Amazing Facts : जब भी आप कभी मिट्टी का तेल या केरोसिन तेल लाते होंगे तो आपने गौर किया होगा कि उसमें से एक खुशबू यानी गंध आती है। ये खुशबू ज्यादातर लोगों को पसंद आती है और वे कई बार इसे जानबूझकर सूंघते भी हैं। मगर, क्या आपने कभी सोचा है कि मिट्टी के तेल से आने वाली खुशबू आखिर किस चीज की होती है ? आखिर इस महक में ऐसा क्या होता है जिसे सूंघने के बाद लोगों को नशा जैसा चढ़ने लगता है। आज हम आपको केरासिन तेल से जुड़े ऐसे ही दिलचस्प तथ्य के बारे में बताएंगे।
मिट्टी का तेल
मिट्टी का तेल एक ज्वलनशील हाइड्रोकार्बन लिक्विड है जिसका उपयोग बतौर ईंधन किया जाता है। इसे केरोसिन या घासलेट भी कहा जाता है। यह पेट्रोलियम से प्राप्त होता है और इसका उपयोग केरोसिन लैंप और घरेलू हीटर या भट्टियों में जलाने के लिए और कीटनाशकों आदि के लिए विलायक के रूप में किया जाता है।
मिट्टी के तेल की खुशबू
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मिट्टी का तेल हाइड्रोकार्बन का मिश्रण है। इसकी केमिकल संरचना इसके स्रोत पर निर्भर करती है, मगर आमतौर पर इसमें लगभग 10 अलग-अलग हाइड्रोकार्बन होते हैं। इनमें से प्रत्येक अणु में 10 से 16 कार्बन परमाणु होते हैं। इसके मुख्य घटक पैराफिन, नेफ्थेन हैं। गैसोलीन की तुलना में यह कम वाष्पशील होता है। बता दें कि, मिट्टी के तेल (केरोसिन) की गंध मुख्य रूप से एक तीखी, भारी और हाइड्रोकार्बन (पेट्रोलियम) जैसी होती है। यह गंध अक्सर डीजल या हल्के कच्चे तेल से मिलती-जुलती है। इसमें शामिल इन्हीं तत्वों के यौगिक मिश्रण के कारण मिट्टी के तेल से महक आती है।
मिट्टी का तेल सूंघने के नुकसान
गौरतलब है कि, मिट्टी के तेल की गंध सूंघना या ज्यादातर इसके संपर्क में रहना काफी खतरनाक है। इससे सांस लेने में तकलीफ, चक्कर आना, सिरदर्द, मतली, और बेहोशी हो सकती है। लंबे समय तक संपर्क में रहने से फेफड़ों को नुकसान, केंद्रीय तंत्रिका तंत्र पर बुरा असर, और गंभीर श्वसन रोग हो सकते हैं।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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