नयी दिल्ली: रुस में इस महीने विश्व कप होने जा रहा है. विश्व कप में हमेशा फुटबॉल फ़ैंस का ज़बरदस्त मनोरंजन होता है. कई फ़ैंस के दिल टूटते हैं तो कई लोगों की खुशी की कोई सीमा नहीं रह जाती. रोमांच के अलावा विश्व की इस सबसे बड़ी प्रतियोगिता में ड्रामा भी देखने को मिलता है. फुटबॉल खेलने वाले हर देश की दिली ख़्वाहिश विश्व कप जीतने की होती है और इसके लिए वो जी जान लगा देती है. दिएगो मैराडोना के हैंड ऑफ़ गॉड से लेकर आंद्रे एस्कोबार के सेल्फ़ गोल जैसे कई घटनाएं हुई हैं जिन्हें लोग आज भी याद करते हैं. हम यहां आपको विश्व कप इतिहास के 10 सबसे विवादास्पद पलों के बारे में बताने जा रहे हैं.
10- सानतिआगो की जंग- 1962
चिली में तब तनाव फ़ैल गया जब इटली के दो पत्रकारों ने सानतिआगो की भद्दे तरीके से व्याख्या की. इन पत्रकारों ने चिली की महिलाओं की ख़ूबसूरती और उनके चरित्र को भी लेकर व्यंग्य किया. जवाब में चिली के मीडिया ने भी इटली पर हमला बोला और नतीजतन मैच में ख़ून-ख़राबा हो गया. मैच शुरु होने के 12 सैकंड के अंदर ही जॉर्जियो फ़ेरिनी ने फ़ाउल कर दिया और 12 मिनट बाद इस खिलाड़ी को होनोरिनो लांडा को खतरनाक तरीके से टैकल करने के लिए रैफ़री ने मैदान से बाहर जाने को कहा लेकिन फ़ेरिनी ने बाहर जाने से मना कर दिया. आख़िर में पुलिस की मदद से उसे बाहर किया गया. इस बीच लांडा उसे पंच किया लेकिन उसे रेड कार्ड नहीं दिखाया गया. रैफ़री ने लियोनेल सांचेज़ को भी इटली के मारियो डेविड को पंच करते नहीं देखा. इसका बदला लेते हुए सांचेज़ के सिर पर चोट की.
हिंसा यही नहीं थमी. इसके बाद सांचेज़ ने हमबर्टो मास्शियो की नाक पर घूंसा मारा. इसके बाद दोनों टीमों में मारपीट शुरु हो गई. पुलिस को तीन बार बीच बचाव के लिए मैदान में उतरना पड़ा. ये मैच चिली ने 2-0 से जीता.
9- जर्मनी बनाम फ़्रांस 1982 सेमीफ़ाइनल
किसी भी स्पर्धा में सेमीफ़ाइनल तनावपूर्ण होता है. ऐसा ही कुछ जर्मनी और फ़्रांस के बीच मैच में देखने को मिला. ये मैच जर्मनी ने पैनल्टी शूट आउट में जीता था. मैच के निर्धारित समय में दोनों टीमें 3-3 से बराबर थीं. ये घटना उस समय हुई जब दोनों टीमें 1-1 से बराबर थीं. फ़्रांस के पैट्रिक बैटिस्टॉन विरोधी गोल की तरफ़ बॉल को पकड़ने के लिए बढ़ रहे थे. दूसरी तरफ से जर्मनी के गोलकीपर हैराल्ड शूमाकर भी आगे की तरफ बढ़ रहे थे. पैट्रिक ने बॉल अपने कब्ज़े में ले ली लेकिन उनका शॉट निशाने से चूक गया. इस बीच गोलकीपर ने ऐसी छलांग लगाई की वह सीधे पैट्रिक से टकरा गए. ये इतनी ज़बरदस्त टक्कर थी कि पैट्रिक का एक दांत टूट गया, घुटने की हड्डी टूट गई और वह कोमा में चले गए. रैफरी ने गोल किक दी लेकिन शूमाकर को कोई सज़ा नहीं दी.