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Hindi News वायरल न्‍यूज कपड़े ही नहीं अब वॉशिंग मशीन में 'इंसान' भी धुले जाएंगे ! जापान ने बनाई 3 करोड़ की मशीन, खूब वायरल हो रहा Video

कपड़े ही नहीं अब वॉशिंग मशीन में 'इंसान' भी धुले जाएंगे ! जापान ने बनाई 3 करोड़ की मशीन, खूब वायरल हो रहा Video

Ajab Gajab: सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में जापानी किस्म की एक अनोखी ह्यूमन वॉशिंग मशीन को दिखाया गया है। जिसकी कीमत 3 करोड़ बताई जा रही है।

 japanese human washing machine, japanese human washing machine video, japanese human washing machin- India TV Hindi Image Source : IG/@TECHNOLOGY वाशिंग मशीन।

Ajab Gajab: जापान के एक से बढ़कर एक इनोवेशन आपने देखे होंगे। कई बार सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो सामने आते हैं जिसमें जापान के अनोखे आविष्कार से लोगों का परिचय कराया जाता है। इस बार भी एक ऐसा ही वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में 'ह्यूमन वॉशिंग मशीन'​ दिखाई गई है। अपने अजीबोगरीब नाम के बावजूद, यह मशीन पूरी तरह से सुरक्षित है। मशीन के अंदर कोई घूमने वाला ड्रम या घूमने वाला तंत्र नहीं है। व्यक्ति बस पॉड में लेट जाता है, ढक्कन बंद कर देता है और बाकी काम सिस्टम पर छोड़ देता है। सफाई के दौरान मधुर संगीत बजता रहता है, जिससे यह अनुभव आरामदायक हो जाता है। जापानी कंपनी साइंस द्वारा निर्मित यह उपकरण 1970 के ओसाका वर्ल्ड एक्सपो में प्रदर्शित एक शुरुआती मॉडल से प्रेरित है, जिसे अब उन्नत सुविधाओं के साथ आधुनिक बनाया गया है। 

कैसे काम करती है ह्यूमन वॉशिंग मशीन 

इस वी​डियो को इंस्टाग्राम पर @technology नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में लोगों के पॉड में कदम रखते ही वाशिंग प्रोसेस शुरू होता है। अंदर जाते ही, सिस्टम बंद जगह में पानी और साबुन छोड़ता है। फिर एक स्क्रीन चलती है, जिससे केबिन में सुकून देने वाले संगीत और दृश्य बजते हैं और एक आरामदायक माहौल बनता है। मशीन पानी के छोटे-छोटे बुलबुलों का इस्तेमाल करके सफाई चक्र शुरू करती है जो त्वचा से गंदगी को धीरे-धीरे हटाते हैं। धोने के बाद, यह उपकरण यूजर को सिर से पैर तक सुखा देता है। पूरा चक्र पूरा होने पर, दरवाजा खुल जाता है, जिससे व्यक्ति साफ और तरोताज़ा महसूस करते हुए बाहर निकल सकता है।

मशीन की कीमत भी जानिए 

प्रत्येक ह्यूमन वाशिंग मशीन की कीमत लगभग 60 मिलियन येन (लगभग 3 लाख रुपये) है। लागत के कारण, केवल लगभग 50 इकाइयां ही बनाई जाएंगी। ये मुख्य रूप से उन लग्ज़री होटलों और उच्च-स्तरीय स्पा के लिए हैं जो इतनी महंगी मशीन खरीद सकते हैं। आखिरकार, किसी ने इसका आविष्कार उन दिनों में किया जब मैं बहुत थका हुआ होता हूं।' 

यूजर्स ने दी प्रतिक्रिया 

पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए एक यूजर ने लिखा, 'जीटीए 6 से पहले हमें जेटसन स्नान मिला।' दूसरे ने लिखा कि, 'शायद आगे बढ़ें और इसे अगले अंतिम गंतव्य फ्रैंचाइज़ी में जोड़ें।' तीसरे ने लिखा कि, 'बुजुर्गों और कम गतिशीलता वाले लोगों के लिए यह काफी क्रांतिकारी है।' चौथे यूजर ने लिखा कि, 'हर कंपनी को कर्मचारी बाथरूम में इसकी आवश्यकता होती है क्योंकि मेरे कुछ पुराने सहकर्मियों को इसकी आवश्यकता थी।' वहीं, एक और यूजर ने लिखा कि, 'ऐसा पॉड जो मेरे चारों ओर बंद हो जाता है और फिर पानी से भर जाता है, आरामदायक नहीं लगता। यह किसी बुरे सपने जैसा लगता है।' 

कैसे आया मशीन बनाने का आइडिया 

कंपनी के अनुसार, इस मशीन का विचार कई साल पुराना है। संस्थापक यासुआकी आओयामा जब छोटे थे, तब उन्होंने 1970 के ओसाका एक्सपो में इस उपकरण का एक प्रारंभिक संस्करण देखा था। तभी से उन्होंने इसे एक वास्तविक उत्पाद में बदलने का सपना देखा। दशकों बाद, जब उनकी बेटी को त्वचा संबंधी समस्याए्रं हुईं, तो उन्होंने त्वचा को रगड़े बिना शरीर को साफ करने का तरीका खोजना शुरू किया। इसी खोज के दौरान, उन्हें अति-सूक्ष्म बुलबुलों की क्षमता का पता चला, जिन्हें सूक्ष्म बुलबुले कहा जाता है। यह अपडेटेड मशीन इन महीन बुलबुलों का इस्तेमाल त्वचा पर हल्के से परत चढ़ाने के लिए करती है, जबकि इसमें लगे सेंसर उपयोगकर्ता की हृदय गति और तनाव के स्तर पर नजर रखते हैं। इस उपकरण के पीछे की टीम का कहना है कि उनका लक्ष्य लोगों को सिर्फ़ साफ़-सुथरा ही नहीं, बल्कि शांत, तनावमुक्त और तरोताज़ा महसूस कराना है। 
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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