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सुई और इंजेक्शन में होता है बहुत बड़ा फर्क, इन्हें एक समझने वाले लोग जरूर जान लें अंतर

कई सारे लोग ऐसे हैं जो सुई और इंजेक्शन, इन दोनों शब्दों को सालों से एक ही समझते आए हैं लेकिन बता दें कि इन दोनों शब्दों में बहुत बड़ा अंतर है जो आज आपको पता चल जाएगा। आइए आपको उसके बारे में बताते हैं।

प्रतीकात्मक फोटो- India TV Hindi
Image Source : PEXELS प्रतीकात्मक फोटो

इंसान जब बीमार होता है तो वो सीधे डॉक्टर के पास पहुंच जाता है। वहां डॉक्टर को अपनी परेशानी बताता है और वो सब जानने के बाद और अच्छे से जांच करने के बाद डॉक्टर दवाई देता है। कई बार तबीयत ज्यादा खराब होने पर वही डॉक्टर बीमार इंसान को इंजेक्शन भी लगाता है। आज हम इसी इंजेक्शन पर बात करने वाले हैं। कई सारे लोग ऐसे भी हैं जो सुई और इंजेक्शन को एक ही समझते हैं लेकिन बता दें कि इन दोनों में बहुत बड़ा अंतर है। आप भी अगर उन लोगों में से एक हैं तो फिर आइए आपको आज उसका फर्क बताते हैं।

सुई और इंजेक्शन में आखिर क्या अंतर होता है?

कई सारे लोग सुई और इंजेक्शन को एक ही समझते आए हैं मगर ऐसा नहीं है। ये दोनों चीजें अलग-अलग होती हैं। आइए पहले आपको सुई को बारे में बताते हैं। सुई सिर्फ एक पतली, नुकीली और खोखली नली होती है जो स्टेनलेस स्टील से बनी होती है। आइए अब इसका काम भी जान लेते हैं। इसका काम त्वचा को भेदकर दवा को शरीर के अंदर पहुंचाना है। इसके अलावा शरीर से खून को निकालने के भी सुई का इस्तेमाल होता है।

आइए अब आपको इंजेक्शन के बारे में बताते हैं जिसे कई लोग सुई का ही दूसरा शब्द समझते हैं। सुई जहां सिर्फ एक टूल है वहीं इंजेक्शन एक पूरी मेडिकल प्रक्रिया है जिसके तहत दवाई को शरीर के अंदर पहुंचाया जाता है। बता दें कि इंजेक्शन दो चीजों को मिलाकर बनता है और वो दो चीजें सुई और सिरिंज हैं। उम्मीद है कि जो लोग सुई और इंजेक्शन को एक ही समझते थे, वो अब इसके बीच का अंतर बहुत ही अच्छे से समझ जाएंगे और दूसरे लोगों को भी यह अंतर बता पाएंगे।

इंजेक्शन और इन्फ्यूजन में भी होता है अंतर

अभी आपने ऊपर यह तो पढ़ ही लिया कि इंजेक्शन किसे कहते हैं। आइए आपको बताते हैं कि इन्फ्यूजन किसे कहते हैं। इन्फ्यूजन भी रोगी को दवा देने का ही तरीका है मगर यह धीमी प्रक्रिया है। इन्फ्यूजन PICC लाइन, इंट्राओसियस, इंट्रावेनस और पोर्टा कैथ या फिर किसी दूसरे उपरकण के जरिए दिया जाता है। आसान शब्दों में कहें तो इंजेक्शन एक बार में दे दिया जाता है तो वहीं इन्फ्यूजन निरंतर या फिर रुक-रुक कर दिया जाता है। इन्फ्यूजन पंपों की मदद से किया जाता है।

नोट: इस आर्टिकल में दी गई सारी जानकारी अलग-अलग रिपोर्ट्स पर आधारित है और इंडिया टीवी इनकी पुष्टि नहीं करता है।

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