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Hindi News खेल क्रिकेट टीम इंडिया के कोच पद के लिए शॉर्टलिस्ट हुए 6 उम्मीदवारों का कुछ ऐसा रहा है कोचिंग करियर

टीम इंडिया के कोच पद के लिए शॉर्टलिस्ट हुए 6 उम्मीदवारों का कुछ ऐसा रहा है कोचिंग करियर

बीसीसीआई ने मुख्य कोच के लिए 6 नामों को शॉर्टलिस्ट किया, जिसमें 3 भारतीय और 3 विदेशी शामिल हैं। आइए एक नजर डालते हैं इन सभी उम्मीदवारों के कोचिंग करियर पर।

<p>बीसीसीआई ने मुख्य...- India TV Hindi Image Source : GETTY IMAGES/IPLT20.COM बीसीसीआई ने मुख्य कोच के लिए 6 नामों को शॉर्टलिस्ट किया, जिसमें 3 भारतीय और 3 विदेशी शामिल हैं। 

भारतीय क्रिकेट टीम इन दिनों वेस्टइंडीज दौरे पर है। टी-20 सीरीज में मेजबान विंडीज को क्लीन स्वीप करने के बाद अब भारत का लक्ष्य वनडे सीरीज पर कब्जा जमाने का है। इसके बाद टीम 2 मैचों की टेस्ट सीरीज खेलेगी। इस दौरे के साथ ही टीम इंडिया के कोच रवि शास्त्री का अनुबंध खत्म हो जाएगा। इससे पहले ही बीसीसीआई भारतीय टीम के कोच की तलाश खत्म करना चाहता है।

बीसीसीआई ने जुलाई में भारतीय टीम के कोच पद के लिए विज्ञापन निकाला था जिसके लिए 2000 से ज्यादा लोगों ने आवेदन किया था। आखिर में बीसीसीआई ने मुख्य कोच के लिए 6 नामों को शॉर्टलिस्ट किया, जिसमें 3 भारतीय और 3 विदेशी शामिल हैं। आइए एक नजर डालते हैं बीसीसीआई द्वारा कोच पद के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए इन 6 नामों और उनके कोचिंग करियर पर....

रवि शास्त्री

Image Source : Getty Imagesरवि शास्त्री

मौजूदा कोच होने की वजह से रवि शास्त्री टीम इंडिया के कोच के उम्मीदवारों में पहले से शामिल हैं। माना ये भी जा रहा है कि कोच की रेस में वह सबसे आगे हैं। पूर्व भारतीय ऑलराउंडर का कार्यकाल देखें तो उनकी कोचिंग में टीम इंडिया ने कोई बड़ा टूर्नामेंट तो अपने नाम नहीं किया लेकिन पिछले 2 साल में भारतीय टीम 2017 चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल और वर्ल्ड कप 2019 में सेमीफाइनल तक पहुंचने में कामयाब रही। इसके अलावा टीम इंडिया ने एशिया कप का खिताब का भी जीता। यही नहीं टीम के कप्तान विराट कोहली वेस्टंडीज दौरे पर जाने से पहले कोच के तौर पर रवि शास्त्री का समर्थन कर चुके हैं।

शास्त्री की कोचिंग में भारतीय टीम टेस्ट क्रिकेट में नंबर 1 जबकि वनडे में नंबर 2 टीम बनने में कामयाब रही। हालांकि टी-20 में भारत का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। ये एक वजह उनके दोबारा टीम इंडिया के कोच बनने में मुश्किल खड़ी कर सकती हैं क्योंकि साल 2020 में टी-20 वर्ल्ड कप होने वाला है। 

टॉम मूडी

Image Source : Getty Imagesटॉम मूडी

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑलराउंडर टॉम मूडी ने टी-20 क्रिकेट में अपनी कोचिंग का लोहा पूरी दुनिया में मनवाया है। फ्रैंचाइजी क्रिकेट में टॉम का प्रदर्शन काफी शानदार रहा है। मूडी की कोचिंग में सनराइजर्स हैदराबाद ने साल 2016 में आईपीएल का खिताब अपने नाम किया था। इसके अलावा टॉम बांग्लादेश प्रीमियर लीग में रंगपुर राइडर्स और पाकिस्तान प्रीमियर लीग में मुल्तान सुल्तान का कोच पद संभाल चुके हैं। साथ ही वह 2014 में कैरेबियन प्रीमियर लीग के इंटरनेशनल डायरेक्टर और बिग बैश लगी में मेलबर्न रेनीगेड्स के डायरेक्टर भी रह चुके हैं। वर्तमान में टॉम मूडी 2019 ग्लोबल टी-20 लीग में मॉंट्रियल टाइगर्स का कोच पद संभाल रहे हैं। 

माइक हेसन

Image Source : Getty Imagesमाइक हेसन

माइक हेसन कोच के तौर पर एक और दिलचस्प उम्मीदवार हैं लेकिन उनका अनुभव मूडी की तरह विविधतापूर्ण नहीं है। हालांकि हेसन को टॉम मूडी की तुलना में ज्यादा अंतरराष्ट्रीय अनुभव है। हेसन न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम को 6 साल कोचिंग दे चुके और उनकी निगरानी में कीवी टीम ने 2015 में वर्ल्ड कप में फाइनल तक का सपर तय किया था। इसके अलावा न्यूजीलैंड हेसन की कोचिंग में 2016 वर्ल्ड टी-20 में सेमीफाइनल तक पहुंची और 2018 में इंग्लैंड को उसी के घर में टेस्ट सीरीज में मात दी। हेसन 2019 आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब की टीम को भी कोचिंग दे चुके हैं।

फिल सिमंस

फिल सिमंस के पास अच्छा खासा इंटरनेशनल कोचिंग का अनुभव है। फिल सिमंस जिंबाब्वे, अफगानिस्तान और आयरलैंड का कोच पद संभाल चुके हैं। आयरलैंड के कोच के रूप में सिमंस का प्रदर्शन शानदार है। सिमंस ने 224 मैचों में ऑयरलैंड को कोचिंग दी जोकि सबसे लंबे समय तक कोच बने रहने का रिकॉर्ड है। इस दौरान आयरलैंड ने वर्ल्ड कप में टूर्नामेंट में इंग्लैंड, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे जैसी मजबूत टीमों को मात दी। वर्ल्ड कप 2015 के बाद वह वेस्टइंडीज टीम के कोच बने। उनकी कोचिंग में वेस्टइंडीज ने भारत में आयोजित टी-20 वर्ल्ड कप 2016 का खिताब अपने नाम किया। इसके बाद उन्होंने 2017 में अफगानिस्तान की राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच के रूप में पदभार संभाला। इस साल की शुरुआत में वह ग्लोबल टी 20 कनाडा टूर्नामेंट में ब्राम्पटन वॉल्व्स टीम के कोच नियुक्त किए गए।

रॉबिन सिंह

Image Source : Getty Imagesरॉबिन सिंह

भारत ने जब साल 2007 में पहला टी-20 वर्ल्ड कप जीता था तो उस वक्त रॉबिन सिंह बतौर फील्डिंग कोच भारतीय टीम के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा थे। हालाँकि, उनके कोचिंग करियर की शुरुआत काफी पहले ही हो गई थी। उन्होंने 2004 में हांगकांग को कोचिंग दी और 2004 में टीम को एशिया कप के लिए क्वालीफाई कराने में अहम भूमिका अदा की। इसी साल वह भारत की अंडर-19 टीम और 2006 में भारत ए के कोच बने। साल 2008 में वह आईपीएल में डेक्कन चार्जर्स फ्रैंचाइज़ी के मुख्य कोच नियुक्त हुए। इसके अगले साल वह मुंबई इंडियंस के बैटिंग कोच बने और 2010 में उन्हें इस टीम का हेड कोच बना दिया गया। उनकी कोचिंग में मुंबई ने 2013 में आईपीएल का खिताब जीता। यही नहीं रॉबिन सिंह बांग्लादेश प्रीमियर लीग, तमिलनाडु प्रीमियर लीग और कैरेबियन प्रीमियर लीग में बतौर कोच अपनी सेवा दे चुके हैं।

लालचंद राजपूत

लालचंद राजपूत साल 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के समय भारतीय टीम के मैनेजर थे और 2008 में आईपीएल में मुंबई इंडियंस के कोच के रूप में कार्य किया। उन्होंने अफगानिस्तान टीम को भी कोचिंग दी और उनके कार्यकाल में अफगान टीम वनडे में वेस्टइंडीज को हराने में सफल रही। अफगानिस्तान क्रिकेट टीम को  को आीसीसी की पूर्ण सदस्यता दिलाने में राजपूत की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साल 2017 में अनुबंध समाप्त होने के बाद उन्होंने जिम्बाब्वे के अंतरिम कोच के रूप में पदभार संभाला। वर्तमान में वह 2019 ग्लोबल टी 20 कनाडा टूर्नामेंट में विनीपेग हॉक्स फ्रैंचाइज़ी टीम के कोच हैं।

 

 

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