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वित्तमंत्री की शीर्ष उद्योगपतियों से पहली बजट-पूर्व वार्ता, महामारी के बाद रिकवरी पर जोर

कोटक महिंद्रा बैंक के उदय कोटक सहित बायोकॉन की किरण मजूमदार शॉ आदि बड़े उद्योगपतियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित बैठक में भाग लिया। वित्तमंत्री के साथ, वित्त सचिव ए.बी. पांडे, सचिव डीईए, तरुण बजाज, मुख्य आर्थिक सलाहकार के. सुब्रमण्यन आदि वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Updated on: December 14, 2020 17:04 IST
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Photo:PTI

वित्त मंत्री की उद्योग से पहली बजट पूर्व मुलाकात

नई दिल्ली | केंद्रीय बजट बनाने की प्रक्रिया चल रही है, जिसके तहत वित्त मंत्री ने अर्थव्यवस्था से जुड़े अहम पक्षों के साथ बजट पूर्व वार्ता शुरू कर दी है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को शीर्ष उद्योगपतियों के साथ बजट-पूर्व परामर्श किया। बैठक इस लिहाज से अहम रही कि यह उद्योग जगत और सरकार के लिए सुधार के महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान करने का एक सुअवसर बनी। बैठक में आए सुझाव महामारी की वजह से प्रभावित अर्थव्यवस्था में मजबूती लाकर विकास के मार्ग को प्रशस्त करेंगे। कोरोना संकट को देखते हुए इस बार बजट पूर्व वार्ता ऑनलाइन और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जा रही हैं। आज की बैठक से मिले उद्योगों के विचार वित्तीय वर्ष 2021 के लिए सरकारी बजट तैयार करने में महत्वपूर्ण इनपुट के तौर पर इस्तेमाल किए जाएंगे। सूत्रों ने बताया कि कोटक महिंद्रा बैंक के उदय कोटक सहित बायोकॉन की किरण मजूमदार शॉ आदि बड़े उद्योगपतियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित बैठक में भाग लिया। वित्तमंत्री के साथ, वित्त सचिव ए.बी. पांडे, सचिव, डीईए, तरुण बजाज, मुख्य आर्थिक सलाहकार के. सुब्रमण्यन आदि वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।

कोरोना संकट को देखते हुए सरकार ने इस साल बजट के लिए सुझाव और बैठकों को लेकर अहम बदलाव किए हैं। वित्त मंत्रालय अगले बजट की तैयारी के सिलसिले में विभिन्न उद्योग संगठनों और विशेषज्ञों से सुझाव ई- मेल के जरिये ले रहा है। इसके अलावा इस बार आम जनता से भी सुझाव मांगे गए।  बजट से पहले सरकार अर्थव्यवस्था से जुड़े हर पक्ष से सलाह लेती है। इसके लिए बजट पेश होने से काफी पहले से ही इसकी तैयारी शुरू कर दी जाती है। वित्त मंत्री सभी सेक्टर से उनका मांगे और सलाह जानने के लिए मुलाकात करते हैं। कई राउंड में चलने वाली इन बैठकों से मिलने वाले सुझावों का इस्तेमाल बजट तैयार करने में किया जाता है। हालांकि इस साल कोरोना के असर की वजह से बैठकों की संभावना नहीं है इसलिए सरकार ने ई-मेल के जरिए सुझाव मंगाने की शुरुआत कर दी है। अनुमान है कि दिसंबर अंत तक कोरोना संकट काफी हद तक नियंत्रण में आ जाएगा। वहीं जनवरी से कोरोना वैक्सीन भी मिलनी शुरू  हो जाएगी। ऐसे में आने वाला बजट काफी अहम रहेगा क्योंकि उद्योगों को वापस रिकवरी की राह पकड़ने के लिए और गति वापस पाने के लिए बजट से काफी उम्मीदें होंगी।

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