IOA Constitution New Draft: इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) के 95 साल के इतिहास में कभी कोई महिला इसकी अध्यक्ष नहीं बनी। कभी कोई एथलीट भी आईओए के टॉप पोजशन पर नहीं पहुंचा। लेकिन अब ये स्थिति बदलने वाली है। भारतीय ओलंपिक संघ का चेहरा बदलने वाला है। आईओए के नए संविधान का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है जिसे अगले हफ्ते अपनाए जाने की पूरी संभावना है।
IOA के नए संविधान के ड्राफ्ट की नीता अंबानी ने की सराहना
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इंटरनेशनल ओलंपिक कमिटी (IOC) की सदस्य नीता अंबानी ने शनिवार 5 नवंबर को कई सुधारों के साथ इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) के नए संविधान के ड्राफ्ट का स्वागत किया। उन्होंने इसे भारत में ओलंपिक खेलों के लिए एक ऐतिहासिक पल भी करार दिया।
संशोधित आईओए मसौदा संविधान में अपनी आशावाद व्यक्त करते हुए, उन्होंने कहा, "भारत के ओलंपिक आंदोलन में एक ऐतिहासिक क्षण क्योंकि हम एक अधिक समावेशी और आशाजनक भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं।"
IOC के परामर्श से तैयार हुआ IOA के नए संविधान का ड्राफ्ट
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बता दें कि आईओए के संविधान का नया ड्राफ्ट को रिटायर्ड जस्टिस एल नागेश्वर राव ने 16 अगस्त 2022 को अंतिम रूप दिया। इस ड्राफ्ट को तैयार करने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट के द्वारा की गई सिफारिशों को आधार बनाया गया। इसके अलावा नए संविधान के मसौदे को अमलीजामा पहनाने के लिए आईओसी के साथ भी कई मौकों पर विचार विमर्श किया गया ताकि यह ओलंपिक चार्टर के बेसिक प्रिंसिपल के अनुरूप हो और ओलंपिक मूवमेंट को भी आगे बढ़ाए।
IOA के नए संविधान के ड्राफ्ट में महिलाओं और एथलीट्स के लिए ज्यादा मौके
आईओए के संशोधित संविधान में कुछ खास बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों को 10 नवंबर को होने वाली जनरल मीटिंग में ऑफिशियली स्वीकार किए जाने की संभावना है। नए ड्राफ्ट को अपनाए जाने के बाद आईओए के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। आईओसी कार्यकारी बोर्ड की अगली बैठक से पहले 5-7 दिसंबर तक आईओए के चुनाव निपटा लिए जाएंगे।
भारतीय ओलंपिक संघ के संविधान के नए ड्राफ्ट में कई अहम सुधार किए गए हैं। इन संशोधनों में महिलाओं को प्रशासनिक और वोटिंग पोजीशन में ज्यादा प्रतिनिधित्व देने की पहल की गई है। साथ ही, शानदार योग्यता रखने वाले आठ एथलीटों को आईओए में प्रतिनिधित्व देने की बात भी नए ड्राफ्ट में की गई है।
भारतीय ओलंपिक मूवमेंट के लिए ऐतिहासिक पल- नीता अंबानी
आईओसी मेंबर नीता अंबानी ने नए आईओए के संविधान के एन ड्राफ्ट में एथलीटों और महिलाओं को ज्यादा मौके दिए जाने की सराहना की।
उन्होंने कहा, “मैं भारत के ओलंपिक मूवमेंट में एक ऐतिहासिक पल के लिए न्यायमूर्ति नागेश्वर राव को बधाई देती हूं क्योंकि हम एक अधिक समावेशी और आशा और उम्मीद वाले भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं। IOC में मेरे सहयोगियों की सलाह से बनाया गया IOA का नया ड्राफ्ट मुझे बेहतर भविष्य की उम्मीद देता है। खासकर, भारतीय खेल के प्रशासन में एथलीटों और महिलाओं के लिए ज्यादा प्रतिनिधित्व दिए जाने की पहल सराहनीय है।”
अगला साल यानी 2023 भारत के ओलंपिक मूवमेंट के लिए एक अहम साल होगा। भारत 40 सालों में पहली बार आईओसी सेशन की मेजबानी करेगा। यह मुंबई में आयोजित होगा। इस आयोजन से भारतीय ओलंपिक मूवमेंट की पूरी दशा और दिशा बदल सकती।