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दफ्तर लीजिंग मॉडल पर कोरोना का असर, 25 फीसदी तक घटा किराया

देश में कॉमर्शियल ऑफिस एरिया लीजिंग के लिए 2019 सबसे अच्छा साल रहा, जब करीब 4.5 करोड़ वर्ग फीट की लीजिंग हुई थी, लेकिन इस साल जनवरी से लेकर अक्टूबर तक महज 1.4 करोड़ वर्ग फुट की लीजिंग हुई है। कोरोना की वजह से कंपनियां कम किराए की जगहों पर शिफ्ट हो रही हैं।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Published on: November 08, 2020 18:16 IST
ऑफिस के किरायों में...- India TV Paisa
Photo:PTI

ऑफिस के किरायों में गिरावट

नई दिल्ली| कोरोना महामारी के कहर से देश के महानगरों में दफ्तर लीजिंग बिजनेस मॉडल काफी प्रभावित हुआ है। देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर के प्राइम लोकेशन पर दफ्तरों के किराये में 25 फीसदी तक की गिरावट आई है। कॉमर्शियल रियल स्टेट के जानकार बताते हैं कई सारी कंपनियां अपनी लागत कम करने के लिए प्राइम लोकेशन से रिमोट लोकेशन की तरफ जाने लगी हैं, जहां उनको किफायती दरों पर ऑफिस स्पेस मिल रहा है। यूनिटी ग्रुप के डायरेक्टर हर्ष बंसल ने आईएएनएस को बताया, "कोरोना महामारी से लीजिंग बिजनेस मॉडल काफी प्रभावित हुआ और ऑफिस बिल्डिंग के किराये में 20 से 25 फीसदी की गिरावट आई है। ऑफिस के जो नये रेंटल आ रहे हैं उनमें 20 से 25 फीसदी की गिरावट आई है।"

उन्होंने बताया, "छोटे ऑफिस की मांग थोड़ी बनी है, जो लोग वर्क फ्रॉम होम से परेशान हो गए हैं वे छोटे ऑफिस एरिया की तलाश करने लगे हैं।" रियल स्टेट कंसल्टेंट धर्मेद्र जैन ने भी बताया कि लीजिंग मॉडल में दफ्तरों के किराये में 20 से 25 फीसदी की कमी आई है। जैन ने कहा, "जो लोग बड़े ऑफिस में बैठते थे वे अब अपनी लागत कम करने के लिए छोटे ऑफिस एरिया की तलाश कर रहे हैं। जो छोटे ऑफिस एरिया में काम नहीं कर सकते हैं और कनॉट प्लेस जैसे प्राइम लोकेशन पर बड़े ऑफिस का किराया नहीं दे पा रहे हैं वे या तो उसे छोड़कर गुड़गांव या नोएडा जा रहे हैं या किराया में कटौती की मांग कर रहे हैं।"

दफ्तरों के किराये में कटौती की मांग वे कंपनियां कर रही हैं जिनकी लीज की अवधि समाप्त होने के बाद उनको इसे रीन्यू करना पड़ रहा है। अग्रणी रियल स्टेट सर्विस कंपनी एनारॉक के डायरेक्टर व रिसर्च हेड प्रशांत ठाकुर ने बताया, "देश में कॉमर्शियल ऑफिस एरिया लीजिंग के लिए 2019 सबसे अच्छा साल रहा, जब करीब 4.5 करोड़ वर्ग फीट की लीजिंग हुई थी, लेकिन इस साल जनवरी से लेकर अक्टूबर तक महज 1.4 करोड़ वर्ग फुट की लीजिंग हुई है। इस प्रकार, कोरोना के कारण लीजिंग बिजनेस मॉडल काफी प्रभावित हुआ है और इस समय कोई नया लीज नहीं हो रहा है।"

ठाकुर ने कहा, "भारत में कॉमर्शियल ऑफिस एरिया की जो लीजिंग होती है, उसमें 45 फीसदी अमेरिकी कंपनियां हैं। अभी ट्रैवलिंग पर प्रतिबंध है, इसलिए नई कोई लीजिंग नहीं हो रही है, बल्कि जहां लीज एक्सपायर हो गई है वहां लीज रिन्यू हो रहा है।" उन्होंने कहा कि ऑफिस एरिया लीजिंग बिजनेस में 2021 की पहली छमाही तक सुस्ती ही रहने की संभावना है, उसके बाद ही इसमें तेजी की उम्मीद की जा सकती है।

कोरोना काल में वर्क फ्रॉर्म होम का कल्चर विकसित होने से भी कॉमर्शियल ऑफिस एरिया लीजिंग बिजनेस मॉडल पर असर पड़ा है। खासतौर से आईटी कंपनियों ने इस कल्चर को ज्यादा अपनाया है। हालांकि जानकार बताते हैं कि वर्क फ्रॉम होम को कंपनियां स्थाई समाधान नहीं मान रही है, लेकिन कुछ कंपनियां 10 फीसदी वर्कफोर्स के लिए वर्क फ्रॉर्म होम कल्चर अपनाने के लिए पॉलिसी बना रही हैं।

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