उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को वाराणसी पहुंचे। यहां उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने बताया कि देश की जीडीपी में काशी ने 1.3 लाख करोड़ रुपये का योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि यहां पहले श्रद्धालुओं की संख्या 5 हजार से 25 हजार रुपये के बीच थी। अब यह 1.25 लाख से 1.50 लाख तक पहुंच रही है।
सीएम योगी ने कहा, "काशी अविनाशी है। काशी के प्रति हर भारतवासी अपार श्रद्धा का भाव रखता है लेकिन स्वतंत्र भारत में काशी को जो सम्मान मिलना चाहिए था उस समग्र विकास के कार्यक्रम को वो महत्व नहीं मिला जो आजादी के तत्काल बाद प्राप्त होना चाहिए था। पिछले 11-11.5 साल के अंदर काशी एक बार फिर से अपने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए उनका संवर्धन भी कर रहा है और भौतिक विकास के कार्यों के माध्यम से नई ऊंचाई को भी प्राप्त कर रहा है।"
पीएम मोदी के विजन से हो रहा काशी का विकास
योगी आदित्यनाथ ने कहा, "यह हमारा सौभाग्य है कि काशी का प्रतिनिधित्व देश की संसद में प्रधानमंत्री मोदी करते हैं। प्रारंभ से ही उन्होंने इस बारे में कहा है कि काशी की पुरातन काया को संरक्षित करते हुए उसे नए कलेवर के रूप में देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाना चाहिए और उसी के अनुरूप पिछले 11-11.5 सालों में काशी की योजनाएं शुरू हुईं। 55,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं काशी के लिए स्वीकृत हुईं। जिनमें से 36 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं लोकार्पित हो चुकी हैं और शेष योजनाएं प्रगतिशील तेजी के साथ आगे बढ़ रही हैं।"
देश की अर्थव्यवस्था में काशी का योगदान
सीएम योगी ने बताया कि 2014 से पहले या काशी विश्वनाथ धाम बनने से पहले यहां प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या 5 हजार से लेकर केवल 25 हजार तक पहुंचती थी। आज उसी काशी में 1.25 लाख से 1.50 लाख श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंचते हैं। अकेले काशी ने देश की जीडीपी में 1.3 लाख करोड़ रुपये का योगदान किया है।"
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