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Hindi News विदेश एशिया VIDEO: अफगानिस्तान का मिलिट्री प्लेन हुआ क्रैश, गैर कानूनी तरीके से उज्बेकिस्तान में घुसा था

VIDEO: अफगानिस्तान का मिलिट्री प्लेन हुआ क्रैश, गैर कानूनी तरीके से उज्बेकिस्तान में घुसा था

काबुल एयरपोर्ट पर लोग विमानों के आगे दौड़ते नजर आ रहे हैं। गौरतलब है कि विदेशी सैनिकों के निकलने के बीच तालिबान ने देश पर कब्जा कर लिया है और बीते रविवार को वे राजधानी काबुल पहुंच गए और उन्होंने राष्ट्रपति भवन को अपने कब्जे में ले लिया है।

VIDEO: अफगानिस्तान में हजारों की भीड़ देश छोड़ने को बेचैन- India TV Hindi Image Source : TWITTER VIDEO: अफगानिस्तान में हजारों की भीड़ देश छोड़ने को बेचैन

Afghanistan Military Plane Crash: अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद से सोशल मीडिया पर तरह-तरह के वीडियो सामने आ रहे हैं। तालिबान के कब्जे के बाद अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में हवाई अड्डे पर अफरा तफरी का माहौल है, हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी है जो जल्द से जल्द देश छोड़ने को बेचैन है। लोग हवाई पट्टी पर इधर से उधर दौड़ रहे हैं और विमानों में सवार होने के लिए धक्का मुक्की हो रही है। हवाई अड्डे की अफरातफरी पर काबू पाने के लिए अमेरिकी सैनिकों ने चेतावनी स्वरूप हवा में गोलियां भी चलायीं।  

अफगानिस्तान का मिलिट्री प्लेन क्रैश

अफगानिस्तान का मिलिट्री प्लेन क्रैश हो गया है। उज्बेकिस्तान में अफगानिस्तान के मिलिट्री प्लेन के क्रैश होने की खबर आ रही है। रूस की आरआईए न्यूज एजेंसी ने उज्बेकिस्तान के रक्षा मंत्रालय के हवाले से बताया कि इस दुर्घटना में विमान के पायलट की जान बच गई है। उसने समय रहते हुए विमान से खुद को इजेक्ट कर लिया। हालांकि, वह घायल है और इलाज चल रहा है। उज्बेकिस्तान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता बोखरोम जुल्फीकारोव ने सोमवार को समाचार एजेंसी एएफपी से भी इस खबर की पुष्टि की है। जुल्फीकारोव ने कहा कि सैन्य विमान ने गैर कानूनी तरीके से उज्बेकिस्तान की सीमा पार की थी, इस मामले में जांच की जा रही है।

तालिबान ने राष्ट्रपति भवन पर किया कब्जा

गौरतलब है कि विदेशी सैनिकों के निकलने के बीच तालिबान ने देश पर कब्जा कर लिया है और बीते रविवार को वे राजधानी काबुल पहुंच गए और उन्होंने राष्ट्रपति भवन को अपने कब्जे में ले लिया है। राष्ट्रपति अशरफ गनी के देश से बाहर चले जाने के बाद रविवार को तालिबान के लड़ाके काबुल में घुस गए। इसके साथ ही दो दशक लंबे उस अभियान का आश्चर्यजनक अंत हो गया जिसमें अमेरिका और उसके सहयोगियों ने देश में बदलाव लाने की कोशिश की थी। तालिबान ने एक हफ्ते से भी कम समय में देश के बड़े हिस्से पर नियंत्रण कर लिया और पश्चिमी देशों द्वारा प्रशिक्षित देश का सुरक्षा बल तालिबान को रोकने या मुकाबला करने में नाकाम साबित हुआ।

विमान दुर्घटनाग्रस्त होने की खबरों की पड़ताल की जा रही: उज्बेकिस्तान

उज्बेकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि वह उन खबरों की पड़ताल कर रहा है जिनमें कहा गया है कि एक विमान दुर्घटाग्रस्त हो गया है, जिसमें अफगान सेना की पहचान वाले चिह्न हैं। उज्बेक मीडिया में आई खबरों में कहा गया है कि एक विमान देश के दक्षिणपूर्व इलाके में रविवार शाम को दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह स्थान अफगानिस्तान सीमा से ज्यादा दूर नहीं है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने रूस की सरकारी समाचार एजेंसी रिया नोवोस्ती को बताया कि मंत्रालय ऑनलाइन मौजूद वीडियो और रिपोर्टों के जरिए 'गहन पड़ताल' कर रहा है। उन्होंने बताया कि जांच के निष्कर्षों को शीघ्र ही सार्वजनिक किया जाएगा।

उड़ान भरने के दौरान अमेरिकी मिलिट्री एयरक्राफ्ट के आगे दौड़ने लगे लोग

काबुल एयरपोर्ट पर लोग विमान के आगे दौड़ते नजर आ रहे हैं। काबुल एयरपोर्ट पर अमेरिकी मिलिट्री एयरक्राफ्ट के आगे लोग दौड़ते दिखाई दिए। बताया जा रहा है कि चलते विमान के आगे हवाई पट्टी पर लोग दौड़ने लगे और उड़ते प्लेन से 3 नागरिक गिर गए हैं। लोगों के प्लेन से गिरने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। रन-वे पर उड़ान भरने के दौरान प्लेन के विंग में कई लोग बैठे और दौड़ते नजर आ रहे हैं। वहीं भारत समते दुनिया के तमाम देश अफगानिस्तान के हालात पर नजर बनाए हुए हैं। 

अमेरिका काबुल हवाईअड्डे पर 6,000 सैनिकों की तैनाती करेगा 

अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे और राष्ट्रपति अशरफ गनी के शासन के घुटने टेकने के बीच अमेरिका ने कहा है कि अपने नागरिकों, अपने मित्रों और सहयोगियों की अफगानिस्तान से सुरक्षित वापसी के लिए वह काबुल हवाईअड्डे पर 6,000 सैनिकों को तैनात करेगा। विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने महत्वपूर्ण सहयोगी देशों के अपने समकक्षों से बात की। हालांकि इनमें भारत शामिल नहीं था। अमेरिका और यूरोपीय संघ के नेतृत्व में 60 से अधिक देशों ने संयुक्त बयान जारी किया है जिसमें अफगानिस्तान में शक्तिशाली पदों पर आसीन लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे मानवीय जीवन और संपत्ति की रक्षा की जिम्मेदारी और जवाबदेही लें और सुरक्षा एवं असैन्य व्यवस्था की बहाली के लिए तुरंत कदम उठाएं।  

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