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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक भारत के साथ रिश्तों को करेंगे मजबूत, FTA पर दिया ये बयान

India-England Relationship & Rishi Sunak: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक भारत के साथ रिश्तों की नई इबारत लिखना चाहते हैं। वह भी पीएम मोदी के फैन हैं। हाल ही में इंडोनेशिया के बाली में जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी के साथ उनकी बेहद गर्मजोशी के साथ मुलाकात हुई थी।

पीएम मोदी के साथ ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक- India TV Hindi Image Source : PTI पीएम मोदी के साथ ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक

India-England Relationship & Rishi Sunak: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक भारत के साथ रिश्तों की नई इबारत लिखना चाहते हैं। वह भी पीएम मोदी के फैन हैं। हाल ही में इंडोनेशिया के बाली में जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी के साथ उनकी बेहद गर्मजोशी के साथ मुलाकात हुई थी। सुनक ने पीएम मोदी से मिलकर काफी प्रसन्नता जाहिर की थी। उन्होंने भारत और इंग्लैंड के रिश्तों के एक नई शुरुआत का संकेत तभी दे दिया था। अब दोनों देशों के बीच पूर्व विसंगतियों को दूर कर रिश्तों को नया आयाम देने का प्रयास शुरू हो गया है।

सुनक ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र के साथ संबंधों को मजबूत करने पर अधिक ध्यान देने की योजना के तहत भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर अपने देश की प्रतिबद्धता को दोहराया है। भारतीय मूल के नेता सुनक ने पिछले महीने प्रधानमंत्री पद का कार्यभार संभालने के बाद से मुख्य विदेश नीति के संबंध में सोमवार रात को पहली बार भाषण दिया। उन्होंने इस दौरान चीन के संदर्भ में ‘‘चीजों को अलग तरह से करने’’ का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि चीन ब्रिटेन के मूल्यों एवं हितों को ‘‘प्रणालीगत चुनौती’’ दे रहा है। सुनक ने कहा, ‘‘राजनीति में आने से पहले मैंने दुनियाभर के कारोबार में निवेश किया और हिंद-प्रशांत में अवसर काफी अच्छे हैं।

2050 तक हिंद-प्रशांत होगा वैश्विक विकास का गढ़
सुनक ने कहाकि ‘‘2050 तक वैश्विक विकास में आधे से अधिक योगदान हिंद-प्रशांत का होगा, जबकि यूरोप और नॉर्थ अमेरिका का योगदान एक चौथाई ही होगा। इसी लिए हम सीपीटीपीपी (प्रशांत-पार साझेदारी के लिए वृहद और प्रगतिशील समझौते) में शामिल हो रहे हैं। भारत के साथ नया एफटीए कर रहे हैं और इंडोनेशिया के साथ भी हमारा एक समझौता है।’’ सुनक ने कहा, ‘‘कई अन्य लोगों की तरह मेरे दादा-दादी, नाना-नानी पूर्वी अफ्रीका और भारतीय उपमहाद्वीप से ब्रिटेन आए और उन्होंने यहां अपना जीवन बनाया। हाल के वर्षों में, हमने हांगकांग, अफगानिस्तान और यूक्रेन से हजारों लोगों का स्वागत किया है। हमारा देश अपने मूल्यों के लिए खड़ा होता है और केवल कथनी से नहीं, बल्कि करनी से लोकतंत्र की रक्षा करता है।

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