भारत की इकलौती सबसे 'आलसी' ट्रेन, 45 KM चलने में लगाती है 5 घंटे; इसमें सफर किया तो कभी भूलेंगे नहीं
Railway Interesting Facts: सोशल मीडिया पर आपने कई तरह की ट्रेनों के बारे में पढ़ा या देखा होगा। मगर आज हम आपको भारत की सबसे आलसी ट्रेन के बारे में बताएंगे जो 5 घंटे में 45 KM की दूरी तय करती है।

Railway Interesting Facts: जहां एक ओर वंदे भारत, तेजस, अमृत भारत और वंदे भारत स्लीपर जैसी ट्रेनों को लेकर भारतीय रेलवे दुनिया भर में चर्चा का विषय बना हुआ है तो वहीं, दूसरी एक ओर भारत अपनी एक आलसी ट्रेन के लिए भी जाना जाता है। भारत की ये ट्रेन इकलौती ऐसी ट्रेन है जो कि 45 KM चलने में 5 घंटे का समय लगा देती है। दावा किया जाता है कि इतनी देर में इस ट्रेन के रूट में 16 सुरंगें, 250 पुल और 208 मोड़ आते हैं। क्या आपको पता है कि, ये ट्रेन भारत में कहां चलती है और इस आलसी ट्रेन का नाम क्या है ? यदि आपको नहीं पता है तो आज हम आपको इसके बारे में बताने वाले हैं।
भारतीय रेलवे की उपलब्धियां
गौरतलब है कि, भारतीय रेलवे आजकल अपनी कई अभूतपूर्व उपलब्धियों को लेकर विश्वविख्यात हो चुका है। इन उपलब्धियों में हाल ही में शुरू हुई वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत जैसी ट्रेनों का नाम भी शामिल है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें लंबी दूरी के यात्रियों के लिए गति, आराम और आधुनिक सुविधाओं का बेहतरीन मेल साबित हो रही हैं। PIB की रिपोर्ट के मुताबिक, इसके पहले 26 दिसंबर 2025 तक भारतीय रेलवे नेटवर्क पर कुल 164 वंदे भारत ट्रेनों का संचालन हो रहा है। पिछले वर्ष की बात करें तो 2025 के दौरान, भारतीय रेलवे ने 15 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें शुरू कीं। इसके अलावा भारत में नमो भारत रैपिड रेल सेवाएं भी विकसित भारत की संकल्पनाओं को आकार दे रही हैं। नमो भारत रैपिड रेल उच्च आवृत्ति और क्षेत्रीय संपर्क के लिए डिज़ाइन की गई हैं, जिससे उच्च मांग वाले कॉरिडोर में कम और मध्यम दूरी की आवागमन सुविधा बेहतर होती है। बता दें कि, देश में भुज-अहमदाबाद और जयनगर-पटना के बीच 2 नमो भारत रैपिड रेल सेवाएं संचालित हैं।
भारत की आलसी ट्रेन (Slowest Train Of India)
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर Southern Railway के एक पेज से भारत की सबसे धीरे चलने वाली ट्रेन के रूट के बारे में बताया गया है। भारत की सबसे धीरे चलने वाली ट्रेन का नाम 'नीलगिरी माउंटेन रेलवे' है, जो कि तमिलनाडु के नीलगिरी पर्वत से गुजरती है। इसे प्राय: 'टॉय ट्रेन' के नाम से जाना जाता है। ये ट्रेन 5 घंटे में 45-46 किमी का सफर तय करती है। पोस्ट के कैप्शन में लिखा है कि, 'यूनेस्को-सूचीबद्ध नीलगिरी माउंटेन रेलवे के अवर्णनीय आकर्षण का अनुभव करें! एनएमआर मेट्टुपालयम-ऊटी के बीच 46 किलोमीटर की दूरी में सुरम्य पहाड़ियों, भव्य सुरंगों, घुमावों और खड़ी ढलानों से होकर गुजरता है और यह रहस्यमय यात्रा 5 घंटे तक चलती है।'
नीलगिरी माउंटेन रेलवे ट्रेन की टाइमिंग
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीलगिरी माउंटेन रेलवे ट्रेन (Nilgiri Mountain Railway Train) प्रात: 7:10 बजे पर मेट्टूपलयम से डिपार्ट हो कर दोपहर 12 बजे ऊटी आती है। इसके बाद वापसी में 2 बजे ऊटी से चलकर सायं 5:35 बजे मेट्टूपलयम पहुंचती है। इस दरम्यान रास्ते में कुनूर, वेलिंगटन, अरावनकाडू, केट्टी जैसे क्षेत्र पड़ते हैं। गौरतलब है कि, इस ट्रेन का नाम यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज (UNESCO World Heritage) में दर्ज है। चूंकि, इसमें सफर के दौरान पश्चिमी घाट के कई मनमोहक दृश्य देखने को मिलते हैं इसीलिए हमने कहा 'इसमें सफर कर लिया तो कभी भूलेंगे नहीं।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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