अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव में अलास्का में कांटे की टक्कर में जीत हासिल कर ली है और इसके साथ ही उनके ‘इलेक्टोरल कॉलेज वोट’ बढ़कर 217 हो गए हैं। रिपब्लिकन पार्टी ने अलास्का की सीनेट सीट पर भी अपनी पकड़ कायम रखी और इसके साथ ही 100 सदस्यीय अमेरिकी सीनेट में से 50 उनके नाम है। ट्रंप को यहां 56.9 प्रतिशत वोट मिले और डेमोक्रेटिक पार्टी के अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन के नाम पर 39.1 प्रतिशत वोट पड़े।
‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप के ‘इलेक्टोरल कॉलेज वोट’ अब बढ़कर 217 हो गए हैं। वहीं तीन नवम्बर को अमेरिका में हुए राष्ट्रपति चुनाव में 543 में से 279 वोट हासिल करने वाले बाइडन को पहले ही विजेता घोषित किया जा चुका है।
डोनाल्ड ट्रंप ने हार स्वीकार नहीं की तब क्या होगा?
अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कभी हार स्वीकार नहीं करते, लेकिन राष्ट्रपति पद के चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बाइडेन की जीत के बाद अब उनके पास बस दो ही विकल्प हैं: या तो वह देश की खातिर गरिमापूर्ण तरीके से हार स्वीकार कर लें या ऐसा नहीं करने पर निकाले जाएं। चार दिन की कठिन मतणना के बाद बाइडेन की जीत के बावजूद ट्रंप अब भी यह स्वीकार करने को तैयार नहीं है कि उनकी हार हो चुकी है। उन्होंने ‘‘निराधार’’ आरोप लगाए हैं कि चुनाव निष्पक्ष नहीं था और ‘‘अवैध’’ मतों की गणना की गई। उन्होंने इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात की है। ट्रंप के कुछ निकटवर्ती सहयोगी उन्हें गरिमापूर्ण तरीके से हार स्वीकार करने के लिए राजी करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कुछ रिपब्लिकन सहयोगी उनकी हार स्वीकार नहीं कर पा रहे। दक्षिण कैरोलाइना से सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने एक समाचार चैनल से कहा, ‘‘ट्रंप हारे नहीं हैं। राष्ट्रपति जी, हार मत मानिए। मजबूती से लड़िए।’’ ट्रंप के निकटवर्ती लोगों का कहना है कि इस बात की उम्मीद नहीं है कि ट्रंप औपचारिक रूप से हार स्वीकार स्वीकार करेंगे, लेकिन अपने कार्यकाल के अंत में वह बेमन से व्हाइट हाउस खाली कर देंगे।
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