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Hindi News विदेश अन्य देश सुषमा ने BRICS बैठक में कहा, मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर-फाइनैंसिंग के खिलाफ हो संयुक्त कार्रवाई

सुषमा ने BRICS बैठक में कहा, मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर-फाइनैंसिंग के खिलाफ हो संयुक्त कार्रवाई

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को आह्वान किया कि ब्रिक्स देशों को मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकियों को वित्तीय मदद तथा कट्टरपंथ के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई करनी चाहिए...

Sushma Swaraj calls for joint action against money laundering and terrorist-financing | Twitter- India TV Hindi Sushma Swaraj calls for joint action against money laundering and terrorist-financing | Twitter

प्रिटोरिया: विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को आह्वान किया कि ब्रिक्स देशों को मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकियों को वित्तीय मदद तथा कट्टरपंथ के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने रेखांकित किया कि बहुपक्षवाद, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और नियम आधारित विश्व व्यवस्था के सामने आज ‘बड़ी चुनौती’ पैदा हो रही है। दक्षिण अफ्रीका की 5 दिन की यात्रा पर पहुंचीं सुषमा BRICS (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल हुईं। यह बैठक जोहानिसबर्ग में अगले महीने होने वाले समूह के वार्षिक शिखर सम्मेलन की नींव रखने के लिए आयोजित की गई जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की उम्मीद है।

‘BRICS सहयोग को मजबूत करेगी हमारी मुलाकात’
सुषमा ने कहा, ‘यहां हमारी चर्चा अंतर ब्रिक्स सहयोग को आगे और मजबूत करने की दिशा में योगदान देगी।’ विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में उनके हवाले से कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय मामलों में अंतर ब्रिक्स सहयोग को मजबूत करने में ब्रिक्स की भूमिका को भारत बहुत महत्व देता है। सुषमा ने दीर्घकालिक वृद्धि के लिए ब्रिक्स राष्ट्रों का आह्वान किया कि वे सामने खड़ी चुनौतियों के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई करें। उन्होंने कहा,‘ आज हमारी बैठक ऐसे समय हो रही है जब बहुपक्षवाद, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और नियम आधारित विश्व व्यवस्था को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। यद्यपि वैश्विक वृद्धि ने सही हालात के संकेत दर्शाए हैं, लेकिन दीर्घकालिक वृद्धि के समक्ष चुनौतियां लगातार बनी हुई हैं। वैश्वीकरण का लाभ सभी तक पहुंचाना अभी भी एक चुनौती बना हुआ है।’ 

‘मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी’
सुषमा ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी ने हमारी प्राथमिकताओं के रूप में मनी लॉन्ड्रिंग, टेरर-फाइनैंसिंग, साइबर स्पेस और कट्टरपंथ के खात्मे पर ध्यान केंद्रित करते हुए संयुक्त कार्रवाई के लिए ब्रिक्स की आतंकवाद रोधी रणनीति का आह्वान किया था। हमारे नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र के आतंकवाद रोधी ढांचे को सक्षम और प्रभावी बनाने का भी आह्वान किया है। दक्षिण अफ्रीकी ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत हम आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए हमारे नेताओं के संकल्प के क्रियान्वयन के वास्ते अपनी प्रतिबद्धता को फिर दोहराते हैं।’

पांचों देशों ने आतंकवाद और सुरक्षा पर की चर्चा
सुषमा ने बाद में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पांचों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष और सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता पर चर्चा की। उन्होंने कहा, ‘आप सभी श्यामेन में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से निकले आतंकवाद रोधी मजबूत बयान से अवगत हैं। मुझे यकीन है कि आज की बैठक में हमने जो चर्चा की, वह अगले महीने जोहानिसबर्ग में आगामी शिखर सम्मेलन में उठेगी। हम सफल जोहानिसबर्ग शिखर सम्मेलन की दिशा में योगदान देने के लिए कटिबद्ध हैं जिसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काफी आशान्वित हैं।’

‘BRICS बैठकों को उत्सुकता से देख रही है दुनिया’
उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देश प्रभावी वृद्धि, निवेश और व्यापार हिस्सेदारी के साथ वैश्विक आबादी की लगभग 42 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधत्व करते हैं। सुषमा ने कहा, ‘ब्रिक्स बैठकों को दुनियाभर में बड़ी उत्सुकता से देखा जाता है और हमारे निर्णयों का वैश्विक स्तर पर अत्यंत प्रभावी असर होता है। आज की बैठक में हमने राजनीतिक, सुरक्षा और आर्थिक परिदृश्य में वैश्विक महत्व के वर्तमान मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।’ बैठक में भाग लेने वाले अन्य विदेश मंत्रियों में चीन के वांग यी, दक्षिण अफ्रीका के लिंदिवे सिसुलू, ब्राजील के मार्कोस बेजेरा एबोट गलवाओ और रूस के सर्गेई लावरोव शामिल हैं।

IBSA के विदेशमंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता करेंगी सुषमा
सुषमा ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठकों के दौरान सुरक्षा, आतंकवाद, संयुक्त राष्ट्र सुधार, शांति मिशन, कट्टरपंथ, साइबर सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय तथा क्षेत्रीय मुद्दों जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में ब्रिक्स सहयोग पर विस्तार से चर्चा की जाती है। उन्होंने कहा, ‘अब यह आवश्यक है कि हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में ब्रिक्स सुरक्षा फोरम स्थापित करने पर बनी सहमति पूरी तरह क्रियान्वित हो। भारत दक्षिण अफ्रीका के शिखर सम्मेलन थीम का स्वागत करता है जो अफ्रीका में समावेशी ढंग से विकास के प्रति समर्पित है। हम भविष्य की वृद्धि और भविष्य की पीढ़ियों के लिए इसके महत्व तथा उनके लिए रोजगार संभावनाओं के इंजन के रूप में प्रौद्योगिकी पर ध्यान केंद्रित किए जाने का भी स्वागत करते हैं।’ सुषमा IBSA (भारत, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका) के विदेश मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता भी करेंगी। यह एक अन्य समूह है जो तीनों देशों के बीच बड़े वैश्विक मुद्दों पर सहयोग को गहरा करने के लिए काम कर रहा है।

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