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Hindi News विदेश एशिया रोड इंफ्रास्ट्रक्चर में भारत ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, चीन-जापान और फ्रांस को पीछे छोड़ USA के बाद दूसरा मुकाम

रोड इंफ्रास्ट्रक्चर में भारत ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, चीन-जापान और फ्रांस को पीछे छोड़ USA के बाद दूसरा मुकाम

रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर के मामले में भारत ने कई वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार भारत में सड़कों का नेटवर्क अब अमेरिका के बाद दूसरे नंबर पर है। चीन, जापान, जर्मनी, इटली और फ्रांस, आस्ट्रेलिया जैसे देशों को भारत ने बहुत पीछे छोड़ दिया है। यह सब पीएम मोदी के 9 वर्षों के कार्यकाल में हुआ।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे (फाइल)- India TV Hindi Image Source : FILE दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे (फाइल)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का इन्फ्रास्ट्रक्चर दुनिया के तमाम विकसित देशों को भी मात दे रहा है। पिछने नौ वर्षों के कार्यकाल में देश के रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर ने दुनिया के बड़े-बड़े और विकसित देशों को भी पीछे छोड़ दिया है। भारत ने बेहतरीन रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर के मामले में वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम करते हुए चीन, जापान, इटली, फ्रांस, आस्ट्रेलिया और जर्मनी जैसे देशों को भी काफी पीछे छोड़ दिया है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार भारत ने एक साथ 7 वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम करते हुए रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर के मामले में अब अमेरिका के बाद दुनिया में दूसरे नंबर पर आ गया है।

नितिन गडकरी ने बताया कि भारत में एक्सप्रेस-वे और हाईवे का लगातार जाल बिछाया जा रहा है। वर्ष 2014 से पहले देश में प्रतिदिन सड़कें बनने का औसत 11.6 किलोमीटर था, जो अब बढ़कर 30 किलोमीटर हो चुका है। यानि पहले से तीन गुना के करीब बढ़ोत्तरी हुई है। गडकरी ने कहा कि वर्ष 2020-21 में रोजाना सड़कें बनने का औसत 47 किलोमीटर पहुंच चुका था, लेकिन कोविड काल में इसके रफ्तार में कुछ कमी आई। मगर अब भी देश में रोज 30 किलोमीटर सड़कें बन रही हैं। यह अपने आप में एक नया रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि अभी सड़कें बनने के रफ्तार में फिर से तेजी आ जाएगी।

Image Source : Fileनितिन गडकरी, केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री

पीएम मोदी के कार्यकाल में इस तरह बिछा सड़कों का जाल

नितिन गडकरी ने कहा कि नॉर्थ-ईस्ट से लेकर पूरे भारत में नई सड़कों के बनने की रफ्तार काफी तेज चल रही है। दुरूह और बीहड़ व पहाड़ी क्षेत्रों में भी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआइ) तेजी से सड़कों का जाल बिछा रहा है। दुर्गम से दुर्गम पहाड़ों को काटकर व सुरंगें बनाकर रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर को गति दी जा रही है। इससे भारत में एक्सपोर्ट, रोजगार, व्यापार और निवेश व पर्यटन में भी वृद्धि देखी जा रही है।

91 हजार से 1.45 लाख किलोमीटर पहुंचा सड़कों का नेटवर्क

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि पहले देश का रोड नेटवर्क 91,287 किलोमीटर था। इसमें पिछले 9 वर्षों में 59 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। अब यह बढ़कर 1,45,240 किलोमीटर हो गया है। इसमें एनएचआइ के बनाए सात वर्ल्ड रिकॉर्ड भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका के बाद सेकेंड लार्जेस्ट रोड नेटवर्क वाला देश हो गया है। पहले देश में फोरलेन 18,371 किलोमीटर थे। यह देश में बने कुल रोड के 20 प्रतिशत थे। अब यह 31 फीसदी बढ़कर 44,654 किलोमीटर हो गए हैं। इससे ट्रैफिक डेंसिटी में सुधार आया है।

टोल नाको पर वेटिंग टाइम घटा

नितिन गडकरी ने बताया कि पहले देश में 2 लेन रोड 45,319 किलोमीटर थे। वह अब 83,941 किलोमीटर हो गए हैं। 16 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों को दो लेन से 4 लेन में बदला गया है। इससे सड़कों पर ट्रैफिक काफी स्मूथ हुआ है। साथ ही टोल नाकों पर वेटिंग बहुत कम हो गई है। आंकड़ों के अनुसार टोलनाकों पर पहले वेटिंग का औसत 12 मिनट तक था। अब वर्ष 2023 में टोल नाकों का वेटिंग औसत 47 सेकेंड पर आ गया है। आगे इसे 30 सेकेंड से भी कम कर दिया जाएगा।

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