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तेजिंदर तूर ने गोला फेंक में रिकार्ड के साथ तोक्यो ओलंपिक का टिकट पक्का किया

गोला फेंक खिलाड़ी तेजिंदर सिंह तूर ने इंडियन ग्रां प्री चार में सोमवार को एशियाई तथा राष्ट्रीय रिकार्ड के साथ तोक्यो ओलंपिक का टिकट पक्का किया। 

<p>तेजिंदर तूर ने गोला...- India TV Hindi Image Source : @SAI_MEDIA तेजिंदर तूर ने गोला फेंक में रिकार्ड के साथ तोक्यो ओलंपिक का टिकट पक्का किया

पटियाला। गोला फेंक खिलाड़ी तेजिंदर सिंह तूर ने इंडियन ग्रां प्री चार में सोमवार को यहां एशियाई तथा राष्ट्रीय रिकार्ड के साथ तोक्यो ओलंपिक का टिकट पक्का किया। इस दौरान चार गुणा 100 मीटर की रिले टीम और फर्राटा धाविका दुती चंद ने भी नये राष्ट्रीय रिकार्ड कायम किये। तूर ने 21.49 मीटर की दूरी के साथ ओलंपिक क्वालीफिकेशन हासिल किया और अपने राष्ट्रीय रिकार्ड में सुधार किया। गोला फेंक में ओलंपिक क्वालीफाई करने के लिए 21.10 मीटर दूरी को मानक रखा गया है। उन्होंने इस दौरान तीसरे , चौथे और पांचवें प्रयास में क्रमश: 21.28 मीटर, 21.12 मीटर, 21.13 मीटर दूर गोला फेंका था। यह सभी प्रयास ओलंपिक क्वालीफिकेशन से अधिक था।

पंजाब के इस एथलीट ने इस दौरान सऊदी अरब के सुल्तान अब्दुलम अल हेब्शी के 12 साल पुराने एशियाई रिकार्ड को भी तोड़ दिया। हेब्शी ने 2009 में 21.13 मीटर दूर गोला फेंक रिकार्ड कायम किया था। इस खेल का पिछला भारतीय रिकार्ड भी 26 साल के तूर के नाम ही था जिन्होंने 2019 में 20.92 मीटर की दूरी तय की थी।

तूर ने स्पर्धा के बाद पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘ मैं पहली बार ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर काफी खुश हूं। यह एशियाई और राष्ट्रीय रिकार्ड भी है। ओलंपिक क्वालीफाई करने पर मैं आश्चर्यचकित नहीं हूं क्योंकि मैं 21.20 मीटर से 21.40 मीटर तक गोला फेंक रहा था। उनका रिकॉर्ड तोड़ने वाला प्रदर्शन डोप टेस्ट पास करने के अधीन है। यह पता चला है कि राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी के डोप नियंत्रण अधिकारी एनआईएस-पटियाला में इस एक दिवसीय आयोजन लिए मौजूद थे। तूर का प्रदर्शन 2012 और 2016 में कांस्य पदक जीतने वाले एथलीट से बेहतर है। महिला रिले टीम नया राष्ट्रीय रिकार्ड बनाने के बाद भी ओलंपिक क्वालीफिकेशन मानक को हासिल नहीं कर सकी। हिमा दास, दुती चंद, एस धनलक्ष्मी और अर्चना सुसींद्रन ने 43.37 सेकेंड के साथ भारत ‘बी’ (48.02 सेकेंड) टीम को पछाड़ते हुए दौड़ अपने नाम की। मालदीव (50.74 सेकेंड) की टीम तीसरे स्थान पर रही।

इससे पहले यह रिकार्ड मर्लिन के जोसेफ, एच एम ज्योति, सरबनी नंदा और दुती की चौकड़ी के नाम था जिन्होंने 2016 में अल्माटी में 43.42 सेकेंड का समय लिया था। तोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने के लिए भारतीय टीम को 43.05 सेकेंड से कम समय में रेस पूरी करनी थी। महिलाओं के चक्का फेंक में कमलप्रीत कौर ने अपने पिछले राष्ट्रीय रिकार्ड में सुधार करते हुए 66.59 मीटर की दूरी तय की।

उनका प्रदर्शन हालांकि राष्ट्रीय रिकार्ड की श्रेणी में नहीं आयेगा क्योंकि अपने वर्ग में वह इकलौती प्रतिस्पर्धी थी। वह हालांकि फेडरेशन कप में 65.06 मीटर के साथ पहले ही तोक्यो ओलंपिक का कोटा हासिल कर चुकी है। वह 65 मीटर की दूरी को पार करने वाली देश की पहली महिला चक्का फेंक खिलाड़ी है। फर्राटा धाविका दुती ने महिलाओं के 100 मीटर स्पर्धा में 11.17 सेकेंड के साथ अपने राष्ट्रीय रिकार्ड में सुधार किया। वह हालांकि ओलंपिक के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकीं जिसके लिए मानक 11.15 सेकेंड था।

दुती का पिछला राष्ट्रीय रिकार्ड 11.21 सेकेंड का था। ओलंपिक क्वालीफिकेशन स्तर हासिल करने में नाकाम रहने के बाद भी दुती रैंकिंग के आधार पर 100 मीटर दौड़ में कोटा हासिल कर सकती है। उनकी विश्व रैंकिंग 42वीं है जबकि ओलंपिक के 100 मीटर दौड़ में 56 खिलाड़ी भाग लेते है। हिमा दास 200 मीटर दौड़ में 22.88 सेकेंड के साथ शीर्ष पर रही। वह मामूली अंतर से तोक्यो ओलंपिक का क्वालीफिकेशन चूक गयी जो 22.80 सेकेंड है।

इस प्रदर्शन से वह शीर्ष 40-50 खिलाड़ियों में जगह बना सकती है। इसमें भी शीर्ष 56 खिलाड़ी ओलंपिक में भाग लेंगे। पुरुषो के लंबी कूद में ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुके एम सीरिशंकर ने 7.74 मीटर के प्रयास के साथ पहला स्थान हासिल किया। पुरूषों की चार गुणा 400 रीले दौड़ की टीम ने तीन मिनट 02.61 सेकेंड का समय निकाला। इस प्रदर्शन से यह टीम ‘रोड टू तोक्यो’ सूची में 16वें स्थान पर है। ओलंपिक में 16 टीमें भाग लेंगी। एथलीटों के पास ओलंपिक टिकट हासिल करने का आखिरी मौका राष्ट्रीय अंतर राज्यीय चैम्पियनशिप में होगा जिसका आयोजन 25 से 29 जून तक इसी स्थल पर होगा।