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Hindi News खेल आईपीएल 2018 तो क्या जानबूझकर एम एस धोनी नहीं बने टेबल टॉपर, इसके पीछे ये वजह आई सामने

तो क्या जानबूझकर एम एस धोनी नहीं बने टेबल टॉपर, इसके पीछे ये वजह आई सामने

चेन्नई ने अब तक 9 सीजन खेलें हैंऔर उसने हर बार प्लेऑफ में जगह बनाई है।

<p>चेन्नई सुपर किंग्स</p>- India TV Hindi चेन्नई सुपर किंग्स

दो साल के बैन के बाद जब एम एस धोनी दोबारा से पीली जर्सी में दिखे। तो चेन्नई के इस थाला ने फैन्स की उम्मीदों को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया। धोनी ने भी अपने फैन्स का दिल जीतेते हुए चेन्नई को एक बार फिर प्लेऑफ में पहुंचा दिया। चेन्नई ने अब तक 9 सीजन खेलें हैंऔर उसने हर बार प्लेऑफ में जगह बनाई है। धोनी ने जिस अंदाज में छक्का लगाकर पंजाब के खिलाफ जीत पक्की है। उससे टीम का कॉन्फिडेंस बड़ा है। ऐसा पहली बार नहीं था जब धोनी ने छक्का लगाकर चेन्नई को जीत दिलाई।

इससे पहले IPL में धोनी 5 बार सिक्सर लगाकर टीम को जीत दिला चुके है। 8 टीमों से शुरू हुआ सफर अब 4 टीमों के बीच खिताबी जंग में सिमट चुका है। डिफेंडिंग चैपियन मुंबई इंडियंस और विराट की टीम आरसीबी प्ले-ऑफ की आपीएल से विदाई हो चुकी है। ऐसे में सिर्फ धोनी ही है जिन्होंने फैन्स की उम्मीदों को बरकरार रखा और आईपीएल के रोमांच को भी जिंदा रखा।

पहला क्वालीफायर कल सनराइजर्स हैदराबाद और चेन्नई सुपरकिंग्स के बीच मुंबई में खेला जाएगा। वहीं एलेमिनेटर कोलकाता नाइटराइडर्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच कोलकाता में खेला जाएगा। इन चारों टीमें में खिताब का सबसे बड़ा दावेदार धोनी को माना जा रहा है। इसके पीछे धोनी का मौजूदा फॉर्म और उनके आईपीएल में अनुभव को माना जा रहा है। वैसे धोनी के लिए इतिहास भी उनके साथ है।

आईपीएल में सबसे ज्यादा बार खिताब प्वाइंट्स टैली में नंबर 2 पर रहने वाली टीम ने जीता है। 2011 से 2015 तक लगातार 5 साल तक प्वाइंट्स टैली में दूसरे स्थान पर काबिज टीम चैंपियन बनी। धोनी जानते है मैदान पर जोश से ज्यादा होश काम आता है। धोनी की यही खुबियां चेन्नई को चैंपियन बनने का बड़ा दावेदार मान रही है।