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दक्षिण एशियाई खेलों में दूसरे दिन 56 पदक जीतकर भारत ने पूरा किया पदकों का शतक

वुशु खिलाड़ियों और तैराकों के दमदार प्रदर्शन से भारत ने दक्षिण एशियाई खेलों (सैग) के चौथे दिन गुरुवार को 56 पदक जीते जिससे उसके कुल पदकों की संख्या सैकड़े को पार कर गयी है।

<p>दक्षिण एशियाई खेलों...- India TV Hindi Image Source : SOUTH ASIAN GAMES 2019 दक्षिण एशियाई खेलों में दूसरे दिन 56 पदक जीतकर भारत ने पूरा किया पदकों का शतक

काठमांडू। वुशु खिलाड़ियों और तैराकों के दमदार प्रदर्शन से भारत ने दक्षिण एशियाई खेलों (सैग) के चौथे दिन गुरुवार को 56 पदक जीते जिससे उसके कुल पदकों की संख्या सैकड़े को पार कर गयी है और उसने शीर्ष पर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। भारत ने खेलों के किसी एक दिन अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। उसके नाम पर अब 62 स्वर्ण, 41 रजत और 21 कांस्य पदक सहित कुल 124 पदक दर्ज हो गये हैं। वह दूसरे नंबर पर काबिज मेजबान नेपाल से काफी आगे निकल गया है।

नेपाल ने 36 स्वर्ण, 27 रजत और 38 कांस्य पदक जीते हैं और वह 101 पदकों के साथ दूसरे स्थान पर है। श्रीलंका (17 स्वर्ण, 35 रजत और 55 कांस्य) तीसरे स्थान पर है। भारत ने गुरुवार को 30 स्वर्ण, 18 रजत और आठ कांस्य पदक जीते। भारत ने अधिकतर पदक तैराकी, वुशु, भारोत्तोलन और एथलेटिक्स में जीते। वुशु में भारत ने सात स्वर्ण पदक हासिल किये। सूरज सिंह ने पुरुष गुंशू आलराउंड स्पर्धा में पहला स्वर्ण पदक जीता।

इसके बाद वाई सनथोई देवी (महिला संसू 52 किग्रा), पूनम (महिला 75 किग्रा), दीपिका (महिला 70 किग्रा), सुशीला (महिला 65 किग्रा), रोशिबिना देवी (महिला 60 किग्रा) और सुनील सिंह (पुरुष 52 किग्रा) ने अपनी अपनी स्पर्धाओं में सोने के तमगे जीते। विद्यापति चानू ने महिला 56 किग्रा में कांस्य हासिल किया। तैराकी में भारत ने चार स्वर्ण, छह रजत और एक कांस्य सहित 11 पदक जीते। लिखित सेल्वराज प्रेमा ने पुरुषों के 200 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक (शार्ट कोर्स) में दो मिनट 14.67 सेकेंड का समय लेकर स्वर्ण पदक जीता जबकि दानुश सुरेश ने रजत पदक हासिल किया।

अपेक्षा देयला फर्नाडिस ने महिलाओं के 200 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में स्वर्ण जीता। दिव्या सतिजा ने महिलाओं की 100 मीटर बटरफ्लाई और महिला 400 मीटर फ्री स्टाइल रिले टीम ने भी अपनी स्पर्धाओं में पहला स्थान हासिल किया। भारत ने भारोत्तोलन में चार स्वर्ण पदक जीते। इस साल के शुरू में एशियाई भारोत्तोलन चैम्पियनशिप में रजत पदक जीतने वाली झिली डालाबेहड़ा ने महिलाओं के अंडर 45 किग्रा वर्ग में कुल 151 किग्रा (स्नैच में 66 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 85 किग्रा) वजन से पीला तमगा अपने नाम किया। महिलाओं की अंडर 49 किग्रा स्पर्धा में स्नेहा सोरेन ने पहला स्थान हासिल किया। 18 साल की भारोत्तोलक ने स्नैच में 68 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 89 किग्रा के वजन से कुल 157 किग्रा का भार उठाया।

महिलाओं की 55 किग्रा स्पर्धा में राष्ट्रमंडल चैम्पियनशिप की स्वर्ण पदकधारी सोरोखाईबाम बिंदियारानी देवी विजेता रहीं। मणिपुर की इस भारोत्तोलक ने कुल 181 किग्रा का वजन उठाया। भारत के लिये दिन का चौथा और अंतिम स्वर्ण पदक सिद्धांत गोगोई ने पुरूष 61 किग्रा वर्ग में 264 किग्रा का वजन उठाकर हासिल किया। ताइक्वांडो में भारत ने तीन स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक प्राप्त किया।

पूर्वा दत्त दीक्षित (महिला 49 किग्रा), रुचिका भावे (महिला 67 किग्रा) और मार्गरेट मारिया (महिला 73 किग्रा) ने भारत के लिए स्वर्ण जबकि नीरज चौधरी (पुरुष 58 किग्रा) और अक्षय हुड्डा (पुरुष 87 किग्रा) ने रजत पदक जीते। लक्ष्या ने इसके बाद पुरुषों के 80 किग्रा भार वर्ग में कांस्य पदक जीता। एथलेटिक्स में भी छह पदक भारत ने अपने नाम किये लेकिन इनमें केवल एक स्वर्ण शामिल है। त्रिकूद में कार्तिक उन्नीकृष्णन ने 16.47 मीटर कूद लगाकर पहला स्थान हासिल किया।

भारत के ही मोहम्मद सलाहुद्दीन ने रजत पदक हासिल किया। सुरेंद्र जयकुमार (पुरुषों की 110 मीटर बाधा दौड़), अपर्णा रॉय (महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़) और प्रिया हैबथानहाली (महिलाओं की 400 मीटर) ने रजत जबकि केएस जीवन (पुरुष 400 मीटर) ने कांस्य पदक जीता।