जियो राजा, मुझे फेमस कर दो... हंसते हुए बोला रेपिस्ट, बुलंदशहर में हाईवे पर मां-बेटी से की थी दरिंदगी; VIDEO
बुलंदशहर के बहुचर्चित नेशनल हाईवे-91 गैंगरेप और लूटकांड में पॉक्सो कोर्ट ने पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है। 29 जुलाई 2016 को मां-बेटी से हुए गैंगरेप की इस वारदात की गूंज देशभर में सुनाई दी थी।
यूपी के बुलंदशहर में मां-बेटी से नेशनल हाइवे-91 पर हुई गैंगरेप की वारदात में आज पॉक्सो कोर्ट ने पांच आरोपियों को दोषी करार दिया। पुलिस जब दोषियों को वापस जेल ले जाने लगी तो इनमें से एक दोषी युवक ने मीडिया कर्मियों को हाथ लहराकर मुस्कुराते हुए कहा- जियो राजा, मुझे फेमस कर दो। उसका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि 29 जुलाई 2016 को मां-बेटी से हुए गैंगरेप की इस वारदात की गूंज देशभर में सुनाई दी थी। मामले में जहां पेट्रोलिंग वाहन पर तैनात पुलिसकर्मी और थाना प्रभारी समेत हल्का इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया था तो वहीं तत्कालीन एसएसपी, एसपी सिटी और सीओ सिटी पर गाज गिरी थी। इन मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया था। दौरान-ए-सुनवाई आरोपी सलीम की मौत हो गई जबकि अजय उर्फ असलम उर्फ कालिया का हरियाणा और बंटी उर्फ गंजा उर्फ बबलू को नोएडा एसटीएफ द्वारा अलग-अलग मुठभेड़ों में ढेर कर दिया गया था। तीन अन्य आरोपियों- रहीसुद्दीन, जावेद उर्फ शावेज और जबर सिंह के नाम मामले से हटाते हुए सीबीआई ने उन्हें क्लीनचिट दे दी थी। शेष बचे 5 आरोपियों को आज दोषी करार दिया गया है।
देखें वीडियो-
वारदात के दिन नाबालिग को पहली बार हुए थे पीरियड्स
गौरतलब है कि 28 जुलाई की रात करीब डेढ़ बजे पीड़िता अपने पिता, ताऊ, ताई, मां और तहेरे भाई के साथ शाहजहांपुर जा रही थी। इसी दौरान बुलंदशहर के देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव दोस्तपुर के पास NH91 पर उनके साथ गंभीर आपराधिक वारदात को अंजाम दिया गया। यहां एक गैंग द्वारा पूरे परिवार को हाइवे के किनारे ही बंधक बना लिया गया। हथियार की नोंक पर परिवार के सामने ही मां और उसकी नाबालिग बेटी से गैंगरेप किया गया। जांच में सामने आया कि घटना वाले दिन ही नाबालिग पीड़िता को जीवन में पहली बार मासिक धर्म आया था, जिससे उसकी शारीरिक और मानसिक स्थिति बेहद संवेदनशील थी।
पेटीकोट पर मिले सीमेन का आरोपियों से हुआ मिलान
मामले की विवेचना के दौरान पीड़िता की मां के पेटीकोट पर मिले सीमेन का मिलान आरोपियों से हुआ, जिसे अहम फॉरेंसिक साक्ष्य माना गया। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने तत्काल पुलिस सहायता के लिए डायल 100 पर कॉल की, लेकिन संपर्क न हो पाने पर पीड़िता के पिता ने नोएडा पुलिस में तैनात अपने एक मित्र को फोन कर मदद मांगी।
अभी कहां है पीड़िता?
प्रकरण में भारतीय दंड संहिता की धारा 394, 395, 397, 376D, 120B तथा संबंधित अधिनियम की धारा 5/6 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सीबीआई को सौंप दी गई। कानूनी प्रक्रिया के तहत जिले से गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ 11 अप्रैल 2017 को तथा हरियाणा से गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ 27 जुलाई 2018 को आरोप तय किए गए थे। वर्तमान में पीड़िता अपने परिवार के साथ बरेली में अज्ञात स्थान पर रह रही है। आज न तो पीड़िता और न ही उसके परिवार का कोई सदस्य अदालत में उपस्थित हो सका। 9 साल 4 माह 19 दिन बाद अब मामला अंतिम चरण में है और न्यायालय के निर्णय पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
(रिपोर्ट- वरुण शर्मा)
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