ऐरेका पाम (Areca Palm) लंबे, गुच्छों में उगने वाले पौधा हैं, जिनके तने चिकने होते हैं और पत्तियां बांस के गुच्छों की तरह निकली होती हैं। बालकनी में इस पौधे को लगाने से सिर्फ हवा ही अच्छी नहीं आती है बल्कि हरियाली के साथ घर की शोभा भी बढ़ जाती है। इस पौधे की सबसे खास बात यह होती है कि इसकी बहुत ज़्यादा देखरेख नहीं करनी पड़ती। चलिए जानते हैं इसे घर पर कैसे लगाएं और देखभाल के टिप्स।
ऐरेका पाम लगाने के टिप्स:
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मिट्टी: एरिका पाम को ऐसी मिट्टी की ज़रूरत होती है जिसमें से पानी आसानी से निकल जाए और जो थोड़ी अम्लीय से लेकर न्यूट्रल प्रकृति की हो। पर्लाइट, मोटी रेत और पीट मॉस से बनी एक अच्छी क्वालिटी की पॉटिंग मिक्स का इस्तेमाल करने के बारे में सोचें।
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खाद: ऐरेका पाम को बहुत ज़्यादा पोषक तत्वों की ज़रूरत होती है, इसलिए वसंत से लेकर पतझड़ की शुरुआत तक इसे खाद देना ज़रूरी है। घर के बाहर लगे पौधों के लिए, धीरे-धीरे असर करने वाली ऐसी खाद का इस्तेमाल करें जिसमें नाइट्रोजन और पोटैशियम की मात्रा ज़्यादा हो। खाद की मात्रा कितनी बार देनी है, इसके लिए लेबल पर दिए गए निर्देशों का पालन करें।
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धूप छनकर आए: एरेका पाम को छनी हुई धूप पमें रखें। सीधी और तेज धूप पत्तियों को झुलसा सकती है और उन पर भूरे धब्बे या पीलेपन का कारण बन सकती है। घर के अंदर, एरिका पाम दक्षिण या पश्चिम की ओर वाली खिड़की से आने वाली तेज़ रोशनी में सबसे अच्छे से बढ़ते हैं।
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पानी: एरेका के पौधे को लगातार नम मिट्टी की ज़रूरत होती है, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि आप इन्हें ज़रूरत से ज़्यादा पानी न दें। पौधे को तभी पानी दें जब ऊपरी मिट्टी सूखी हुई लगे।
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धूल हटाए: एरेका पाम के पत्तों पर काफी धूल जम सकती है, लेकिन इतने सारे पतले पत्तों की धूल साफ करना थोड़ा मुश्किल होता है। पूरे पौधे को शॉवर के नीचे ले जाएं और एक अलग होने वाले शॉवर नोज़ल से उस पर पानी की बौछार करें। इसे टपककर सूखने दें, फिर इसे वापस इसकी जगह पर रख दें।
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तापमान और नमी: घर के अंदर हो या बाहर, अरेका पाम 70° से 80° के औसत तापमान में सबसे अच्छे से बढ़ते हैं। अच्छे नतीजों के लिए इसे केवल वहीं लगाया जाना चाहिए जहाँ बाहर का तापमान हमेशा 50° से ऊपर रहता हो।
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छँटाई: इन पाम के पौधों को ज़्यादा छँटाई या कटाई-छँटाई की ज़रूरत नहीं होती है। अरेका पाम खुद-ब-खुद साफ़ होने वाला पौधा है, जिसका मतलब है कि इसकी भूरी पत्तियाँ आमतौर पर अपने आप ही झड़ जाती हैं।