Iran Kheibar Missile: अमेरिका और ईरान जंग के मुहाने पर खड़े हैं। अमेरिका की ओर ईरान को बार-बार धमकी दी गई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने तेहरान को साफ मैसेज दिया है कि समझौता करो नहीं बुरे अंजाम के लिए तैयार रहो। अमेरिका की ओर से संभावित सैन्य कार्रवाई के खतरे के बीच ईरान ने भी अपनी मिसाइल ताकत दिखाई है। ईरान की ओर से बेहद खतरनाक बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की गई है।
ये है ईरान का घातक हथियार
ईरान की ओर से जिस मिसाइल को लॉन्च किया गया है वो सतह से सतह पर मार करने वाला चौथी पीढ़ी का घातक हथियार है। ईरान की इस खतरनाक मिसाइल का नाम खैबर है और इसकी रेंज 2000 किलोमीटर है। ईरान ने अपने इस घातक हथियार को गुप्त रखते हुए इसे बेहद सीक्रेट जगह पर लॉन्च किया है।
परमाणु हथियार नहीं बनाएगा ईरान
इस बीच यहां यह भी बता दें कि, जिनेवा में ओमान की मध्यस्थता में ईरान और अमेरिका के बीच अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता का तीसरा दौर शुरू हुआ है। तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने गुरुवार को साफ कहा है कि उनका देश परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा क्योंकि सर्वोच्च नेता अली खामेनेई ने ऐसे हथियारों के विकास प्रतिबंध लगा रखा है। राष्ट्रपति ने कहा कि किसी समाज का धार्मिक नेता राजनेताओं की तरह झूठ नहीं बोल सकता और जब उन्होंने घोषणा कर दी है कि हमारे पास परमाणु हथियार नहीं होंगे। इसका मतलब है कि हम इसे नहीं बनाएंगे।

खामेनेई ने जारी किया था फतवा
गौरतलब है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने 2000 के दशक की शुरुआत में एक फतवा जारी कर परमाणु हथियारों के विकास, उत्पादन और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। फिर भी, अमेरिका लगातार तेहरान पर परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश करने का आरोप लगाता रहा है। वर्तमान में चल रही वार्ता का यह तीसरा दौर इन मौजूदा मतभेदों को सुलझाने और एक कूटनीतिक समझौते तक पहुंचने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
किसका पलड़ा भारी?
फिलहाल जान लें कि, ईरान के पास जिस तरह मिसाइलें है वो क्षेत्रीय स्तर पर खतरनाक हैं। इजरायल और अमेरिका के पास अत्याधुनिक इंटरसेप्टर सिस्टम हैं, जो अधिकांश ईरानी मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर सकते हैं। अमेरिका की मिसाइल शक्ति तो वैश्विक स्तर पर है, जो ईरान के लिए मुकाबले से बाहर की बात है।
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