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Hindi News विदेश यूरोप Russia Ukraine: जंग लड़ रहे यूक्रेनी सैनिकों को अपनी तस्वीर भेज रहीं यूक्रेन की महिलाएं, रूस को हराने के लिए क्यों अपनाया जा रहा ये अजीबो-गरीब तरीका?

Russia Ukraine: जंग लड़ रहे यूक्रेनी सैनिकों को अपनी तस्वीर भेज रहीं यूक्रेन की महिलाएं, रूस को हराने के लिए क्यों अपनाया जा रहा ये अजीबो-गरीब तरीका?

Ukraine Women Sending Pictures to Soldiers: यूक्रेन की सेना लगातार रूस की सेना के साथ अब भी जंग लड़ रही है। रूस ने यूक्रेन पर 24 फरवरी के दिन पहला हमला किया था। जिसके बाद से दोनों देशों के बीच जंग जारी है।

Ukraine Women Soldiers Pictures- India TV Hindi Image Source : AP Ukraine Women Soldiers Pictures

Highlights

  • यूक्रेन की महिलाएं सैनिकों को भेज रहीं तस्वीरें
  • मनोबल बढ़ाने के लिए टेलीग्राम पर हो रहीं शेयर
  • रूस के साथ जंग लड़ रहे हैं यूक्रेन के सैनिक

Russia Ukraine: रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग को 160 दिन से अधिक का समय हो गया है। खुद पर हुए हमले का जवाब देने के लिए यूक्रेन की सेना पूरी बहादुरी के साथ लड़ रही है। ये सैनिक आगे भी इसी तरह बहादुरी से लड़ते रहें और इनका मनोबल ऊंचा रहे, इसके लिए यूक्रेन की ही महिलाएं एक अजीबो-गरीब तरीका अपना रही हैं। महिलाएं पुतिन की सेना के खिलाफ लड़ रहे सैनिकों को अपनी अडल्ट तस्वीरें भेज रही हैं। इसके लिए बकायदा सोशल मीडिया साइट टेलीग्राम पर एक चैनल बनाया गया है, जहां महिलाएं अपनी तस्वीरें शेयर कर रही हैं। 

डेलीस्टार की रिपोर्ट के अनुसार, 39 साल की मनोवैज्ञानिक अन्ना राइमारेंको ने टेलीग्राम पर ये चैनल बनाया है। जिसका नाम पोस्टकार्ड्स फॉर किटन रखा गया है। इसके 400 से अधिक सब्सक्राइबर्स हैं। इसपर हर दिन 100 से अधिक तस्वीरें अपलोड की जाती हैं। यूक्रेन की भाषा में किटन का मतलब सैनिक से है। राजधानी कीव में रहने वाली अन्ना का कहना है कि ये चीजें युद्ध के बीच फंसे देश में कामुकता और प्यार वापस लाएंगी। अन्ना ने ये भी बताया कि यह विचार उन्हें आखिर आया कैसे।

कैसे आया तस्वीरों वाला ये विचार?

उन्होंने कहा कि उनके सेना के एक सहकर्मी ने उनसे मजाक में कहा था कि लड़कियां अपनी न्यूड तस्वीरें भेजकर सैनिकों का समर्थन क्यों नहीं करती हैं। इससे उनका जोश बढ़ेगा। इसी बात को सुनने के बाद उन्हें ये तस्वीर भेजने वाला विचार आया। अन्ना और उनकी दोस्त डारिया पावलोवस्का ने कहा कि सभी तरह की तस्वीरों का स्वागत है लेकिन किसी भी अश्लील सामग्री को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

यूक्रेन की सेना लगातार रूस की सेना के साथ अब भी जंग लड़ रही है। रूस ने यूक्रेन पर 24 फरवरी के दिन पहला हमला किया था। जिसके बाद से दोनों देशों के बीच जंग जारी है। वहीं लड़कियों की इन तस्वीरों को लेकर टिम नाम के एक सैनिक का कहना है, 'इस तरह का चैनल मुझे घर की याद दिलाता है। जब भी मैं इस चैनल को खोलता हूं, मैं घर लौटने का सपना देखने लगता हूं। शायद उस एक के लिए, जो मेरे लिए इंतजार कर रही है।' इस बीच राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की ने यूक्रेन दिवस के मौके पर वायु सेना के सैनिकों को पुरस्कार सौंपे हैं।

जहाजों को बाहर जाने की अनुमति दी गई

वहीं इस युद्ध से जुड़ी ताजा खबर ये है कि यूक्रेन में युद्ध के कारण फंसे कृषि माल ढोने वाले चार और जहाजों को रविवार को देश के काला सागर तट से बाहर जाने की अनुमति मिल गई है। विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि रूस सैनिकों और उपकरणों को बंदरगाहों की दिशा में आगे बढ़ा रहा है। यूक्रेन से अनाज प्राप्त करने और अफ्रीका, मध्य-पूर्व और एशिया के कुछ हिस्सों में लाखों गरीब लोगों तक इसे पहुंचाने से संबंधित अंतरराष्ट्रीय समझौते की निगरानी करने वाली इकाई ने कहा कि अनाज से लदे जहाजों के कोर्नोमोर्स्क और ओडेसा से सोमवार को प्रस्थान करने की उम्मीद है।

यूक्रेन, रूस, तुर्की और संयुक्त राष्ट्र ने पिछले महीने एक समुद्री चैनल बनाने के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे, जिससे मालवाहक जहाजों को उन बंदरगाहों से सुरक्षित रूप से यात्रा करने की अनुमति मिलेगी, जिन्हें रूस की सेना ने अवरुद्ध कर दिया था और उस जलक्षेत्र से भी जहां यूक्रेन की सेना ने बारूदी सुरंग बिछा दी थीं। पिछले सोमवार को पहला जहाज रवाना होने के बाद से चार महीने के लिए प्रभावी समझौते का कार्यान्वयन धीरे-धीरे आगे बढ़ा है। युद्ध के पिछले चार महीनों में रूस ने पूर्वी यूक्रेन के डोनबास क्षेत्र पर कब्जा करने पर ध्यान केंद्रित किया है, जहां मॉस्को समर्थक अलगाववादी आठ वर्षों से स्व-घोषित गणराज्यों के रूप में कुछ क्षेत्रों पर काबिज हैं।

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