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अमेरिकी डेटा चोरी: कंपनी के खिलाफ 4 लाख 48 हजार करोड़ रुपये का मुकदमा

अमेरिकी कंपनी इक्विफैक्स के खिलाफ 70 अरब डॉलर (लगभग 4 लाख 48 हजार करोड़ रुपये) की क्षतिपूर्ति के लिए एक मुकदमा दायर किया गया है...

Equifax | AP Photo- India TV Hindi Equifax | AP Photo

वॉशिंगटन: अमेरिकी आबादी का लगभग आधा हिस्सा क्रेडिट रिपोर्टिग एजेंसी Equifax में साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो गया। एक डेमोक्रेटिक सीनेटर ने मामले की जांच की मांग की है, जबकि कंपनी के खिलाफ 70 अरब डॉलर (लगभग 4 लाख 48 हजार करोड़ रुपये) की क्षतिपूर्ति के लिए एक मुकदमा दायर किया गया है। न्यूयॉर्क पोस्ट द्वारा शुक्रवार देर रात जारी रिपोर्ट के मुताबिक, विस्कॉन्सिन से सीनेटर टेमी बाल्डविन ने सीनेट की कॉमर्स कमेटी से अनुरोध किया है कि वे इक्विफैक्स हैक पर सुनवाई करे, जिसने अमेरिका के 14.30 करोड़ नागरिकों के संवेदनशील व्यक्तिगत डेटा का खुलासा किया है।

इक्वि फैक्स ने इससे पहले एक बयान में कहा कि हैकरों ने मई के मध्य से लेकर जुलाई तक कंपनी की वेबसाइट के इस्तेमाल में एक गड़बड़ी का फायदा उठाया और उसके जरिए ग्राहकों के नाम, सामाजिक सुरक्षा नंबर, जन्म तिथि, पता और ड्राइविंग लाइसेंस संख्या तक पहुंच बना ली। इस सेंध में करीब करीब 2 लाख 9 हजार उपभोक्ताओं की क्रेडिट कार्ड संख्या और लगभग एक लाख 82 हजार उपभोक्ताओं की निजी पहचान से जुड़ी जानकारी के साथ कुछ विवादित दस्तावेज भी शामिल हैं। बाल्डविन ने समिति को लिखा है, ‘हाल ही में देश की सबसे बड़ी उपभोक्ता ऋण रिपोर्टिंग एजेंसी इक्विफैक्स में आंकड़ों को लीक करने के मामले में मैं आज आपको लाखों अमेरिकियों के जीवन को प्रभावित करने वाले एक मुद्दे पर सुनवाई करने का आग्रह करने के लिए लिख रहा हूं।’ अमेरिकी वित्तीय सेवा समिति ने भी इस बड़े डेटा चोरी के मामले में सुनवाई करने की घोषणा की है।

रपट में कहा गया है, ‘इक्विफैक्स को 29 जुलाई को इस डेटा चोरी का पता चला, लेकिन लोगों को इसके बारे में 7 सितंबर को सतर्क किया गया। इस दौरान कंपनी के 3 वरिष्ठ अधिकारियों ने 18 लाख डॉलर के शेयर बेच दिए थे।’ मीडिया खबरों के मुताबिक, डेटा चोरी के मामले पर अपर्याप्त प्रतिक्रिया के लिए ग्राहकों और सुरक्षा विशेषज्ञों ने इक्वि फैक्स की जमकर आलोचना की है। इक्विफैक्स भी अमेरिकी राज्य और संघीय नियामकों से संपर्क साध रहा है और सभी राज्य महान्यायवादियों को लिखित अधिसूचनाएं भेज रहा है, जिसमें कंपनी की संपर्क जानकारी नियामक पूछताछ के लिए शामिल है।