April Panchak 2026: हिंदू धर्म में पंचक को अशुभ समय माना गया है। हर माह में 5 दिन ऐसे होते हैं जिनमें कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। पंचक कई प्रकार के होते हैं जिनमें कुछ शुभ पंचक भी होते हैं। ज्योतिष शास्त्र में राज पंचक को सकारात्मक माना गया है। अप्रैल में राज पंचक लगने वाला है। तो आइए जानते हैं कि अप्रैल में राज पंचक कब से लगने वाला है। साथ ही जानेंगे कि पंचक के दौरान कौनसे काम नहीं करने चाहिए। तो आइए जानते हैं अप्रैल में लगने वाले पंचक के बारे में।
अप्रैल 2026 में पंचक कब से कब तक रहेगा?
13 अप्रैल 2025, सोमवार से पंचक की शुरुआत होने वाली है। 13 को सुबह 3 बजकर 44 मिनट से पंचक का आरंभ हो जाएगा। पंचक का समापन 17 अप्रैल 2026 को दोपहर 12 बजकर 2 मिनट पर होगा। बता दें कि जब पंचक सोमवार से शुरू होता है तब उसे राज पंचक कहा जाता है।
राज पंचक के बारे में
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राज पंचक को समृद्धि और वैभव देने वाला माना जाता है। कहा जाता है कि राज पंचक के दौरान किए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है। राज पंचक को जमीन-जायदाद और संपत्ति की खरीद-बिक्री के लिए बहुत ही अधिक शुभ और फलदायी माना जाता है।
पंचक के दौरान न करें ये काम
- पंचक में लकड़ी से जुड़े कार्य नहीं करने चाहिए।
- पंचक में घर की छत नहीं बनवाना चाहिए।
- पंचक के दौरा पलंग या चारपाई बनवाना भी वर्जित माना गया है।
- पंचक में दक्षिण दिशा की यात्रा करने की मनाही है।
- पंचक के दौरान लकड़ी भी नहीं खरीदना चाहिए।
- पंचक में शादी-विवाह, सगाई, मुंडन, नामकरण जैसे शुभ और मांगलिक कार्य भी नहीं करना चाहिए।
पंचक कितने प्रकार के होते हैं?
पंचक पांच प्रकार के होते हैं, जिनके नाम है- रोग पंचक, राज पंचक, अग्नि पंचक, चोर पंचक, मृत्यु पंचक।
- रोग पंचक- जब पंचक रविवार से शुरू होता है तब रोग पंचक होता है। ये पंचक अशुभ माना जाता है।
- राज पंचक- जब पंचक की शुरुआत सोमवार से होती है तब राज पंचक लगता है। यह शुभ पंचक माना गया है।
- अग्नि पंचक- जब पंचक का आरंभ मंगलवार से होता है तब उसे अग्नि पंचक कहते हैं। यह पंचक अशुभ होता है।
- चोर पंचक- पंचक की शुरुआत जब शुक्रवार से होती है तब चोर पंचक लगता है। चोर पंचक अशुभ माना गया है।
- मृत्यु पंचक- यह पंचक सबसे अधिक अशुभ और कष्टकारी माना गया है। शनिवार से शुरू होने वाले पंचक को मृत्यु पंचक कहते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
यह भी पढ़ें:
Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती के दिन इन 3 मंत्रों का करें जाप, धन-दौलत की होगी प्राप्ति, समस्याओं से भी मिलेगा छुटकारा
Mangal Gochar 2026: मंगल करने वाले हैं मीन राशि में प्रवेश, इन 4 राशियों का शुरू होगा गोल्डन टाइम