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उत्तर कोरिया को टक्कर देने के लिए जापान और दक्षिण कोरिया सुधारेंगे आपसी रिश्ते, किम जोंग को टेंशन

फुमियो किशिदा ने कहा “मार्च से ही हमारे बीच वित्त और रक्षा समेत अन्य क्षेत्रों में विभिन्न स्तर पर संवाद बरकरार है। मेरी योजना इस संवाद को और विस्तार देने की है। दक्षिण कोरियाई और जापानी अधिकारियों ने कहा कि योल और किशिदा उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम,दक्षिण कोरिया व जापान की आर्थिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर बात होगी।

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक योल के साथ जापान के पीएम फुमियो किशिदा- India TV Hindi Image Source : AP दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक योल के साथ जापान के पीएम फुमियो किशिदा

उत्तर कोरिया को टक्कर देने के लिए जापान और दक्षिण कोरिया के नेताओं ने द्विपक्षीय रिश्तों में सुधार का फैसला किया है। इसके लिए रविवार को दोनों देश शिखर बैठक करेंगे। यह दो महीने से भी कम समय में दोनों देशों के नेताओं के बीच दूसरी मुलाकात होगी। दक्षिण कोरिया और जापान ऐतिहासिक मसलों पर लंबे समय से जारी गतिरोध को दूर करना चाहते हैं तथा उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम व अन्य क्षेत्रीय चुनौतियों के मद्देनजर आपसी सहयोग को बढ़ावा देना चाहते हैं।

दोनों देशों के इस फैसले से उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग भी परेशान हो उठे हैं। जापान के प्रधानमंत्री फिमियो किशिदा दो दिन की यात्रा पर रविवार को दक्षिण कोरिया पहुंचे हैं। इससे पहले, मार्च के मध्य में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक योल ने तोक्यो का दौरा किया था। जापान और दक्षिण कोरिया के राष्ट्राध्यक्षों ने बीते 12 साल में पहली बार एक के बाद एक, एक-दूसरे के देश की यात्रा की है। किशिदा ने सियोल रवाना होने से पहले पत्रकारों से कहा था, “मुझे उम्मीद है कि राष्ट्रपति यून से हमारे विश्वास के रिश्ते के आधार पर खुले दिल से विचारों का आदान-प्रदान होगा।

आर्थिक सुरक्षा समेत कई मुद्दों पर होगी चर्चा

फुमियो किशिदा ने कहा “मार्च से ही हमारे बीच वित्त और रक्षा समेत अन्य क्षेत्रों में विभिन्न स्तर पर संवाद बरकरार है। मेरी योजना इस संवाद को और विस्तार देने की है।” दक्षिण कोरियाई और जापानी अधिकारियों ने कहा कि योल और किशिदा उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम, दक्षिण कोरियाव जापान की आर्थिक सुरक्षा, समग्र संबंधों और अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। दोनों देशों ने बीते कई वर्षों में ऐतिहासिक कारणों से एक-दूसरे के खिलाफ उठाए गए आर्थिक कदमों को हाल के हफ्तों में वापस ले लिया है। 1910 से 1945 तक कोरियाई प्रायद्वीप पर जापान के औपनिवेशिक शासन से उपजे मुद्दों की वजह से सियोल और तोक्यो के बीच रिश्तों में लंबे समय से खटास रही है।

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