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चीन की सेना पर मंडरा रहा संकट, क्या जंग लड़ने के काबिल है जिनपिंग की आर्मी? रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

 Published : Feb 26, 2026 04:19 pm IST,  Updated : Feb 26, 2026 05:20 pm IST

चीन की सेना को लेकर लंदन स्थित इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज ने जो रिपोर्ट जारी की है उसमें बड़े खुलासे किए गए हैं। रिपोर्ट में भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए कहा गया है इसने सेना को प्रभावित किया है।

China Army- India TV Hindi
China Army Image Source : AP

China Military Crisis: चीनी सेना संकट में घिरती हुई नजर आ रही है। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) में चल रहे भ्रष्टाचार विरोधी अभियान की वजह से एक नए तरह का संकट उठ खड़ा हुआ है। कई हाल रिपोर्ट्स में इस तरह के दावे किए गए हैं कि चीन की सेना में चल रही भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई से उसकी सैन्य कमान व्यवस्था चरमरा रही है। इससे चीनी सेना की ताकत और उसके रिफॉर्म को लेकर किए जा रहे प्रयास प्रभावित हो सकते हैं।  भ्रष्टाचार विरोधी अभियान राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में शुरू हुआ है।

क्या कहती है रिपोर्ट?

लंदन स्थित इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज (IISS) की वार्षिक 'मिलिट्री बैलेंस' रिपोर्ट ने इस मुद्दे पर गंभीर दावे किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इस अभियान के कारण PLA के उच्च कमान में गंभीर कमियां उभरी हैं। जिनपिंग का भ्रष्टाचार विरोधी अभियान ने PLA के संराचत्मक ढांचे तक को हिला दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक बड़े पैमाने पर जांच के कारण PLA के उच्च पदों पर बड़ी कमियां उजागर हुई हैं और जब तक खाली पद भरे नहीं जाएंगे तब तक संगठनात्मक स्तर पर दिक्कत बनी रहेगी।

गहरी हैं PLA में भ्रष्टाचार की जड़ें 

PLA में भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी हैं, जो दशकों से चली आ रही हैं। 1980 और 1990 के दशक में, PLA व्यावसायिक गतिविधियों में संलग्न थी, जिससे भ्रष्टाचार फला-फूला। होटल, रियल एस्टेट और अन्य व्यवसायों से जुड़ी सेना के अधिकारियों ने व्यक्तिगत लाभ कमाए, जो सैन्य अनुशासन और क्षमता को कमजोर कर रहा था। शी ने इस पर कड़ा प्रहार किया, और 2015 से PLA की रिस्ट्रक्चरिंग शुरू की गई। इसमें थिएटर कमांड्स की स्थापना, सैन्य सेवाओं का पुनर्गठन और भ्रष्ट अधिकारियों की बर्खास्तगी शामिल है। अब तक, हजारों अधिकारियों को जांच के घेरे में लाया गया है, जिसमें दर्जनों जनरल स्तर के नेता शामिल हैं।

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Image Source : APChina Army

कई मोर्चों पर दिख रही समस्या

रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग की कार्रवाई के कारण समस्या सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC), क्षेत्रीय थिएटर कमांड, हथियार खरीद एजेंसियों और रक्षा अकादमिक संस्थानों तक फैल चुकी है। यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब हाल ही में चीन के 2 सबसे वरिष्ठ जनरल भी अनुशासनात्मक जांच के घेरे में आए हैं। इसे कई दशकों में चीन की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक इस तरह की कार्रवाई का असर जरूर पड़ेगा। हालांकि, IISS ने यह भी कहा है कि यह प्रभाव अस्थायी हो सकता है और सैन्य आधुनिकीकरण की प्रक्रिया तेज गति से जारी रहने की संभावना है।

चीन का भारी भरकम रक्षा बजट 

इस बीच यहां यह भी बता दें कि, PLA वैश्विक स्तर पर सक्रिय है, जैसे अफ्रीका और एशिया में सैन्य सहयोग। दक्षिण चीन सागर में द्वीप निर्माण। चीन का रक्षा बजट इस आधुनिकीकरण की रीढ़ है। IISS के अनुसार, 2025 में एशिया के कुल रक्षा खर्च में चीन की हिस्सेदारी 44 प्रतिशत पहुंच गई। चीन का आधिकारिक रक्षा बजट 2025 में 7.2 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1.67 ट्रिलियन युआन (करीब 230 बिलियन डॉलर) पहुंच गया, लेकिन वास्तविक खर्च इससे अधिक माना जाता है, क्योंकि अनुसंधान और विकास को अलग से फंड किया जाता है। IISS के मुताबिक रक्षा खर्च बढ़ने के बावजूद चीन  के सामने चुनौतियां बनी हुई हैं।

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