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भारत में 1 फरवरी तो पाकिस्तान में कब पेश होता है बजट, तारीख के पीछे है अनोखी वजह; सुनकर दिमाग घूम जाएगा

Budget Interesting Facts : सोशल मीडिया पर आपने कई देशों के बजट पेश किए जाने के बारे में सुना होगा। हर देश में इसके लिए एक दिन निर्धारित होता है मगर क्या आपको पाकिस्तान के बजट पेश करने की तारीख पता है ?

Budget Interesting Facts, Interesting Facts, finance budget 2026 date, budget, budget 2026, budget 2- India TV Hindi Image Source : FREEPIK/PTI (CIRCLE) पाकिस्तानी मुद्रा और भारतीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण।

Budget Interesting Facts : भारत में संसद का बजट का सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा। इस तिथि में सत्र का पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा। वहीं, आगामी एक फरवरी को केंद्रीय बजट भी पेश किया जाएगा। हालांकि, फरवरी माह में कई अन्य राज्यों में भी बजट पेश किया जाना है। क्या आपने कभी सोचा है कि, जिस तरह भारत में बजट फरवरी को पेश किया जाता है उसी तरह पाकिस्तान में बजट किस तारीख को पेश किया जाता होगा ? यदि आपको नहीं पता है तो आज हम आपको बताएंगे कि कंगाल पाकिस्तान में बजट किस महीने में पेश किया जाता है। 

लगातार नौवां बजट पेश करेंगी निर्मला सीतारमण 

भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को लगातार नौवां बजट पेश कर एक नया रिकॉर्ड बनाएंगी। निर्मला सीतारमण पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई द्वारा विभिन्न समय अवधियों में पेश किए गए 10 बजटों के रिकॉर्ड के करीब पहुंच जाएंगी। देसाई ने 1959-1964 के दौरान वित्त मंत्री के रूप में कुल छह बजट और 1967-1969 के बीच चार बजट पेश किए थे। पूर्व वित्त मंत्रियों पी चिदंबरम और प्रणब मुखर्जी ने अलग-अलग प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल में क्रमशः नौ और आठ बजट पेश किए थे। गौरतलब है कि, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2019 में दूसरी बार सत्ता में आने पर सीतारमण को भारत की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री बनाया था। इसके बाद 2024 में तीसरी बार मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद वित्त मंत्रालय उनके पास ही रहा। अब तक सीतारमण ने फरवरी 2024 के अंतरिम बजट सहित कुल आठ लगातार बजट पेश किए हैं। 

Image Source : PTI भारतीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण।

हलवा सेरेमनी से होती है बजट की शुरुआत 

भारत में बजट पेश किए जाने से जुड़ी एक परंपरा है जो कि काफी समय से चली आ रही है। इस परंपरा का नाम 'हलवा सेरेमनी' है जिसमें पारंपरिक मिठाई 'हलवा' तैयार की जाती है और वित्त मंत्रालय के उन अधिकारियों और कर्मचारियों को परोसी जाती है जो बजट तैयार करने के काम में शामिल होते हैं। परंपरा को बरकरार रखते हुए इस बार भी इसका आयोजन हुआ, जिसमें वित्त मंत्री और अन्य उच्च पदस्थ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। समारोह के तहत केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट प्रेस का दौरा भी किया और तैयारियों की समीक्षा की। साथ ही पूरी बजट टीम को अपनी शुभकामनाएं दीं। हलवा समारोह में वित्त मंत्री के साथ वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले सभी विभागों के सचिव और बजट तैयारी में शामिल अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

Image Source : rashtrapatibhavan.gov.inराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ वित्त मंत्री।

पाकिस्तान में कब पेश होता है बजट 

गौरतलब है कि, जहां एक ओर भारत एक फरवरी अपना केंद्रीय बजट पेश करता है तो वहीं पाकिस्तान में बलट जून की शुरुआत में पेश किया जाता है। वैसे पाकिस्तान में इसकी कोई एक निश्चित तारीख या दिन निर्धारित नहीं है। चूंकि, पाकिस्तान में 1 जुलाई से वित्तीय वर्ष की  शुरुआत होती है इसलिए यहां बजट जून में पेश किया जाता है। आपको बता दें कि, पाकिस्तान में बजट पेश किए जाने से पहले मंत्रिमंडल से मंजूरी लेते हैं और फिर असेंबली में बजट पेश करते हैं। 

पाकिस्तान में क्या है बजट पेश करने की प्रक्रिया 

भारत की तरह पाकिस्तान में भी बजट पेश किए जाने की एक प्रक्रिया है। पाकिस्तान नेशनल असेंबली में बजट सेशन का दिन निर्धारित करने का अधिकार सदन के स्पीकर के पास होता है। यहां पर किसी भी मेंबर को बजट में प्रस्तावित राशि को कम करने के लिए प्रस्ताव पेश करने का हक है। अनुदान की मांगों पर चर्चा के बार वोटिंग होती है और अंतर में लेखा—मत के बाद बजट पारित कर दिया जाता है।  

Image Source : IG/@numismatist_world_पाकिस्तानी मुद्रा।

भारत का बजट vs पाकिस्तान का बजट 

यदि आपको नहीं पता है तो बता दें कि, भारत का बजट पाकिस्तान के बजट से 8 गुना ज्यादा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत का 2024-25 का बजट ₹47.65 लाख करोड़ का है, जो पाकिस्तान के ₹5.65 लाख करोड़ के बजट से लगभग आठ गुना बड़ा है। अकेले भारत की बात करें तो उधार के अतिरिक्त कुल प्राप्तियां और कुल व्यय क्रमशः ₹34.96 लाख करोड़ और ₹50.65 लाख करोड़ होने का अनुमान है।  
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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