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Hindi News धर्म South West Direction Vastu: दक्षिण-पश्चिम दिशा क्यों मानी जाती है सबसे मजबूत? जानें इस दिशा से जुड़ा खास वास्तु रहस्य

South West Direction Vastu: दक्षिण-पश्चिम दिशा क्यों मानी जाती है सबसे मजबूत? जानें इस दिशा से जुड़ा खास वास्तु रहस्य

Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में आज हम दक्षिण-पश्चिम दिशा के बारे में बात करेंगे। वास्तु शास्त्र के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम दिशा को ऊंचा और मजबूत रखना चाहिए। इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी बताया गया है, जो घर में ऊर्जा संतुलन से जुड़ा है। घर बनवाते समय दक्षिण-पश्चिम दिशा को लेकर कुछ बातों का ध्यान रखें।

South West Direction Vastu- India TV Hindi Image Source : FREEPIK दक्षिण-पश्चिम दिशा क्यों मानी जाती है सबसे मजबूत?

South West Direction Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में हर दिशा का अपना महत्व बताया गया है। आज चर्चा दक्षिण-पश्चिम दिशा की, जिसे घर में स्थिरता और मजबूती की दिशा माना जाता है। आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार, यह दिशा भारी सामान रखने के लिए सबसे उपयुक्त होती है। घर बनाते समय अगर इस दिशा से जुड़े कुछ नियमों का पालन किया जाए तो सकारात्मक ऊर्जा और संतुलन बनाए रखा जा सकता है। तो चलिए जानते हैं दक्षिण-पश्चिम दिशा से जुड़े कौन-कौन से जरूरी नियम बताए गए हैं। 

दक्षिण-पश्चिम दिशा क्यों है खास?

वास्तु शास्त्र में दक्षिण-पश्चिम दिशा को स्थिरता की दिशा माना गया है। दक्षिण-पश्चिम दिशा को भारी सामान रखने के लिये सबसे उचित दिशा माना जाता है। कहा जाता है कि इस दिशा में भारी सामान रखने से घर में मजबूती और संतुलन बना रहता है। इसलिए अलमारी, तिजोरी, फर्नीचर या अन्य भारी वस्तुएं इसी हिस्से में रखना शुभ माना जाता है।

घर बनवाते समय इस बात का रखें ध्यान

घर बनवाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि दक्षिण-पश्चिम हिस्सा बाकी हिस्सों से थोड़ा ऊंचा हो। साथ ही इस दिशा की दीवारें अन्य दिशाओं की तुलना में मोटी बनाई जानी चाहिए। अगर घर में सीढ़ियां बनवानी हों तो उन्हें भी इसी दिशा में बनाना बेहतर माना गया है। आप चाहें तो यहां स्टोर रूम भी बना सकते हैं, जिसे भारी सामान रखने के लिये उपयोग में लाना चाहिए।

वैज्ञानिक कारण भी है मौजूद

इस दिशा को भारी सामान रखने के लिये क्यों उपयोग में लाना चाहिए, इसके पीछे एक साइंटिफिक फैक्ट भी है। इसके पीछे दिए गए वैज्ञानिक तर्क के मुताबिक, पृथ्वी जब सूर्य की परिक्रमा दक्षिण दिशा में करती है तो पृथ्वी एक विशेष कोणीय स्थिति में होती है, लेकिन दक्षिण दिशा में भार रखने से वह संतुलन में आ जाती है। साथ ही इस दिशा में गर्मियों में ठंडक और सर्दियों में हल्की गर्माहट बनी रहती है, जिसके चलते भारी सामान की ऊर्जा में भी संतुलन बना रहता है।

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

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