1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. जीवन बीमा कंपनियों को पेंशन, स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी बेचने की अनुमति मिले: HDFC लाइफ चेयरमैन

जीवन बीमा कंपनियों को पेंशन, स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी बेचने की अनुमति मिले: HDFC लाइफ चेयरमैन

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Jul 19, 2021 11:11 pm IST,  Updated : Jul 19, 2021 11:11 pm IST

एचडीएफसी लाइफ के चेयरमैन दीपक पारेख ने सोमवार को कहा कि देश में नियामकों को जीवन बीमा कंपनियों को पेंशन और स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी बेचने की अनुमति देनी चहिए।

जीवन बीमा कंपनियों को पेंशन, स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी बेचने की अनुमति मिले: HDFC लाइफ चेयरमैन- India TV Hindi
जीवन बीमा कंपनियों को पेंशन, स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी बेचने की अनुमति मिले: HDFC लाइफ चेयरमैन Image Source : FILE

नयी दिल्ली: एचडीएफसी लाइफ के चेयरमैन दीपक पारेख ने सोमवार को कहा कि देश में नियामकों को जीवन बीमा कंपनियों को पेंशन और स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी बेचने की अनुमति देनी चहिए। उन्होंने कहा कि इससे देश में बीमा की पहुंच बढ़ेगी। पारेख ने कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कहा कि आज बीमा कंपनियां अपनी शाखाओं और कर्मचारियों के जरिये केवल जीवन बीमा पॉलिसी बेच सकती हैं। वे उदाहरण के लिये राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत एनपीएस या स्वास्थ्य बीमा नहीं बेच सकती हैं। 

उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया भर में, पेंशन और स्वास्थ्य कवर दोनों ही जीवन बीमा का हिस्सा हैं। क्योंकि पेंशन जहां लोगों को सेवानिवृत्ति के बाद मजबूत सहारा प्रदान करती है वहीं स्वास्थ्य बीमा बीमारी पर खर्च के जोखिम से बचाते हैं जीवन बीमाकर्ताओं को स्वास्थ्य बीमा, एनपीएस जैसे उत्पादों को वितरित करने की अनुमति देने से देश भर में बीमा की पहुंच में बढ़ाने में मदद मिलेगी।’’ वित्त वर्ष 20220-21 में कंपनी के प्रदर्शन के बारे में उन्होंने कहा कि महामारी प्रभावित वर्ष में एचडीएफसी लाइफ ने करीब 4 करोड़ जीवन बीमा किये और 2.9 से अधिक मृत्यु दावों का निपटान किया। 

उन्होंने कहा, ‘‘इसके परिणामस्वरूप लाभार्थियों को कुल (वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान) 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया।’’ पारेख ने यह भी कहा कि कंपनी ने पिछले 15 महीनों में 17 कर्मचारियों और 38 वित्तीय सलाहकारों को खो दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन भारत कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के बाद अब तेजी पुनरूद्धार की ओर बढ़ने को तैयार है।’’ पारेख ने कहा कि निम्न तुलनात्मक आधार से वित्त वर्ष 2021-22 में आर्थिक वृद्धि दर 8-10 प्रतिशत रहेगी।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा