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चीन की कार्रवाई के डर से हजारों लोग हांगकांग छोड़कर चले गए ब्रिटेन

चीन द्वारा पिछले साल गर्मियों में सख्त राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू किए जाने के बाद से हांगकांग से हजारों लोग अपने-अपने घरों को छोड़कर ब्रिटेन चले गए हैं।

Hong Kong Flee, Hong Kong Britain Flee, Hong Kong China Flee, Hong Kong China Crackdown- India TV Hindi Image Source : AP चीन द्वारा पिछले साल गर्मियों में सख्त राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू किए जाने के बाद से हांगकांग से हजारों लोग ब्रिटेन चले गए हैं।

हांगकांग: चीन द्वारा पिछले साल गर्मियों में सख्त राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू किए जाने के बाद से हांगकांग से हजारों लोग अपने-अपने घरों को छोड़कर ब्रिटेन चले गए हैं। बताया जा रहा है कि अभी कई हजार लोग और हांगकांग छोड़ने वाले हैं। इन में से कुछ लोगों को इस बात का डर है कि लोकतंत्र की मांग वाले प्रदर्शनों का समर्थन करने के कारण उन्हें दंडित किया जा सकता है। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि उनके जीवन जीने के तरीके और नागरिकों की स्वतंत्रता पर चीन की दखलंदाजी अब बर्दाश्त से बाहर हो गई है और वे अपने बच्चों का बेहतर भविष्य चाहते हैं। 

50 लाख लोगों को मिल सकता है वीजा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हांगकांग छोड़कर जाने वाले कई लोग कभी वापस नहीं लौटने का मन बना चुके हैं। अब और भी बड़ी संख्या में लोगों के हांगकांग से ब्रिटेन जाने की संभावना है क्योंकि हांगकांग के 50 लाख लोग अब ब्रिटेन में वीजा आवेदन करने की योग्यता रखते हैं। इस तरह वे ब्रिटेन में रह सकते हैं, काम कर सकते हैं, पढ़ाई कर सकते हैं तथा समय बीतने के साथ ब्रिटेन के नागरिक भी बन सकते हैं। ‘ब्रिटिश नेशनल ओवरसीज’ (BNO) वीजा के लिए आवेदन प्रक्रिया रविवार से खुल गई है। हालांकि इससे पहले ही कई लोग ब्रिटेन पहुंच चुके हैं। ब्रिटेन की सरकार ने कहा कि (BNO) पासपोर्ट धारक करीब 7 हजार लोग बीती जुलाई से वहां पहुंचे हैं।

बड़ी संख्या में ब्रिटेन जाने को तैयार हैं लोग
हांगकांग में एनलेक्स इमिग्रेशन कंसल्टेंट्स के संस्थापक एंड्रयू लो ने बताया, ‘जुलाई में BNO की घोषणा से पहले लोग ब्रिटेन के आव्रजन को लेकर ज्यादा पूछताछ नहीं करते थे। लेकिन अब तो इस बारे में जानकारी पाने के लिए एक दिन में 10 से 15 कॉल आने लगी हैं।’ लो ने बताया कि नए वीजा के चलते ब्रिटेन में प्रवेश की राह में जो अवरोधक थे वे बहुत कम हो गए हैं। अब इसमें भाषा या शैक्षिणक योग्यता संबंधी आवश्यकताएं भी नहीं रही हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में वह एक हफ्ते में 3 से 4 परिवारों को ब्रिटेन जाने में मदद कर रहे हैं।

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