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Hindi News विदेश एशिया ढाका में चीन का नाम लिए बिना PM मोदी ने साधा निशाना, कहा- न दबाव में झुकेंगे, न कूटनीति का शिकार होंगे

ढाका में चीन का नाम लिए बिना PM मोदी ने साधा निशाना, कहा- न दबाव में झुकेंगे, न कूटनीति का शिकार होंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश की राजधानी ढाका में आयोजित ‘नेशनल डे’ प्रोग्राम में चीन पर इशारों-इशारों में निशाना साधा। 

Narendra Modi, Narendra Modi China, Narendra Modi China Bangladesh, Modi Bangladesh- India TV Hindi Image Source : YOUTUBE GRAB प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश की राजधानी ढाका में आयोजित ‘नेशनल डे’ प्रोग्राम में चीन पर इशारों-इशारों में निशाना साधा।

ढाका: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश की राजधानी ढाका में आयोजित ‘नेशनल डे’ प्रोग्राम में चीन पर इशारों-इशारों में निशाना साधा। पीएम ने बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान को श्रद्धांजति देते हुए कहा कि कोई भी ताकत बांग्लादेश को दबा नहीं सकती। वहीं, चीन पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘आज बांग्लादेश में अपनी आजादी के लिए लड़ने वालों और भारतीय जवानों का रक्त साथ साथ बह रहा है, यह रक्त ऐसे संबंधों का निर्माण करेगा जो किसी भी दवाब से टूटेंगे नहीं जो किसी भी कूटनीति का शिकार नहीं बनेंगे।’ इस अवसर पर बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भी मौजूद थीं।

पीएम मोदी ने ‘प्रणव दा’ को किया याद
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को भी याद किया। पीएम ने कहा, ‘हमारे पूर्व राष्ट्रपति प्रणब दा ने कहा था कि बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान का जीवन धैर्य, प्रतिबद्धता और आत्मसंयम का प्रतीक है।’ वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा जी के प्रयासों और उनकी महत्वपूर्ण भूमिका सबको ज्ञात है। उसी दौर में 6 दिसंबर 1971 को अटल बिहारी वाजपेयी जी ने कहा था, हम न केवल मुक्ति संग्राम में अपने जीवन की आहुति देने वालों के साथ लड़ रहे हैं बल्कि इतिहास को एक नई दिशा देने का भी प्रयत्न कर रहे हैं।’


पाकिस्तान पर भी जमकर बरसे मोदी
अपने संबोधन में पीएम ने चीन के साथ-साथ पाकिस्तान पर भी निशाना साधा और कहा कि बांग्लादेश में उसके द्वारा किए गए अत्याचारों की दुनिया में पर्याप्त चर्चा नहीं हुई। पीएम ने कहा, ‘यहां पाकिस्तान की सेना ने जो जघन्य अपराथ किए वो तस्वीरें विचतिल करती थी, कई दिन तक सोने नहीं देती। एक निरंकुश सरकार अपने ही नागरिकों का जनसंहार कर रही थी, उनकी भाषा उनकी आवाज उनकी पहचान को कुचल रही थी, ऑपरेशन सर्चलाइट की उस क्रूरता की विश्व में उतनी चर्चा नहीं हुई है जितनी होनी चाहिए।’

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