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Hindi News विदेश अमेरिका पीएम मोदी का US के कैनेडी सेंटर से दुनिया को संदेश; जो देश भारत से जितना जुड़ेगा, उसका उतना ही फायदा होगा

पीएम मोदी का US के कैनेडी सेंटर से दुनिया को संदेश; जो देश भारत से जितना जुड़ेगा, उसका उतना ही फायदा होगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज अमेरिका दौरे का आखिरी दिन है। वह थोड़ी देर में रोनाल्ड रीगन में भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका कैनेडी सेंटर में यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम को संबोधित किया।

नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री, भारत- India TV Hindi Image Source : PTI नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री, भारत

आज अमेरिका में प्रधानमंत्री मोदी के दौरे का आखिरी दिन है। पीएम मोदी ने कैनेडी सेंटर में यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कैनेडी सेंटर में मौजूद प्रतिभागियों से कहा कि आप ने दिखाया है कि संकल्प लेकर उसे सिद्धि में कैसे बदलते हैं। मैं आप सभी का अभिनंदन करता हूं। पीएम मोदी ने कहा कि मुझे अमेरिका आए चार दिन हो गए। मैं राष्ट्रपति बाइडेन समेत कई कंपनियों की सीईओ और दिग्गजों के साथ मुलाकत हुई। एक बात ने मुझे सबसे ज्यादा विश्वास दिया, वह है भारत और अमेरिका की साझेदारी। मैं दावे से कह रहा हूं कि यह पार्टनरशिप सिर्फ कन्वीनियंस की नहीं, बल्कि कन्विक्शन की है, कंपटीशन की है और यह एक बेहतर विश्व के लिए कमिटमेंट की है। इसकी बुनियाद, इसकी नींव आप हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत-अमेरिका के लोग इस साझेदारी की नींव हैं। अमेरिका के लिए भारत में जबरदस्त समर्थन। कल अमेरिकन कांग्रेस में भारत को जो सपोर्ट मिला। वह वाकई अभूतपूर्व है। हमारा विश्वास और मजबूत हो गया है कि हमारी साझेदारी 21वीं सदी की किस्मत बदल सकती है। हमने आजादी की 75 वीं वर्ष गांठ मनाई है। इस दौरान मोदी ने नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों ने विकसित भारत का संकल्प लिया है। हम भारत की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। हम चुनौती को भी चुनौती देते हैं। भारत के गरीबों को भी सशक्त कर रहे हैं। कोरोना काल में जिस तरह से भारत ने इस महामारी का सामना किया, वह भारत के सामर्थ्य को दिखाता है। पोस्ट कोविड काल में आज इकोनॉमी, सप्लाई चेन में दुनिया की क्या हालत है। इन सबके बावजूद भारत 7 फीसदी की ग्रोथ लेकर आगे बढ़ रहा है। यह ऐसे नहीं हुआ है।

भारत में चल रहा सुधारों का दौर

पीएम मोदी ने कहा कि भारत में रिफार्म का एक दौर चल रहा है। हम वित्तीय घाटे को नियंत्रित करते हुए लगातार कैपेक्स में वृद्धि कर रहे हैं। हमारा एक्सपोर्ट बढ़ रहा है। एफडीआइ का निवेश बढ़ता जा रहा है। पिछले साल अमेरिकी कंपनियों ने 16 बिलियन से ज्यादा निवेश किए हैं। भारत की सफलता का आधार भारत के लोगों की अकांक्षाएं हैं। यह अमेरिकी सपने से बहुत अलग नहीं है। भारत की जीडीपी में निजी कंजप्शन का शेयर डेढ़ दशक से अधिक हो गया है। भारत में अतिरिक्त गरीबी तेजी से खत्म हो रही है। भारत में न्यू मिडिल क्लास और मिडिल क्लास ऐसा वर्ग है, जिसका लगातार विस्तार हो रहा है। भारत के लोगों की यही अकांक्षाएं दोनों देशों के बीच बहुत बड़ी ताकत बनता जा रहा है।

भारत ने अमेरिका के लिए खोला संभावनाओं का द्वार

भारत ने अमेरिका के लिए भी नई संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं। एविएशन क्षेत्र में भारत की मांग बढ़ रही है। इसके लिए भारतीय कंपनियां अमेरिकी कंपनियों को ऑर्डर दे रही हैं। इसका लाभ अमेरिका का भी हो रहा है। यहां नौकरियां पैदा हो रही हैं। मेरी इस यात्रा में भारत-अमेरिका के डिफेंस सेक्टर को एक नई ऊंचाई मिली है। कल जब मैंने इस पर बात की तो पूरे सदन में तालियों की गड़गड़ाहट रुकने का नाम नहीं ले रही थी। राष्ट्रपति बाइडेन की दृगशक्ति के लिए पूरा सदन बधाई दे रहा था। भारत -अमेरिका की पार्टनरशिप एक मदद का नाता बना रहा है। एरिजोना में बनने वाला अपाचे हेलीकॉप्टर, हरकुलिस, पेन्सिलवेनिया के चिनूक हेलीकाप्टर भारत के साथ अमेरिका के डिफेंस सेक्टर को मजबूती दे रहे हैं। अमेरिका के शहरों को भारत से मदद मिल रही है। भारत की अकांक्षाएं अमेरिका अर्थव्य़वस्था को ताकत दे रही हैं। भारतीय कंपनियां भी अमेरिका में कई बिलियन डॉलर का निवेश कर रही हैं।

भारत-अमेरिका साझेदारी दोनों देशों के हित में

भारत की कंपनियों का फायदा अमेरिका के युवाओं और किसानों को हो रहा है। यह साझेदारी दोनों देशों और उसके लोगों के हित में भी है। इसलिए इसे मजबूत करना उतना ही आवश्यक है। बाइडेन सरकार इस दिशा में बेहतर कार्य कर रही है। आप देख रहे हैं कि 3 दिनों में इस साझेदारी को मजबूती देने के लिए सभी सेक्टरों में मजबूत कदम उठाए हैं। भारत-अमेरिका भरोसेमंद सहयोग के साथ आगे बढ़ रहे हैं। अब आप सभी बिजनेसमैन को आगे बढ़कर इसका लाभ उठाना है। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि भारत इन्फ्रास्ट्रक्चर पर इस वक्त 125 बिलियन डालर से ज्यादा निवेश कर रहा है। अमेरिका के लिए और आपके लिए भारत में असीम संभावनाएं हैं।

ग्राउंड तैयार कर दिया है, जितना खेलेंगे उतना खिलेंगे

पीएम मोदी ने कहा कि बाइडेन से 3 दिन में ऐतिहासिक मसलों पर बात हुई है। दोनों देशों की साझेदारी पर बात हुई है। टेक्नालोजी, बिजनेस, मैन्युफैक्चर्स, इन्नोवेटर्स को सीधा संदेश है कि यही अवसर है। भारत अमेरिका की सरकारों ने आपके लिए खेत जोतने का कार्य कर दिया है। यानि ग्राउंड तैयार कर दिया है। इसमें जो जरूरी होगा, उसे आगे भी हम करते रहेंगे। इस ग्राउंड पर खुलकर खेलने और खिलने की जिम्मेदारी आपकी है। जो खेलेगा वही खिलेगा। मुझे विश्वास है कि आप यह मौका नहीं छोड़ेंगे। इसका लाभ उठाएंगे। मैं भरोसा देता हूं कि भारत में आपको बेहतर अवसर और माहौल है। भारत में बिजिनेस आसान है। इतिहास गवाह है, जब जब भारत मजबूत हुआ है, तब-तब दुनिया मजबूत हुई है। महामारी में जब दुनिया को जरूरत थी तो भारत ने अपना प्रोडक्शन बढ़ाकर दुनिया के 150 देशों को दवाइयां भेजी। भारत ने 100 ज्यादा देशों को वैक्सीन पहुंचाई थी। हमारा दिल बड़ा है। विश्व शांति के प्रति हमारा कमिटमेंट उससे भी ज्यादा बड़ा है।

भारत दुनिया का सबसे युवा और टैलेंटेड देश

पीएम मोदी ने कहा कि साथियों आप इस बात के साक्षी हैं कि महामारी ने वैश्विक स्तर पर कितना नुकसान पहुंचाया है। आज हर कोई शक कर रहा है कि जब मुझे जरूरत होगी तो मेरा साथ कौन देगा। कोरोना ने शरीर के साथ मन पर भी गहरा आघात किया है। भारत इस दौरान भी दुनिया के साथ खड़ा है। भारत के लिए आने वाली चुनौती का सबसे बड़ा समाधान है। इससे मैनपावर ही प्रभावित नहीं होती, बल्कि यह कंजप्शन, इन्नोवोशन को भी प्रभावित करती है। आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा युवा देश और युवा टैलेंट है। दुनिया की सबसे बड़ी स्किल्ड और प्रोफेशनल फोर्स भारत के पास है। इसलिए जो भी देश जितना भारत से जुड़ेगा, उसका उतना ही फायदा होगा।

तेजी से हो रहा भारत का विकास

पीएम मोदी ने कहा कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत में हर दिन एक नई यूनिवर्सिटी बन रही है। अटल टनल खोली जा रही है। हर दिन नया कालेज, आइटीआइ बन रहा है। हर साल एक नया आइआइटी और नया आइआइएम बन रहा है। यहां से निकला टैंलेंट दुनिया की भलाई के लिए काम कर रहा है। पूरी दुनिया में भारतीय अहम भूमिका में नजर आते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत-अमेरिका की साझेदारी दुनिया की डेस्टिनी बदलने का सामर्थ्य रखता है। मैं आपको भारत की इस विकास यात्रा में साथ चलने के लिए एक बार फिर से आमंत्रित करता हूं। मैंने एक बार लाल किले से कहा था कि "यही समय है, सही समय है।"

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