A
Hindi News विदेश एशिया 'खामेनेई के महल पर इकट्ठा हैं ईरान के शीर्ष सैन्य अधिकारी', जानिए इजरायल की 'मोसाद' एजेंसी ने कैसे लगाया पता?

'खामेनेई के महल पर इकट्ठा हैं ईरान के शीर्ष सैन्य अधिकारी', जानिए इजरायल की 'मोसाद' एजेंसी ने कैसे लगाया पता?

ईरान के सुप्रीम लीडर के मौत के बाद इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद की चर्चा हो रही है। जानिए मोसाद ने कैसे पता लगाया कि ईरान के टॉप लीडर एक ही जगह इकट्ठा हुए हैं?

खामेनेई की मौत- India TV Hindi Image Source : AP खामेनेई की मौत

ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई। खामेनेई की मौत ऐसे समय पर हुई, जब वह अपने महल में सीनियर सैन्य अधिकारियों के साथ हाई लेवल मीटिंग कर रहे थे। तभी इजरायल के फाइटर जेट्स ने एक साथ 30 बंकर बस्टर बम बरसा दिए। कुछ ही सेकेंडों में खामेनेई का अभेद किला कहा जाने वाला मलबे में तब्दील हो गया। खामेनेई, उनके बड़े बेटे मुस्तफा, बेटी, दामाद पोती, ईरान के टॉप लीडरशिप सब एक झटके में खत्म हो गए।

खामेनेई के महल पर चल रही थी हाई लेवल मीटिंग

अब इन सबके बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतने गहन सुरक्षित महल और गुप्त ठिकाने (अंडरग्राउंड बंकर) तक इजरायल को ये लोकेशन कैसे पता चली कि यहां कोई हाई लेवल मीटिंग चल रही है। दरअसल, इसके पीछे इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद का काम है। 

सालों की गहन जासूसी का नतीजा

रिपोर्ट्स के मुताबिक खामेनेई के ठिकाने पर 30 से ज्यादा बंकर बस्टर बम गिराए गए। इजरायली और अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' में मोसाद की भूमिका अब सामने आ रही है, जो सालों की गहन जासूसी का नतीजा बताई जा रही है।

ईरान के हाई स्तर पर अंदर तक घुसपैठ 

विशेषज्ञों और इजरायली सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, मोसाद ने ईरान के हाई स्तर पर अंदर तक घुसपैठ की थी। बताया जा रहा है कि खामेनेई के ठिकाने का पता लगाने में कई तरीके इस्तेमाल किए गए। इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और खामेनेई के करीबी सर्कल में मोसाद के एजेंट या संपर्क मौजूद थे। 

फोन को हैक किए जाने की आशंका

कुछ रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया गया कि बॉडीगार्ड्स के फोन हैक करके या उनके मूवमेंट ट्रैक करके लोकेशन पता चली होगी। पहले के ऑपरेशन्स में भी इसी तरह बॉडीगार्ड्स के फोन से लीडर्स की मीटिंग्स का पता लगाया गया था।

सैटेलाइट इमेजरी, सिग्नल इंटेलिजेंस का सहारा

ऑपरेशन से ठीक पहले खामेनेई, उनके सलाहकार अली शमखानी और IRGC कमांडरों की तीन अलग-अलग हाई-लेवल मीटिंग्स एक साथ होने की जानकारी मिली थी। रिपोर्ट के अनुसार, सटीक लोकेशन का पता लगाने के लिए मोसाद AI का इस्तेमाल करता है। तेहरान में खामेनेई के ठिकाने पर हुए हमले में सैटेलाइट इमेजरी, सिग्नल इंटेलिजेंस (SIGINT) और साइबर टूल्स का भी इस्तेमाल किया गया। 

सुबह 9 बजे किया गया हमला

इन्हीं सब को ट्रैस करते हुए इजरायल के सैन्य अधिकारियों तक खुफिया जानकारी मिली और दिन में ही हमला कर दिया। इजरायल ने ईरान के स्थानीय समयानुसार सुबह 9 बजे हमला किया, जब खामेनेई के महल पर मीटिंग चल रही थी। 

ये भी पढ़ें: 

Explainer: जानिए क्या होते हैं बंकर बस्टर बम? खामेनेई के अभेद किले में एक साथ गिराए गए थे 30

जहां मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई, सामने आईं सैटेलाइट तस्वीरें, खंडहर में तब्दील दिखा पूरा कंपाउंड

 
 
 
 

Latest World News