नयी दिल्ली: क्रिकेट बॉल से छेड़छाड़ का ताज़ा मामला इन दिनों एक बार फिर चर्चा में है. केपटाउन टेस्ट के चौथे दिन गेंद से छेड़छाड़ के मामले ने इतना तूल पकड़ा कि आईसीसी ने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ पर 1 मैच बैन और मैच फीस पर 100 फीसदी जुर्माना लगाया है. वहीं युवा खिलाड़ी कैनरुन बैनक्रॉफ्ट पर मैच फीस का 75 फीसदी जुर्माना और बॉल टैंपरिंग के लिए उनके 3 डिमैरिट प्वाइंट जुड़ गए हैं.
ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी कैमरन बैंक्रॉफ्ट को गेंद से छेड़छाड़ करते देखा गया था. फील्डिंग के दौरान बैंक्रॉफ्ट के हाथों में कोई चीज देखी गई जिसके बाद अंपायरों ने उनसे बात की। बैंक्रॉफ्ट को कई बार वो चीज़ गेंद में लगाते और घिसते देखा गया जो कैमरे पर भी कैद हो गई.
क्या होती बॉल टैंपरिंग यानी गेंद से छेड़छाड़
क्रिकेट के नियमों के अनुसार बॉल की कंडीशन ठीक की जा सकती है लेकिन कुछ हद तक ही. बॉल को चमकाया जा सकता है लेकिन वैसलिन, तेल अथवा किसी अन्य पदार्थ से चमकाना मना है. इसके अलावा किसी और तरीके से बॉल की कंडीशन को बदलना ग़ैरक़ानूनी है. नियमों के बावजूद बॉल से छेड़छाड़ जारी है जो कभी तो जानबूझकर की जाती है और कभी ग़लती से हो जाती है. यहां तक कि अगर फ़ील्डर विकेटकीपर को बॉल देते समय जानबूझकर बॉल को पिच पर टप्पा खिलाता है तो अंपायर उसे चेतावनी दे सकता है. बाल को टप्पा खिलाने से बॉल की कंडीशन बदल सकती है.
ये है क्रिकेट बॉल से छेड़छाड़ की धटनाएं
जेब में रेत/मिट्टी (1994)
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइक आथर्टन ने 1994 में दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ लॉर्ड्स टेस्ट में बॉल के साथ छेड़छाड़ की थी. उन्होंने अपने जेब में रेत/मिट्टी रखी थी जिसे वह बॉल पर घिसकर बॉल की कंडीशन बदलते थे. उनकी ये हरकत पकड़ में आ गई थी हालंकि उनकी कप्तानी तो नहीं छिनी लेकिन उन पर लगभग दो लाख 40 हज़ार रुपये का जुर्माना लगा था.