A
Hindi News वायरल न्‍यूज सऊदी अरब में पानी कहां से आता है, बिना नदी-तालाब के कैसे प्यास बुझा रहे लोग; सुनकर चौंक जाएंगे

सऊदी अरब में पानी कहां से आता है, बिना नदी-तालाब के कैसे प्यास बुझा रहे लोग; सुनकर चौंक जाएंगे

Saudi Arabia Facts: दुनिया के कई देशों के बारे में आपने अजीबोगरीब फैक्ट्स सुने होंगे। मगर आज हम आपको सऊदी अरब से जुड़ा एक ऐसा अनोखा सीक्रेट बताएंगे जो शायद सवाल बनकर आपके दिमाग में कौंध रहा होगा।

सऊदी अरब। - India TV Hindi Image Source : FREEPIK सऊदी अरब।

Saudi Arabia Facts: सऊदी अरब का अधिकांश भाग रेगिस्तान से आच्छादित है यही वजह है कि यहां की जलवायु काफी विशिष्ट है। यहां गर्मी में अत्यधिक गर्मी और सर्दियों में अत्यधिक ठंड पड़ती है। तेल और प्राकृतिक गैस के भंडार सऊदी अरब को धनाड्य और संपन्न देश बनाते हैं। हालांकि, हालांकि, ये देश केवल और केवल पानी की किल्लत से जूझ रहा है क्योंकि यहां कोई भी नदी, तालाब या झील नहीं है। ऐसे में यह एक सवाल लोगों के मन में जरूर उठता है कि, आखिर सऊदी अरब में पानी कहां से आता है ? आज हम आपको बताते हैं कि इसका चौंकाने वाला सच बताते हैं। 
Image Source : Freepik सऊदी अरब का रेगिस्तान।
सबसे पहले तो आपको ये बता दें कि, सऊदी अरब की केवल एक फीसदी जमीन ही कृषि योग्य है जिसमें कुछ सब्जियां ही उगाई जाती हैं।  हालांकि, एक बार यहां गेहूं की खेती कराए जाने की योजना बनाई गई थी और इसके लिए बाकायदा गेहूं फील्ड बनाया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वहां सिंचाई में इतना पानी लगने लगा कि जमीन पर नमक फैल गया और कुछ ही सालों में जमीन बंजर हो गई। इसके बाद वो पूरा इलाक़ा ही जहरीला हो गया। यही वजह है कि, अब पूरे इलाक़े को घेर कर रखा गया है ताकि कोई वहां पहुंच नहीं सके। 
Image Source : Freepik सऊदी अरब की भूमि।
स्थिति ये है कि, इतना संपन्न देश होने के बावजूद सऊदी अरब खाने-पीने के ​सामान के लिए विदेशों पर आश्रित है और वहीं से खरीदता है। चूंकि, यहां पर अब भूमिगत जल थोड़ा ही बचा है और कई रिसर्चों का कहना है कि सऊदी अरब का भूमिगत जल अगले 11 सालों में पूरी तरह से ख़त्म हो जाएगा। हालांकि, पहले यहां पानी के बहुत सारे कुएं थे जिनका इस्तेमाल हजारों वर्षों से होता आ रहा था मगर आबादी बढ़ने के साथ ही उस जल का दोहन बढ़ गया और कुएं सूख गए। 
Image Source : Freepik सऊदी अरब का व्यस्ततम शहर।
जानकार बताते हैं कि, यहां पर साल में एक या दो दिन ही बारिश होती है। हालांकि ये तूफान की शक्ल में आती है मगर ग्राउंड वाटर पर कोई फर्क नहीं पड़ता। ऐसे में महज एक विकल्प बचता है और वो है डिसालिनेशन यानी विलवणीकरण। इसके तहत समुद्र के पानी से नमक को अलग किया जाता है और उसे पीने योग्य बनाया जाता है। पिछले 50 सालों से सऊदी समंदर के पानी से नमक अलग कर इस्तेमाल कर रहा है. यहां हर साल डिसालिनेशन प्लांट लगाए जाते हैं और अपग्रेड किए जाते हैं। मगर इसमें लंबा खर्च आता है और आर्थिक रूप से कमजोर देशों के लिए ये मुमकिन नहीं। 
Image Source : Freepik सऊदी अरब का मौसम।
विश्व बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब वर्तमान में अपनी जीडीपी का दो फीसदी पानी की सब्सिडी पर खर्च करता है। कई रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया जाता है कि, सऊदी अरब का नाम दुनिया के उन देशों में शुमार है जो अपने नागरिकों को पानी पर सबसे ज़्यादा सब्सिडी देता है।

Image Source : Freepik पानी के किनारे बसा शहर।

रिपोर्ट की मानें तो सऊदी सरकार घरों में इस्तेमाल के लिए पानी पर भारी सब्सिडी देती है इसलिए पानी महंगा नहीं मिलता।

ये भी पढ़ें-
Video: दूध से नहाया फिर खुशी से काटा केक, शख्स का Divroce Celebration देख यूजर्स बोले- 'भाई को अब मिली आजादी'
 

ट्रेन में ऊपर की सीट पर बैठने के फायदे देख आंखें फटी रह जाएंगी, यकीन न हो तो देखें ये Viral VIDEO