ी का भगवान को भोग लगता है। इसके अलावा इस दिन उड़द की दाल की ही खिचड़ी बनाई जाती है।
Jan 13, 20269:22 PM (IST)Posted by Arti Azad
Makar Sankranti 2026 Khichdi Samagri: मकर संक्रांति की खिचड़ी बनाने की सामग्री
चावल
उड़द की छिलके वाली दाल
घी
नमक
हल्दी पाउडर
जीरा
हरी मिर्च
अदरक
हरी मटर के दाने
हरा धनियां
हींग
हरी मटर के दाने
हरा धनियां
हींग
Jan 13, 20267:35 PM (IST)Posted by Vineeta Mandal
Makar Sankranti 2026 Khichdi: मकर संक्रांति की खिचड़ी बनाते समय न करें ये गलती
मकर संक्रांति की खिचड़ी बनाते समय उसमें लहसुन-प्याज भूलकर भी न डालें क्योंकि इस खिचड़ी का भगवान को भोग लगता है। इसके अलावा इस दिन उड़द की दाल की ही खिचड़ी बनाई जाती है।
Jan 13, 20265:59 PM (IST)Posted by Vineeta Mandal
Makar Sankranti 2026 Snan Muhurat: मकर संक्रांति पर स्नान का शुभ मुहूर्त
मकर संक्रान्ति पुण्य काल - 03:13 पी एम से 05:45 पी एम
मकर संक्रान्ति महा पुण्य काल - 03:13 पी एम से 04:58 पी एम
Jan 13, 20264:32 PM (IST)Posted by Vineeta Mandal
Makar Sankranti 2026 Color: मकर संक्रांति पर किस रंग के कपड़े पहनें
मकर संक्राति पर पीले, हरे, लाल, गुलाबी, गोल्डन और केसरिया रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। इन रंगों के कपड़े पहनने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
Jan 13, 20263:06 PM (IST)Posted by Laveena Sharma
Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति का उपाय
अगर आप अपने आस-पास पॉजिटिव ऊर्जा में बढ़ोतरी करना चाहते हैं, तो आपको सूर्यदेव को जल अर्पित करना चाहिए और जल अर्पित करते समय सूर्यदेव के इस मंत्र का जप करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है- ऊँ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्याय श्रीं।
Jan 13, 20262:46 PM (IST)Posted by Laveena Sharma
Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति पर क्या दान करना चाहिए
मकर संक्रांति पर तिल, गुड़, मूंगफली, अन्न, कंबल और वस्त्र इत्यादि चीजों का दान बेहद शुभ माना जाता है।
Jan 13, 20261:19 PM (IST)Posted by Laveena Sharma
Makar Sankranti Khichdi Recipe: मकर संक्रांति पर खिचड़ी कैसे बनाएं?
चावल और काली उड़द की दाल को साफ करके 20–30 मिनट के लिए भिगो दें।
फिर कुकर या भारी बर्तन में घी गरम करें।
उसमें जीरा और हींग डालें।।
इसके बाद अदरक डालकर हल्का भूनें, फिर हल्दी डालें।
भीगे हुए चावल और दाल डालकर 1–2 मिनट चलाएं।
अब पानी और नमक डालें।
कुकर में 3–4 सीटी लगाएं।
ढक्कन खोलकर खिचड़ी को अच्छे से मिलाएं।
तैयार है आपके लिए मकर संक्रांति की खिचड़ी।
Jan 13, 202612:50 PM (IST)Posted by Laveena Sharma
Makar Sankranti: मकर संक्रांति पर दान का महत्व
कहते हैं संक्रांति के दिन दान दक्षिणा या धार्मिक कार्य का सौ गुना फल मिलता है। कहा भी गया है- माघे मासे महादेव: यो दास्यति घृतकम्बलम। स भुक्त्वा सकलान भोगान अन्ते मोक्षं प्राप्यति॥ इस दिन व्यक्ति को किसी गृहस्थ ब्राह्मण को भोजन या भोजन सामग्रियों से युक्त तीन पात्र देने चाहिए और संभव हो तो यम, रुद्र और धर्म के नाम पर गाय का दान करना चाहिए। यदि किसी के बस में ये सब दान करना नहीं है, तो वह केवल फल का दान करें, लेकिन कुछ न कुछ दान जरूर करें। साथ ही यह श्लोक पढ़ना चाहिए। श्लोक इस प्रकार है- 'यथा भेदं न पश्यामि शिवविष्णवर्कपद्मजान्। तथा ममास्तु विश्वात्मा शंकरः शंकरः सदा।।' इसका अर्थ है- मैं शिव एवं विष्णु तथा सूर्य एवं ब्रह्मा में अन्तर नहीं करता। वह शंकर, जो विश्वात्मा है, सदा कल्याण करने वाला हो।
Jan 13, 202612:02 PM (IST)Posted by Laveena Sharma
Makar Sankarati 2026: मकर संक्रांति के अन्य नाम
मकर संक्रांति का पर्व विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में मनाया जाता है। तो वहीं इस दिन तमिलनाडु में इसे पोंगल के रूप में मनाया जाता है। जबकि गुजरात में उत्तरायण और पश्चिम उत्तर प्रदेश और बिहार में खिड़की के नाम से भी मनाया जाता है। असम में इस पर्व को माघ बिहू कहा जाता है।
Jan 13, 202611:26 AM (IST)Posted by Laveena Sharma
Makar Sankranti: मकर संक्रांति पर स्नान-दान का महत्व
सभी संक्रांति पर तीर्थस्थलों पर स्नान और दान का बड़ा ही महत्व है। मकर संक्रांति के दिन गंगा नदी में स्नान का विशेष महत्व है, लेकिन अगर आप वहां जाने में असमर्थ हैं, तो इस दिन घर पर ही सामान्य पानी से स्नान करना चाहिए और हो सके तो, उस जल में थोड़ा–सा पवित्र नदियों का जल मिलाना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति का स्वास्थ्य उत्तम बना रहता है और उसे धन की कोई कमी नहीं होती ।
Jan 13, 202611:16 AM (IST)Posted by Laveena Sharma
Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती है?
कहा जाता है कि इस दिन भगवान सूर्य अपने पुत्र शनि से मिलने स्वयं उसके घर यानी मकर राशि में जाया करते हैं। अत: इस दिन को मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता है।
Jan 13, 202611:00 AM (IST)Posted by Laveena Sharma
Makar Sankranti 2026: क्यों 15 तारीख को मकर संक्रांति मनाएं?
15 तारीख को मकर संक्रांति मनाना इसलिए उचित माना जा रहा है क्योंकि इस दिन सूर्योदय के समय सूर्य मकर राशि में रहेंगे। शास्त्रों अनुसार जब सूर्य की प्रथम उदित किरणें मकर राशि को स्पर्श करती हैं तब मकर संक्रांति मनाई जाती है।
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