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Hindi News उत्तर प्रदेश काशी विश्वनाथ के दर्शन शुल्क को बढ़ाए जाने पर भड़के अखिलेश यादव, कहा- भाजपा ने धर्म को बना लिया व्यापार

काशी विश्वनाथ के दर्शन शुल्क को बढ़ाए जाने पर भड़के अखिलेश यादव, कहा- भाजपा ने धर्म को बना लिया व्यापार

काशी विश्वनाथ के दर्शन शुल्क को बढ़ा दिया गया है। सावन के महीने को देखते हुए नए रेट जारी किए गए हैं। ऐसे में अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा है कि भाजपा ने धर्म को व्यापार बना लिया है।

काशी विश्वनाथ के दर्शन शुल्क को बढ़ा दिया गया है। सावन के महीने को देखते हुए नए रेट जारी किए गए हैं।- India TV Hindi Image Source : PTI काशी विश्वनाथ मंदिर में बढ़ गया दर्शन शुल्क

सावन का महीना आने वाला है। इससे पहले उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित बाबा विश्वनाथ मंदिर में दर्शन और आरती का रेट बढ़ा दिया गया है। इस मामले पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा है कि भाजपा सरकार से आग्रह है कि बाबा विश्वनाथ जी के दर्शन पर शुल्क लगाकर गरीबों, सच्चे भक्तों और आम जनता से दर्शन का अधिकार न छीने। भाजपा ने धर्म को ही व्यापार बना लिया है। यह निंदनीय है। बता दें कि काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट की तरफ से नई लिस्ट जारी की गई है। इस लिस्ट के मुताबिक सोमवार को मंगला आरती के लिए 2 हजार रुपये का टिकट लेना होगा। 

धर्म को भाजपा ने बनाया व्यापार, अखिलेश यादव ने कसा तंज

वहीं सोमवार को सन्यासी भोग के लिए 7500 रुपये, सावन में रुद्राभिषेक के लिए 2100 रुपये का भुगतान करना होगा। गौरतलब है कि हर साल सावन के महीने में बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। हालांकि सुगम दर्शन के नाम पर पहले ही लोगों से टिकट के लिए पैसे वसूले जाते थे। आम दिनों में सुगम दर्शन 300 रुपये में होता था लेकिन सावन के महीने में सुगम दर्शन का रेट 500 रुपये कर दिया गया है। वहीं सावन के सोमवार के दिन सुगम दर्शन के लिए आपको 750 रुपये का भुगतान करना होगा। 

काशी विश्वनाथ में चुकाने होंगे ज्यादा पैसे

आम दिनों में मंगला आरती के लिए 500 रुपये का भुगतान करना पड़ता था लेकिन सावन के महीने में लोगों को 1000 रुपये का और सोमवार के दिन 2000 रुपये का भुगतान करना होगा। काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा के मुताबाकि एक शास्त्री से सावन के मौके पर रुद्धाभिषेक कराने के लिए 500 रुपये, 5 शास्त्रियों से रुद्राभिषेक के लिए 2100 रुपये का भुगतान करना होगा। वहीं 5 शास्त्रियों के साथ सोमवार के दिन रुद्राभिषेक कराने पर 3 हजार रुपये का भुगतान करना होगा। सावन के सोमवार पर होने वाले श्रावण श्रंगार के लिए 20,000 रुपये का शुल्क दोना होगा। बता दें कि इससे आम लोगों के लिए बाबा विश्वनाथ का सुलभ दर्शन मुश्किल हो जाएगा।