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Hindi News विदेश एशिया मुस्लिम कट्टरपंथियों को झटका! मलेशिया की ‘सुप्रीम’ कोर्ट ने रद्द किए शरिया आधारित राज्य कानून

मुस्लिम कट्टरपंथियों को झटका! मलेशिया की ‘सुप्रीम’ कोर्ट ने रद्द किए शरिया आधारित राज्य कानून

मलेशिया की शीर्ष अदालत द्वारा कुछ शरिया कानूनों को रद्द करने के बाद PAS महासचिव ने कहा कि जब एक इलाके में शरिया कानून अवैध हो गया, तो अन्य राज्यों में भी ऐसा हो सकता है।

Malaysia, Malaysia Court, Malaysia Court Sharia, Malaysia Kelantan- India TV Hindi Image Source : AP FILE मलेशिया की शीर्ष अदालत ने शरिया आधारित कई राज्य कानूनों को रद्द कर दिया है।

कुआलालंपुर: मलेशिया की सबसे बड़ी अदालत ने शुक्रवार को केलंतन राज्य द्वारा बनाए गए शरिया आधारित करीब एक दर्जन कानूनों को रद्द कर दिया है। शीर्ष अदालत ने कहा है कि ये कानून संघीय प्राधिकार में अतिक्रमण करते हैं। इस फैसले की इस्लामिक कट्टरपंथियों ने निंदा की है, क्योंकि उन्हें डर है कि इससे देश भर में धार्मिक अदालतें कमजोर हो सकती हैं। 9 सदस्यीय फेडरल कोर्ट ने 8-1 के बहुमत से विपक्ष द्वारा संचालित केलंतन राज्य सरकार द्वारा बनाए गए 16 कानूनों को अमान्य करार दे दिया।

किन कानूनों पर पड़ेगा अदालत के आदेश का असर

अदालत के इस आदेश के बाद शरिया के उन कानूनों पर असर पड़ेगा जिनमें कुकर्म, यौन उत्पीड़न, अनाचार और ‘क्रॉस ड्रेसिंग’ (विपरीत लिंग से संबंधित कपड़े पहनना) से लेकर झूठे सबूत देने तक के अपराधों के लिए दंड का प्रावधान किया गया था। अदालत ने कहा कि राज्य इन विषयों पर इस्लामी कानून नहीं बना सकते, क्योंकि वे मलेशियाई संघीय कानून के अंतर्गत आते हैं। मलेशिया में दो स्तरीय कानून प्रणाली है, जिसमें शरिया के तहत मुस्लिमों के व्यक्तिगत और पारिवारिक मामले आते हैं और सिविल कानून भी हैं। मलय जातीय समूह की परिभाषा के तहत सभी लोगों को मलेशियाई कानून के तहत मुस्लिम माना जाता है।

कोर्ट के बाहर जमा हो गए थे PAS समर्थक

देश की 3.3 करोड़ आबादी में से दो तिहाई आबादी मलय जातीय समूह की है, जबकि बड़ी संख्या में चीनी और भारतीय अल्पसंख्यक भी देश में रहते हैं। शरिया इस्लामी कानून हैं, जो कुरान और हदीस पर आधारित हैं। अदालत में कानूनों को चुनौती 2020 में ग्रामीण पूर्वोत्तर राज्य केलंतन की 2 मुस्लिम महिलाओं ने दी थी। राज्य की कुल आबादी में 97 प्रतिशत मुस्लिम हैं। केलंतन पर 1990 से रूढ़िवादी पैन-मलेशियाई इस्लामिक पार्टी या PAS का शासन रहा है। PAS के सैकड़ों समर्थक शुक्रवार को कोर्ट के बाहर जमा हो गए और शरिया कानूनों की रक्षा करने की मांग की।

‘आज शरिया कानून के लिए काला शुक्रवार है’

PAS के महासचिव तकियुद्दीन हसन ने फैसले के बाद कहा, ‘आज हम बहुत दुखी हैं। आज शरिया कानून के लिए काला शुक्रवार है। जब एक इलाके में शरिया कानून अवैध हो गया, तो अन्य राज्यों के शरिया कानूनों को भी यही खतरा हो सकता है।’ PAS मलेशियाई संसद में विपक्ष में है और यह सबसे बड़ी पार्टी है। पार्टी का मलेशिया के 13 में से 4 राज्यों पर शासन है। PAS सख्त इस्लामी कानूनों का समर्थन करती है। वह हुदूद नामक आपराध संहिता लागू करने की मांग कर रही थी, जिसमें चोरी के लिए अंग-भंग और व्यभिचार के लिए पत्थर मारकर हत्या जैसे दंड शामिल थे, लेकिन इसे संघीय सरकार ने अवरुद्ध कर दिया था।

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