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Hindi News उत्तर प्रदेश योगी सरकार का जिला और पुलिस प्रशासन को सख्त आदेश, टॉप-10 अपराधियों को जल्द कराएं सजा

योगी सरकार का जिला और पुलिस प्रशासन को सख्त आदेश, टॉप-10 अपराधियों को जल्द कराएं सजा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद ने जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखकर टॉप 10 अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। इसके साथ ही उन्होंने ऐसे मामलों में जिले की लिस्ट भी जारी की है।

योगी आदित्यनाथ - India TV Hindi Image Source : PTI/FILE योगी आदित्यनाथ

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार कानून व्यवस्था को लेकर बेहद ही सख्त मानी जाती है। भारतीय जनता पार्टी पूरे देश में योगी सरकार की कानून व्यवस्था की मिशाल देती है। अब इस व्यवस्था को और भी दुरुस्त और सख्त करने के लिए सरकार ने जिला प्रशासन और जिला पुलिस के पेंच कसे हैं। इस बाबत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद ने एक पत्र लिखा है।

प्रमुख सचिव ने यह पत्र सभी जिलाधिकारियों, पुलिस कमिश्नरों और पुलिस कप्तानों को लिखा है। इस पत्र में कहा गया है कि प्रदेश सरकार अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टालरेंस नीति के तहत काम कर रही है। इसके साथ ही हर जिले के टॉप-10 अपराधियों को उनके अपराध में सजा दिलाना भी एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है। इसके तहत सरकार जिलों के टॉप-10 अपराधियों को दोषसिद्धि कराने और जल्द से जल्द उन्हें सजा दिलाने के लिए भी आदेश जारी कर चुकी है। इसकी नियमित समीक्षा भी की जा रही है।

Image Source : INDIA TVप्रमुख सचिव द्वारा लिखा गया पत्र

कहां कितने टॉप-10 अपराधियों को मिली सजा 

प्रमुख सचिव ने इस पत्र में लिखा कि 25-03-2022 से 31-10-2023 तक जनपद सिद्धार्थनगर में सात, मेरठ में छ:, कौशाम्बी में छ:, उन्नाव में चार, राय बरेली चार, अयोध्या में चार, प्रयागराज में तीन, हापुड़ में तीन, देवरिया में चार, लखनऊ में तीन, बलरामपुर, दो, कन्नौज में दो, इतवा में दो, गौतमबुद्ध नगर में दो, फतेहपुर में दो, मुरादाबाद में दो, लाल्तिपुर में दो, जालौन में दो, अमेठी में दो अपराधियों की सजा कराइ गई। इसके अलावा कुशीनगर, अम्बेडकरनगर, महाराजगंज, सीतापुर, बिजनौर, बदायूं, कुशीनगर, जौनपुर, बस्ती और एटा जिला में 1-1 अपराधी को सजा कराई गई।

वहीं शेष 46 जनपदों द्वारा टॉप-10 अपराधियों को दोषसिद्धि कराने में रूचि नहीं ली जा रही है। यह स्थिति संतोषजनक नहीं है और इसमें सुधार की जरुरत है। प्रमुख सचिव ने सभी जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वे अपने जिले के टॉप-10 अपराधियों के खिलाफ जल्द से जल्द दोषसिद्धि कराकर उनके खिलाफ कार्रवाई करें। जिससे प्रदेश की कानून व्यवस्था और भी मजबूत हो सके।