ईरान के साथ जंग में क्या करेगा अमेरिका, कहां होगा निशाना; जानें तेहरान के पास क्या होंगे विकल्प
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तुलना बेमानी होगी। अमेरिका सैन्य ताकत के मामले में ईरान से मीलों आगे है। अब जब अमेरिका और ईरान के बीच जंग के आसार नजर आ रहे हैं तो चलिए समझते हैं कि इस जंग में क्या हो सकता है।
Iran-US Tensions: अमेरिका की सेना जैसे-जैसे मिडिल ईस्ट में बढ़ रही है ईरान को दुनिया की सबसे ताकतवर सेना के बड़े हमलों का खतरा है। अमेरिकी हमले में ईरान के नेताओं, सेना, न्यूक्लियर साइट्स और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जा सकता है। ईरान सैन्य ताकत के मामले में अमेरिका के सामने कहीं नहीं टिकता है। पिछले साल इजरायल की ओर से किए गए हमले और हाल के सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के बाद तेहरान और भी कमजोर हो गया है। इसके बाद भी ईरान अमेरिकी सेना और उसके साथियों को नुकसान पहुंचा सकता है और जब वजूद ही दांव पर हो तो रास्ता भी क्या होगा।
ईरान क्या कर सकता है?
ईरान को पिछले साल जून में बड़ा नुकसान हुआ था लेकिन इजरायल के अनुमान के मुताबिक, उसके पास अभी भी सैकड़ों मिसाइलें हैं जो इजरायल पर हमला कर सकती हैं। ईरान के पास कम दूरी की मिसाइलों का एक बहुत बड़ा जखीरा है। ये मिसाइलें खाड़ी देशों में अमेरिकी बेस और मिलिट्री ऐसेट्स को टारगेट कर सकती है। इतना ही नहीं ईरान ने पहले होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की धमकी दी थी, जो ग्लोबल ऑयल ट्रेड का बड़ा जलमार्ग है। हाल ही में मिलिट्री ड्रिल के दौरान उसने कुछ हद तक ऐसा ही किया था।
ईरान की चेतावनी?
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने चेतावनी दी थी कि ईरान अमेरिकी जंगी जहाजों को डुबो सकता है। इतना ही नहीं ईरान की ओर से यह भी कहा गया है कि अमेरिका के हमले से इलाके में जंग छिड़ जाएगी। ईरान के UN एम्बेसडर आमिर सईद इरावानी ने तो यहां तक कहा है कि "इलाके में दुश्मन सेना के सभी बेस, सुविधाएं और संपत्तियां" सही निशाना होंगी।
रुका नहीं था ईरान
पिछले साल जून में 12 दिनों की जंग के दौरान इजरायल ने ईरान के मिसाइल हथियारों के जखीरे, उसकी मिलिट्री लीडरशिप और न्यूक्लियर प्रोग्राम पर हमले किए थे। अमेरिका ने भी इस दौरान ईरान की मुख्य न्यूक्लियर साइट्स पर हमला किया था। प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने उस समय कहा था कि उन्हें 'खत्म' कर दिया गया है। ईरान ने लड़ाई रुकने तक इजरायल पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला करना जारी रखा था।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
इजरायल के इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल सिक्योरिटी स्टडीज में ईरान एक्सपर्ट डैनी सिट्रिनोविज ने कहा कि ईरान के कम दूरी के मिसाइल हथियारों के जखीरे को छुआ नहीं गया है। इससे ईरान कतर, सऊदी अरब, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात और दूसरी जगहों पर मौजूद अमेरिकी सेनाओं के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने के लिए और अधिक तैयार हो सकता है। अटलांटिक काउंसिल के ईरान स्ट्रैटेजी प्रोजेक्ट के हेड नेट स्वानसन ने फॉरेन अफेयर्स में लिखा, "ईरान कमजोर हो सकता है, लेकिन उसके पास अभी भी अमेरिका को असली दर्द देने के तरीके हैं।''
परेशान हैं अमेरिका के साथी
अमेरिकी साथी साफ तौर पर संभावित रीजनल वॉर को लेकर परेशान हैं। इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने इजरायल पर किसी भी ईरानी हमले का जोरदार जवाब देने की चेतावनी दी है। अरब खाड़ी देश लंबे समय से ईरान को चिंता की नजर से देखते रहे हैं और डिफेंस के लिए अमेरिका पर निर्भर रहे हैं। अरब खाड़ी देश वॉर में नहीं पड़ना चाहते है। सऊदी अरब और यूनाइटेड अरब अमीरात ने कहा है कि वो अपने एयरस्पेस का इस्तेमाल नहीं होने देंगे। अरब खाड़ी के एक डिप्लोमैट ने कहा है कि जंग टालने के लिए ईरान और अमेरिका से बात जारी है। डिप्लोमैट ने नाम न बताने की शर्त पर यह भी कहा कि ईरान पर हमले के गंभीर नतीजे हो सकते हैं।
यह भी पढ़ें:
अमेरिका से जंग की आहट के बीच ईरान दिखा रहा दम, लॉन्च कर दी खतरनाक मिसाइल; जानें कितनी है रेंज
