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क्रोएशिया के इगोर स्टिमाक का भारतीय फुटबॉल टीम का कोच बनना तय

क्रोएशिया की विश्व कप टीम के सदस्य और पूर्व मैनेजर इगोर स्टिमाक का भारतीय फुटबॉल टीम का मुख्य कोच बनना तय हो गया है।

Bhasha
Bhasha 10 May 2019, 9:22:35 IST

नई दिल्ली। क्रोएशिया की विश्व कप टीम के सदस्य और पूर्व मैनेजर इगोर स्टिमाक का भारतीय फुटबॉल टीम का मुख्य कोच बनना तय है क्योंकि एआईएफएफ की तकनीकी समिति ने गुरुवार को इस शीर्ष पद के लिये उनके नाम की सिफारिश की।विश्व कप 1998 में तीसरे स्थान पर रही क्रोएशियाई टीम के सदस्य 51 वर्षीय स्टिमाक का तकनीकी समिति ने चयन किया है जिसने गुरुवार को चार उम्मीद्वारों के साक्षात्कार लिये थे।

तकनीकी समिति के अध्यक्ष श्याम थापा ने पीटीआई से कहा, ‘‘हमने चारों उम्मीद्वारों के साक्षात्कार लेने के बाद इगोर स्टिमाक के नाम अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ की कार्यकारी समिति के पास भेजा है। हमने उन्हें भारत का कोच बनने के लिये सबसे उपयुक्त पाया।’’ एआईएफएफ शुक्रवार को स्टिमाक की नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा कर सकता है। स्टिमाक का शुरू में तीन साल का हो सकता है और कोच के रूप में उनका पहला कार्यकाल थाईलैंड में होने वाला किंग्स कप अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट होगा। 

स्टिमाक का भारतीय कोच के रूप में पहला मैच कैरेबियाई देश कुराकाओ के खिलाफ होगा। किंग्स कप का यह मैच पांच जून को थाईलैंड के बुरिराम में खेला जाएगा। इस टूर्नामेंट से पहले 20 मई से यहां राष्ट्रीय शिविर आयोजित किये जाने की संभावना है। स्टिमाक एकमात्र उम्मीद्वार थे जो साक्षात्कार के लिये स्वयं उपस्थित हुए। अन्य तीन दक्षिण कोरिया के ली मिन सुंग, स्पेन के अल्बर्टो कोस्टा और स्वीडन के हाकेन एरिक्सन ने स्काईपी के जरिये इंटरव्यू दिया। साक्षात्कार के दौरान नव नियुक्त तकनीकी निदेशक डोरू इसाक भी उपस्थित थे।

साक्षात्कार प्रक्रिया के बाद तकनीकी समिति की चार घंटे तक बैठक हुई जिसमें सदस्यों ने उम्मीद्वारों को लेकर लंबी चर्चा की। मुख्य चर्चा स्टिमाक और रोका में से किसी एक का चयन करने को लेकर थी। रोका 2016 से 2018 तक बेंगलुरू एफसी के कोच रहे थे। स्टिमाक का पूर्व खिलाड़ी और कोच होना उनके पक्ष में गया। पूर्व भारतीय खिलाड़ी थापा ने कहा, ‘‘उनका (स्टिमाक) पूर्व खिलाड़ी और कोच के रूप में अनुभव व्यापक है और इसलिए समिति ने उनका चयन करने का सर्वसम्मत फैसला किया। वेतन और अन्य पहलुओं को देखें तो वह सबसे योग्य हैं। उनके रहते हुए भारतीय फुटबाल सुरक्षित हाथों में रहेगा।’’

रोका असल में क्लब कोच रहे हैं और केवल कुछ समय के लिये अल साल्वाडोर के के कोच रहे थे। इसके अलावा उन्होंने मोटे वेतन की मांग की थी जो एआईएफएफ की सीमा से अधिक थी। ये सभी कारण उनके खिलाफ गये। थापा और इसाक के अलावा तकनीकी समिति के अन्य सदस्यों में हेनरी मेंडेज, प्रशांत बनर्जी, प्रदीप दत्ता, जीपी पालगुना और सुंदर राजन शामिल थे। इशाक अहमद अवकाश पर थे। एआईएफएफ महासचिव कुशाल दास और राष्ट्रीय टीम के निदेशक अभिषेक यादव भी इसमें उपस्थित थे।

युगोस्लाविया के छोटे से शहर मेटकोविच में जन्में स्टिमाक ने 1990 से 2002 तक क्रोएिशया की तरफ से 53 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। उन्होंने यूरो 1996 और 1998 विश्व कप में हिस्सा लिया था। इससे पहले उन्होंने युगोस्लाविया अंडर-20 टीम की तरफ से 14 मैच खेले थे। क्लब फुटबॉल की बात करें तो उन्होंने 1985 से 2002 तक 322 मैच खेले। क्रोएशियाई टीम हादुक स्पिल्ट के अलावा वह स्पेन के काडिज तथा इंग्लैंड में डर्बी काउंटी और वेस्ट हैम यूनाईटेड की तरफ से खेल चुके हैं।

कोच के रूप में वह 2012 से 2013 तक क्रोएशिया की राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच रहे। उन्होंने टीम को 2014 विश्व कप के लिये क्वालीफाई कराने में अहम भूमिका निभायी थी। इसके अलावा वह विभिन्न क्लबों के कोच भी रहे जिसमें क्रोएशिया और ईरान के क्लब शामिल हैं। वह स्टीफन कांन्सटेनटाइन की जगह लेंगे जिन्होंने एशियाई कप में लचर प्रदर्शन के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद 250 से अधिक उम्मीद्वारों ने कोच पद के लिये आवेदन किया था। इनमें फ्रांस की विश्व कप विजेता टीम के कोच रेमंड डोमिनिक तथा इंग्लैंड के पूर्व कोच स्वेन गोरान एरिक्सन और सैम अलारडाइस भी शामिल थे। इसके बाद यह सूची 40 उम्मीद्वारों तक सीमित कर दी गयी और आखिर में चार उम्मीद्वारों को साक्षात्कार के लिये बुलाया गया। 

 

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