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Hindi News वायरल न्‍यूज ...क्या हुआ जब अनन्या गोयनका की 'MyUdaan' संस्था ने छात्रों से देश के लिए कुछ 'अच्छा' करने के लिए कहा

...क्या हुआ जब अनन्या गोयनका की 'MyUdaan' संस्था ने छात्रों से देश के लिए कुछ 'अच्छा' करने के लिए कहा

बचपन के दौरान हम में से ज्यादातर लोगों की इच्छा होती होगी कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान तिरंगा की लिबास में स्टेज पर परफॉर्म करें। राष्ट्रीय झंडे को फहराते हुए देखें, दोस्तों के साथ राष्ट्रीय गान गाएं।

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हर साल, 15 अगस्त को भारत के स्वतंत्रता दिवस तौर पर मनाया जाता है। पूरा देश देशभक्ति की भावना में डूबा होता है और इस दिन को लोग अलग-अलग तरीके से मनाते हैं। लेकिन हम में से ज्यादातर लोगों को बचपन के दौरान यह इच्छा होती होगी कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान तिरंगे के लिबास में स्टेज पर परफॉर्म करें। राष्ट्रीय झंडे को फहराते हुए देखें, दोस्तों के साथ राष्ट्रीय गान गाएं, और स्कूल में विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग में हिस्सा लें।

हालांकि, इस साल कोविड-19 महामारी की वजह से और सोशल डिस्टेंसिंग प्रोटोकॉल की वजह से छात्र इन दिनों इन एक्टिविटी से दूर हैं। लेकिन, दिलचस्प बात यह है कि अनन्या गोयनका की 'माई उड़ान' संस्था स्कूल के 4-8 साल की उम्र के छात्रों के लिए एक रचनात्मक असाइनमेंट लेकर आई और छात्रों को एक सिंपल और स्पेशल होमवर्क सौंपा। उन्हें देश के लिए कुछ 'अच्छा' करने के लिए कहा गया। यह बहुत आसान लग सकता है लेकिन इस सिंपल एक्टिविटी के दौरान जो हुआ उसे जानकर आप चकित रह जाएंगे।

प्रत्येक छात्र ने एक से एक शानदार योजनाएं बनाई और अपने अनूठे तरीके से इस खास दिन को देखते हुए देश में बदलाव करने की कोशिश करते हुए अपने विचार रखे। उनके विचार उनके अपने घरों, मोहल्लों और दोस्तों से शुरू हुए थे। छात्रों में से एक ने अपने पड़ोसी की मदद करना चुना, जो लिखना पढ़ना  नहीं जानता था। जबकि दूसरे ने अपनी चाची को पढ़ाया, जिन्हें अंग्रेजी नहीं आती थी।

कुछ छात्रों ने पौधे लगाकर पर्यावरण के लिए अच्छा करने के बारे में सोचा। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि वे प्रतिदिन इन छोटे पौधों का पोषण करेंगे। कई छात्रों ने जरूरतमंदों को खाना खिलाने और कपड़े भी दान करने की योजना बनाई।

उनकी इस एक्टिविटी ने साबित कर दिया कि आज के बच्चे अपने आसपास के लोगों के जीवन को कैसे प्रभावित कर सकते हैं। वे न केवल पथ प्रदर्शक हैं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के बीच एक सेतु भी हैं। इसलिए, एक अनुकूल स्कूली वातावरण, एक प्रभावी शिक्षण और सीखने की प्रक्रिया देश की बेहतरी में अहम साबित होती है।

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